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पोंजी कंपनी के लिए गोवा में परफॉर्म करके बुरे फंसे बॉलीवुड एक्टर गोविंदा, ओडिशा पुलिस के रडार पर आए

Updated at : 15 Sep 2023 1:55 PM (IST)
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Govinda

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बॉलीवुड एक्टर गोविंदा ऑनलाइन पोंजी स्कैम में फंस गए हैं. ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा उनसे पूछताछ कर सकती है. गोविंदा को ओडिशा बुलाया जाएगा या ओडिशा पुलिस की टीम उनसे पूछताछ के लिए मुंबई जाएगी, अभी तय नहीं है. पूरा मामला क्या है, यहां पढ़ें.

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रोमांटिक और कॉमेडी फिल्मों के जरिए बॉलीवुड में अलग पहचान बनाने वाले एक्टर गोविंदा, जिन्हें प्यार से लोग चींचीं बुलाते हैं, ऑनलाइन पोंजी स्कैम में फंस गए हैं. ओडिशा की आर्थिक अपराध इकाई (ईओडब्ल्यू) उनसे जल्द पूछताछ कर सकती है. पूछताछ के लिए बॉलीवुड के इस चॉकलेटी एक्टर को या तो ओडिशा बुलाया जा सकता है या ईओडब्ल्यू के अधिकारियों की टीम को मुंबई भेजा जा सकता है. मामला एक हजार करोड़ रुपए के ऑनलाइन पोंजी घोटाला से जुड़ा है.

गैरकानूनी तरीके से चलता था ऑनलाइन पोंजी स्कीम

ईओडब्ल्यू की डीएसपी सस्मिता साहू ने बताया है कि सोलर टेक्नो अलायंस (एसटीए-टोकन) की संलिप्तता वाले करोड़ों रुपए के घोटाले की जांच चल रही है. यह कंपनी गैरकानूनी तरीके से पिरामिड संरचना आधारित ऑनलाइन पोंजी स्कीम में शामिल थी. क्रिप्टो में निवेश के नाम पर इस कंपनी को चलाया जा रहा था. सस्मिता साहू ने कहा है कि गोविंदा को पूछताछ के लिए समन भेजा जा सकता है.

पूछताछ के लिए गोविंदा को किया जा सकता है समन

उन्होंने कहा कि या तो पूछताछ के लिए बॉलीवुड एक्टर गोविंदा को ओडिशा बुलाया जा सकता है. या फिर ईओडब्ल्यू की टीम को मुंबई में उनसे पूछताछ के लिए भेजा जा सकता है. सस्मिता साहू ने कहा है कि इसी साल जुलाई में गोविंदा ने गोवा में आयोजित एसटीए के कार्यक्रम में हिस्सा लिया था. कुछ वीडियो में कंपनी का प्रचार भी बॉलीवुड एक्टर ने किया था. सस्मिता साहू ने कहा कि ईओडब्ल्यू गोविंदा को संदिग्ध या आरोपी नहीं मान रही है.

दो लोगों को पिछले महीने ईओडब्ल्यू ने किया गिरफ्तार

वहीं, एक अन्य अधिकारी ने कहा है कि कंपनी के प्रचार में बॉलीवुड के हीरो गोविंदा की भूमिका वीडियो से साबित हुई है. उन्होंने कहा, ‘अगर ईडब्ल्यूओ को जांच में यह पता चलता है कि गोविंदा की भूमिका एग्रीमेंट के तहत महज एसटीए-टोकन ब्रांड के उत्पादों के प्रचार तक सीमित थी, तो उस स्थिति में हम उन्हें मामले में गवाह बनाया जाएगा.’ ईओडब्ल्यू ने पिछले महीने पोंजी कंपनी के प्रमुख गुरतेज सिंह और इसके ओडिशा प्रभारी नारद दास को गिरफ्तार किया था.

10 हजार लोगों से कंपनी ने जमा किए 30 करोड़ रुपए

आर्थिक अपराध इकाई ने आधिकारिक बयान में कहा कि कंपनी ने ओडिशा के भद्रक, क्योंझर, बालासोर, मयूरभंज और भुवनेश्वर जिले के करीब 10 हजार लोगों से 30 करोड़ रुपये जमा किए थे. इस बीच, आव्रजन ब्यूरो ने हंगरी के नागरिक डेविड गेज के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है. आरोप है कि डेविड गेज ही पोंजी कंपनी का नेतृत्व कर रहा था, जिसने सोशल मीडिया के माध्यम से क्रिप्टो मुद्रा में निवेश के नाम पर लोगों को प्रलोभन दिया था. उसने निवेशकों को और लोगों को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया.

उधर, गोविंदा के मैनेजर ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. एक्टर के मैनेजर शशि सिन्हा ने मीडिया में सफाई दी है कि मीडिया में जो रिपोर्ट्स आ रहीं हैं, वो आधी-अधूरी हैं. गोविंदा का इस स्कैम से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि गोविंदा एक कार्यक्रम के लिए एक एजेंसी के माध्यम से गोवा गए थे. परफॉर्म करने के बाद वह लौट आए. कार्यक्रम कराने वाली कंपनी के बिजनेस या ब्रांडिंग से हमारा कोई लेना-देना नहीं है. (एजेंसी इनपुट के साथ)

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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