झारखंड: सीएम हेमंत सोरेन ने बीजेपी पर साधा निशाना, बोले-20 साल शासन कर बना दिया पिछड़ा, हम मिटाएंगे कलंक

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य के विकास को लेकर गाढ़ी लकीर खींची है और हम झारखंड के माथे पर लगे पिछड़ा राज्य के कलंक को भी मिटाएंगे. वे मंगलवार को कोडरमा के बागीटांड़ स्टेडियम में आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार के तीसरे चरण में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
कोडरमा, विकास: सीएम हेमंत सोरेन ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड में शासन करने वाली पूर्ववर्ती सरकारों ने यहां के विकास के लिए कुछ नहीं किया. विश्व की सबसे बड़ी पार्टी कहलानेवालों ने यहां बीस साल तक शासन कर सिर्फ झारखंड का खून चूसा. राज्य को ताकतवर बनाने का प्रयास नहीं किया. यही कारण है कि झारखंड देश का सबसे पिछड़ा राज्य बन गया. यह वीरों की धरती है. हमारी सरकार ने राज्य के विकास को लेकर गाढ़ी लकीर खींची है और हम झारखंड के माथे पर लगे पिछड़ा राज्य के कलंक को भी मिटाएंगे. वे मंगलवार को कोडरमा के बागीटांड़ स्टेडियम में आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार के तीसरे चरण में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. सीएम हेमंत सोरेन अपने संबोधन के दौरान बिना किसी का नाम लिए पूरी तरह हमलावर दिखे. उन्होंने कहा कि बड़ी पार्टी ने बीस साल तक बेवकूफ बनाया. मुश्किल से हमारी सरकार बनी है. खनिज संपदा से राज्य भरा हुआ है, पर हमारे लोग दूसरे जगह पलायन के लिए मजबूर हैं. 2025 में झारखंड युवा राज्य होगा. हमारी नजर है कि झारखंड से पिछड़ापन का कलंक मिटाएं. उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में भूख से मौत हुई. हमारे समय में कोरोना जैसी महामारी आई, पर किसी की भूख से मौत नहीं हुई.
पहले चरण में 35 लाख फिर दूसरे चरण में 55 लाख आए आवेदन
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि पूर्व की सरकार ने 11 लाख राशन कार्ड रद्द कर दिए थे. हमने बीस लाख अतिरिक्त कार्ड बनाया. सरकार आपके द्वार में पहली बार वर्ष 2021 में आयोजित शिविरों में 35 लाख, 2022 में आयोजित शिविरों में 55 लाख लोगों ने आवेदन दिए. इससे पता चलता है कि हम लोगों के हेडमास्टर सही नहीं होते थे. बोरा भर कर जनप्रतिनिधियों के पास समस्या पहुंचती थी, लेकिन कुछ होता नहीं था. हमारी सरकार में सबकी उम्मीद जगी है. मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के माध्यम से 433 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास उद्घाटन किया, जबकि करीब 11 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण किया. कार्यक्रम को श्रम नियोजन मंत्री सत्यानंद भोक्ता, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, बरकट्ठा विधायक अमित यादव व अन्य ने भी संबोधित किया.
जितना बड़ा आदमी उतना बड़ा झूठ
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने बौद्धिक, सामाजिक, शैक्षणिक व आर्थिक मजबूती के लिए काम नहीं किया. आज महंगाई आसमान पर है और ये हर काम में रोड़ा लगा रहे हैं. चुनाव आने वाले हैं. झूठ बोले जाएंगे. आप सभी आंखों की पट्टी खोलिए. जितना बड़ा आदमी उतना बड़ा झूठ. उन्होंने कहा कि हमारे यहां कोयला निकलता है. कोयले का एक लाख 36 हजार करोड़ रुपये केंद्र नहीं दे रहा है. मांगना गलत है क्या? मांगने पर भी राशि नहीं मिल रही. इससे तकलीफ होती है. वैसे यह राशि मिल जाती तो हम 1200 का सिलेंडर 500 में देते, 15 लाख नौजवानों को स्वरोजगार के लिए दस-दस लाख देते, नहर सिंचाई का साधन बनवाता, सात पीढ़ी बैठकर खाती. सीएम ने घोषणा की कि हम हर साल 500 बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजेंगे.
वनाधिकार कानून बदल लोगों को बेदखल करना चाहते हैं
सीएम ने पर्यावरण असंतुलन पर चिंता जताते हुए कहा कि आज पर्यावरण परिवर्तन का हाल देखिए. अभी दिसंबर माह में भी ठंड नहीं पड़ रही. जल, जंगल व जमीन से छेडछाड़ करेंगे तो यही दिन देखना होगा. जल, जंगल-जमीन को कैसे बचाना है यह आदिवासी मूलवासी को पता है. केंद्र की सरकार को किसानों के भारी विरोध के बाद काला कृषि कानून को वापस लेना पड़ा. वैसे ये देश के अन्नदाता को ही मार देना चाहते हैं. अब षडयंत्रकारी सुनियोजित तरीके से वनाधिकार कानून बदल लोगों को बेदखल करना चाहते हैं, हमें सजग रहना होगा नहीं तो जीवन भर रोएंगे.
कमांड एरिया से हटेगा डीवीसी का लाइन
सीएम ने कहा कि हमारा हजारों करोड़ नहीं दे रहे, पर बकाया नहीं देने पर डीवीसी बिजली काट देती है. कमांड एरिया के सात जिलों कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह आदि की समस्या का पूरा समाधान हो रहा है. हम अपना ट्रांसमिशन लाइन तैयार कर रहे हैं. करीब एक सवा वर्ष में यह तैयार हो जाएगा, वैसे ये ब्लैकमेल करते हैं यह आगे नहीं होगा.
अभ्रक व्यवसाय को पैरों पर खड़ा करुंगा
सीएम ने कोडरमा-गिरिडीह का मुख्य रोजगार का साधन अभ्रक-ढिबरा व्यवसाय को लेकर भी बात रखी. उन्होंने कहा कि हमने इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए व्यवस्था को ठीक करने का प्रयास किया, लेकिन षडयंत्रकारियों ने चतुराई से इस पर पानी फेर दिया़ अभ्रक में यूरेनियम पाया जाता है की नई बात सामने लाकर उलझा दिया है. यूरेनियम है या नहीं अब इसकी रिपोर्ट ही नहीं दे रहे. कुछ लोग इस समस्या का निदान नहीं चाहते, दो नंबर कर अपना जेब भरना चाहते हैं. वैसे मैं इसका भी निदान निकालूंगा. अभ्रक व्यवसाय को पैरों पर खड़ा करुंगा.
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लेखक के बारे में
By Guru Swarup Mishra
मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.
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