Chhath Puja 2020 Date,Time: आज है छठ पूजा, यहां जानें सूर्योदय से सूर्यास्त तक का शुभ मुहूर्त, विधि और मंत्र…
Chhath Puja 2020 Date,Time, Kharna, Nahay khay,Puja Samagri, Prasad, Puja Vidhi, Vrat Niyam, Mantra, sham-subah arghay Samay, suryoday and suryast time arghay: छठी मैया की उपासना का महापर्व शुरू हो चुका है. आज इस पर्व का दूसरा दिन खरना है. यह महापर्व चार दिनों का होता है. ये व्रत संतान प्राप्ति और संतान की मंगलकामना के लिए रखा जाता है. छठ पूजा की तैयारियां बहुत पहले से ही शुरू हो जाती हैं. छठ पूजा में पूजा सामग्री का विशेष महत्व होता है और महिलाएं बहुत पहले से ही इन सामग्रियों की लिस्ट बना लेती हैं. छठ पूजा की इन सामग्रियों की तैयारी कर लेने पर आपको पूजा करने में आसानी होगी. आइए जानते है छठ मैया की पूजा के लिए पूरी सामग्री लिस्ट, पूजा विधि, व्रत नियम, मंत्र के साथ पूरी डिटेल्स…
डूबते सूर्य को अर्घ्य देने का शुभ समय
आज षष्ठी तिथि है. इस दिन संध्या अर्घ्य देने का मुहूर्त सबसे प्रमुख होता है. संध्या अर्घ्य मुहूर्त में सूर्यास्त के समय सूर्य देव को जल चढ़ाया जाता है. वहीं अगले दिन सप्तमी को ऊषा अर्घ्य मुहूर्त महत्वपूर्ण है. इसमें उगते हुए सूर्य को जल चढ़ाने का विधान है. षष्ठी तिथि के दिन सूर्यास्त का समय शाम 05 बजकर 26 मिनट पर है.
छठी घाट पर ले जानें के लिए बनाएं ठेकुआ
ठेकुआ, मालपुआ, खीर, खजूर, चावल का लड्डू और सूजी का हलवा आदि छठ मइया को प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है.
यहां जानें क्या होता है खरना
यह पर्व चार दिन तक मनाया जाता है. इस पर्व का दूसरा दिन खरना होता है. खरना का मतलब शुद्धिकरण होता है. जो व्यक्ति छठ का व्रत करता है उसे इस पर्व के पहले दिन यानी खरना वाले दिन उपवास रखना होता है. इस दिन केवल एक ही समय भोजन किया जाता है. यह शरीर से लेकर मन तक सभी को शुद्ध करने का प्रयास होता है. इसकी पूर्णता अगले दिन होती है.
यहां जानें खरना में प्रसाद ग्रहण करने का नियम
खरना पर प्रसाद ग्रहण करने का भी विशेष नियम है. जब खरना पर व्रती प्रसाद ग्रहण करता है तो घर के सभी लोग बिल्कुल शांत रहते हैं. चूंकि मान्यता के अनुसार, शोर होने के बाद व्रती खाना खाना बंद कर देता है. साथ ही व्रती प्रसाद ग्रहण करता है तो उसके बाद ही परिवार के अन्य लोग भोजन ग्रहण करते हैं.
खरना पर बनती है रसिया (खीर)
खरना के दिन रसिया का विशेष प्रसाद बनाया जाता है. यह प्रसाद गुड़ से बनाया जाता है. इस प्रसाद को हमेशा मिट्टी के नए चूल्हे पर बनाया जाता है और इसमें आम की लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है. खरना वाले दिन पूरियां और मिठाइयों का भी भोग लगाया जाता है.
छठ पूजा मुहूर्त 2020
20 नवंबर संध्या अर्घ सूर्यास्त का समय 05 बजकर 25 मिनट पर
21 नवंबर उषा अर्घ सूर्योदय का समय 06 बजकर 48 मिनट पर
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए