कोलकाता में फुटपाथ पर कब्जा जमानेवालों के खिलाफ कार्रवाई करेगा निगम

फुटपाथ से अवैध कब्जा को हटाने के लिए निगम के उक्त विभाग के अधिकारियों को सड़क पर उतर कर अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है. फुटपाथ पर अतिक्रमण करनेवाले लोगों को पहले नोटिस भेजकर अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया जायेगा.
कोलकाता में फुटपाथ पर अवैध कब्जा जमाने वाले लोगों की अब खैर नहीं, क्योंकि कोलकाता नगर निगम ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती बरतेगा और कानूनी कार्रवाई करेगा. फुटपाथ पर अतिक्रमण करनेवाले लोगों को पहले नोटिस भेजकर अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया जायेगा. इसके बाद भी अगर अवैध कब्जा नहीं हटाया गया, तो ऐसे लोगों के खिलाफ स्थानीय थाने में एफआइआर दर्ज करायी जायेगी. ज्ञात हो कि महानगर के अधिकतर फुटपाथों पर दुकानदार या हॉकर अवैध रुप से कब्जा जमाये हुए हैं.
इससे पैदल चलनेवालों को परेशानी होती है. साथ ही इन फुटपाथों की साफ-सफाई के दौरान निगम के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग के कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसे देखते हुए निगम आयुक्त विनोद कुमार ने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया है. फुटपाथ पर अवैध कब्जा ना हो, इसके लिए निगम के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग के साथ बिल्डिंग व सिविल विभाग के अधिकारियों को साथ मिल कर कार्य करने का निर्देश दिया गया है.
इसके साथ ही निगम के मार्केट विभाग के अधिकारियों को भी उक्त विभागों के साथ समन्वय रखने का निर्देश दिया गया है. फुटपाथ से अवैध कब्जा को हटाने के लिए निगम के उक्त विभाग के अधिकारियों को सड़क पर उतर कर अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है.
महानगर में जल्द ही 19 हॉकरों को कोलकाता नगर निगम द्वारा वेंडिंग लाइसेंस जारी किया जायेगा. प्रथम चरण में गरियाहाट, न्यूमार्केट और हाथीबागान के हॉकरों को वेंडिंग लाइसेंस प्रदान किया जायेगा. वहीं लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए पहले इन हॉकरों को 2500 रुपये निगम को भुगतान करना होगा. इनमें 500 रुपये वेंडिंग लाइसेंस के लिए और दो हजार रुपये यूजर टैक्स के लिए भुगतान करना होगा. इसके बाद हर दो से तीन साल के अंतराल पर लाइसेंस रिन्यू कराना होगा.
वहीं यूजर टैक्स के तौर पर हर साल ही दो हजार रुपये निगम को भुगतान करना होगा. हॉकर्स संग्राम कमेटी के महासचिव शक्तिमान घोष ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हॉकरों से मिलने वाली राशि का उनके वेलफेयर पर ही खर्च किया जायेगा. उन्होंने बताया कि कोलकाता व इसके आस-पास के इलाकों में हॉकरों की संख्या करीब दो लाख 75 हजार है, जबकि वर्ष 2015 में सर्वे में 58 हजार हॉकर्स शामिल हुए थे. वर्ष 2015 के बाद सर्वे नहीं हुआ है.
उन्होंने बताया कि साल 2015 के सर्वे में जिन हॉकरों का नाम है उन्हें पहले वेंडिंल लाइसेंस जारी किया जायेगा. इसके बाद अन्य हॉकरों के नाम लाइसेंस जारी किया जायेगा.
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By Prabhat Khabar News Desk
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