Gangs of Wasseypur फिल्म का IIT Dhanbad पर पड़ रहा असर, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' याद है आपको. धनबाद के वासेपुर में गैंगवार की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म में हिंसक दृश्यों की भरमार थी. इतनी ज्यादा कि पूरे क्षेत्र को लेकर लोगों के दिमाग में ऐसी छवि बनी कि 10 साल बाद भी इससे उबरना मुश्किल लग रहा है. इसका असर आईआईटी-धनबाद में भी पड़ रहा है.
Dhanbad News: साल 2012 में आयी फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ (Gangs of Wasseypur) याद है आपको. धनबाद के वासेपुर में गैंगवार की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म में हिंसक दृश्यों की भरमार थी. इतनी ज्यादा कि पूरे क्षेत्र को लेकर लोगों के दिमाग में ऐसी छवि बनी कि 10 साल बाद भी इससे उबरना मुश्किल लग रहा है. यह बात हम नहीं, आईआईटी-धनबाद (IIT Dhanbad) के डायरेक्टर प्रो राजीव शेखर कह रहे हैं. प्रो शेखर आगे कहते हैं कि संस्थान में बाहर से महिला शिक्षिकाएं नहीं आना चाहती हैं और इसके लिए काफी हद तक अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ जिम्मेवार है. इस फिल्म की वजह से बाहर में रहनेवाले लोग धनबाद की गलत छवि अपने मन में बना लेते हैं. हालांकि अब धीरे-धीरे हालात बेहतर हो रहे हैं. पिछले चार वर्षों में 126 नये शिक्षक नियुक्त किये गये हैं. इनमें से 93 ने संस्थान में योगदान दिया है, लेकिन जिन शिक्षकों यहां योगदान नहीं दिया है और उनमें अधिकतर महिलाएं हैं.
निदेशक प्रो राजीव शेखर ने बताया कि संस्थान के समक्ष कई चुनौतियां हैं. संस्थान में देश के टॉप आइआइटी के मुकाबले शिक्षक छात्र रेशियो कम है. अभी संस्थान में 20 विद्यार्थी पर एक शिक्षक हैं. जबकि टॉप आइआइटी में यह अनुपात 15 विद्यार्थी पर एक है. इस अनुपात को बेहतर बनाने के लिए संस्थान द्वारा लागातार प्रयास किये जा रहे हैं. पिछले चार वर्षों में 126 नये शिक्षक नियुक्त किये गये हैं. इनमें से 93 ने संस्थान में योगदान दिया है. लेकिन जिन शिक्षकों यहां योगदान नहीं दिया है. उनमें अधिकतर महिलाएं हैं.
कैंपस विस्तार करने के लिए झारखंड के एकमात्र आईआईटी, आईआईटी-आईएसएम धनबाद को निरसा में करीब 200 एकड़ जमीन मिली है. लेकिन अब तक यह संस्थान के कब्जे में नहीं आ सकी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार 200 एकड़ में से महज 67 एकड़ जमीन ही अतिक्रमण मुक्त है. शेष जमीन में एक फायर ब्रिक्स की फैक्टरी है. साथ बीच ही बीच में रैयत जमीन है. संस्थान फिलवक्त कैंपस के चारों ओर चहारदीवारी बना रहा है, जिसमें जिला प्रशासन का पूरा सहयोग मिल रहा है. उम्मीद जतायी जा रही है कि जल्द ही यह जमीन संस्थान को मिल जायेगी. इसके मिलते ही इसे विकसित करने का काम शुरू कर दिया जायेगा.
आइआइटी आइएसएम अपना 41वां दीक्षांत समारोह दो दिन आयोजित कर रहा है. यह आयोजन 13 अगस्त और 14 अगस्त को होगा. 13 अगस्त को साल 2020 में पढ़ाई पूरी करने वाले स्टूडेंट्स को डिग्री दी जायेगी. दीक्षांत समारोह के पहले दिन के मुख्य अतिथि ज्यपाल रमेश बैस होंगे. वहीं 14 अगस्त के कार्यक्रम में टाटा स्टील के न्यू मैटेरियल बिजनेस के वाइस प्रेसिडेंट देवाशीष भट्टाचार्य मुख्य अतिथि होंगे. 14 अगस्त के समारोह में वर्ष 2021 में अपनी पढ़ाई पूरी करने वाले करीब एक हजार छात्र व छात्राओं को डिग्री प्रदान की जायेगी.
संस्थान में वर्ष 2021-22 के दौरान रिकॉर्ड प्लेसमेंट हुआ है. इस वर्ष 1191 विद्यार्थियों का प्लेसमेंट हुआ है. 85 प्रतिशत छात्रों का प्लेसमेंट ऑनलाइन इंटरव्यू के जरिए हुआ है.
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