Basant Panchami 2022: बसंत पंचमी पर क्यों पहनते हैं पीले रंग के कपड़े ? धार्मिक और प्राकृतिक कारण जानें

Basant Panchami 2022: बसंत पंचमी के दिन पीले कपड़े पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है. इस दिन पीले कपड़े पहनना प्रकृति के साथ एक हो जाने का प्रतीक होता है.
Basant Panchami 2022: हिंदु धर्म में पीले रंग को शुभ माना यही वजह है कि शुभ कार्यों और शुभ दिनों में इस रंग के कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि पीला रंग माता सरस्वती का भी प्रिय रंग है. यही वजह है कि मां सरस्वती को भी इस दिन पीले वस्त्र पहनाए जाते हैं और पीले रंग के पकवानों लड्डू, केसर खीर, केसर हलवा के भोग लगाए जाते हैं. इतना ही नहीं मां सरस्वती को पीले रंग के फूल भी अर्पित किए जाते हैं.
बसंत ऋतु की शुरुआत होती है तो पूरी धरती पीले रंग में रंगी नजर आती है. कवियों ने भी अपनी कविताओं में कहा है कि बसंत के आते ही धरती ऐसी नजर आती है मानो उसने पीले रंग की चुनरी ओढ़ ली हो. खेतों में सरसों के पीले फूल भरे होते हैं तो पेड़ों पर नई कोपलें पीले-नारंगी रंग के साथ नजर आती है. प्रकृति का यह पीलापन बसंत ऋतु के आगमन का साक्षी हो है.
बसंत पंचमी के दिन पीले कपड़े पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है. इस दिन पीले कपड़े पहनना प्रकृति के साथ एक हो जाने का प्रतीक होता है. यह इस बात को भी दिखाता है कि हम प्रकृति से अलग नहीं है. मनुष्य प्रकृति के रंग ठीक वैसे ही मनुष्य भी हैं. आध्यात्म के नजरिए से देखें तो पीला रंग प्राथमिकता को भी दर्शाता है. कहते हैं कि जब ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई थी तब तीन ही प्रकाश की आभा थी. लाल, पीली और नीली. इनमें से पीली आभा सबसे पहले दिखाई दी थी. आध्यात्म के इसी तर्क को सम्मान देते हुए बसंत पंचमी को पीले कपड़े पहने जाते हैं.
विज्ञान में भी पीले रंग को शुभ माना गया है. साइंस के अनुसार रंगों का हर किसी के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है. पीला रंग तनाव भरे माहौल को कम करता है और उत्साह भरता है. यानी पीला रंग जोश, उत्साह, उर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक है. यही वजह है कि ऑफिस प्लेस पर पीले फूलों वाले पौधे जरूर रखने की सलाह दी जाती है. घर के किचन में पीले या नारंगी रंग का इस्तेमाल किया जा सकता है. बच्चों की पढ़ाई की टेबल पीले रंग की हो तो मानसिक स्वास्थ मजबूत होता है.
हिंदु धर्म में प्रत्येक मांगलिक कार्य में पीला रंग प्रमुख माना जाता है. यह भगवान विष्णु के वस्त्रों का रंग है यही वजह है कि भगवान विष्णु की पूजा में भी पीले रंग का उपयोग होता है. केसरिया या पीला रंग सूर्यदेव, मंगल और बृहस्पति जैसे ग्रहों का कारक है इस रंग के इस्तेमाल से ग्रहों की स्थिति मजबूत बनती है. इससे राशियों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. पीला रंग खुशी का प्रतीक है. शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्यों में हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है जो कि पीले रंग की होती है. इन्हीं धार्मिक और प्राकृतिक कारणों की वजह से बसंत पंचमी पर भी पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है.
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