डॉक्टर और संसाधन का अभाव झेल रहा है हजारीबाग का बरही कोविड केयर सेंटर, संक्रमितों को नहीं मिल रहा भोजन

Updated at : 14 May 2021 6:16 PM (IST)
विज्ञापन
डॉक्टर और संसाधन का अभाव झेल रहा है हजारीबाग का बरही कोविड केयर सेंटर, संक्रमितों को नहीं मिल रहा भोजन

Coronavirus in Jharkhand (जावेद इस्लाम, बरही- हजारीबाग) : झारखंड के हजारीबाग जिला अंतर्गत बरही अनुमंडलीय अस्पताल का कोविड केयर सेंटर मानव संसाधनों व चिकित्सीय उपकरणों की कमी का सामना कर रहा है. कोविड केयर सेंटर के लिए डॉक्टर और प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मी का अभाव है.

विज्ञापन

Coronavirus in Jharkhand (जावेद इस्लाम, बरही- हजारीबाग) : झारखंड के हजारीबाग जिला अंतर्गत बरही अनुमंडलीय अस्पताल का कोविड केयर सेंटर मानव संसाधनों व चिकित्सीय उपकरणों की कमी का सामना कर रहा है. कोविड केयर सेंटर के लिए डॉक्टर और प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मी का अभाव है.

डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर नहीं बना

बताया गया है कि अस्पताल के डॉक्टर कोविड केयर सेंटर में ड्यूटी करने से भागते हैं. यही वजह है कि अस्पताल के उपाधीक्षक ने अभी तक कोविड केयर सेंटर के लिए डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर नहीं बना पाये. रोस्टर के अभाव में कोविड नॉडल अधिकारी डॉ प्रकाश ज्ञानी को ही अकेले कोविड केयर सेंटर में ड्यूटी करनी पड़ती है. वे मानसिक थकान से खुद बीमार पड़ गये हैं.

कोविड वार्ड के लिए मानव संसाधन नहीं

अस्पताल में दो कोविड वार्ड है. एक वार्ड नीचे ट्रॉमा सेंटर भवन में एवं दूसरा वार्ड ऊपर एमटीसी में. दोनों वार्ड में रोज तीन शिफ्ट ड्यूटी देने के लिए कम से कम 12 चिकित्सा कर्मियों की जरूरत पड़ रही है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन इतने कर्मी उपलब्ध करा पाने में अक्षम साबित रहा है.

Also Read: Coronavirus In Jharkhand : झारखंड में 16 मई से मिनी लॉकडाउन में सख्ती, सफर करना है तो E-Pass है अनिवार्य, पढ़िए कैसे बनेगा ई-पास और किन्हें मिली है छूट
एक्स-रे मशीन तक नहीं

कोविड से लड़ने के लिए अस्पताल के पास चिकित्सीय उपकरण का अभाव है. कम से कम वेंटिलेटर, सीटी स्कैन मशीन व एक्स-रे मशीन होनी चाहिए, पर इनमें से एक भी मशीन नहीं है.

मात्र दो ट्रूनेट मशीन ही उपलब्ध है

अस्पताल के लैब में कोरोना जांच के लिए केवल दो ट्रूनेट मशीन है. यहां पूरे बरही अनुमंडल के लोग अपना कोरोना जांच कराने आते हैं. दो मशीन से प्रतिदिन औसतन 80 लोगों का जांच हो पाता है जबकि जांच दर बढ़ने से दो से ज्यादा ट्रूनेट मशीन की जरूरत होगी. चिकित्साकर्मियों के अनुसार, इस समय अस्पताल को कम से कम चार ट्रूनेट मशीन की जरूरत है.

कोविड वार्ड के मरीजों के लिए भोजन की व्यवस्था नहीं

कोविड केयर वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए अस्पताल प्रबंधन भोजन का प्रबंध नहीं कर पा रहा है. मरीजों को नाश्ता व दोनों वक्त का भोजन घर से मंगाना पड़ रहा है. ये मरीज दूर-दराज के गांवों के हैं. इनके परिजनों को रोज खाना लाने में अलग परेशानी उठानी पड़ रही है.

Also Read: Corona Vaccination in Jharkhand : 18 प्लस टीकाकरण अभियान की लोहरदगा में हुई शुरुआत, डीसी बोले- खुद लें टीका और दूसरों को भी करें प्रेरित
कोविड केयर सेंटर के संचालन में हो रही परेशानी : कोविड नॉडल अधिकारी

नॉडल अधिकारी डॉ प्रकाश ज्ञानी ने कहा कि उन्होंने डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर बनाने व मानव संसाधन की मांग कई बार की, पर अभी तक यह नहीं हो पाया. सब सेंटर में पदस्थापित एएनएम को कोविड काल में कोविड केयर सेंटर में ड्यूटी लगाने की जरूरत है. सेंटर को संचालित करने में बहुत कठिनाई हो रही है.

Posted By : Samir Ranjan.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola