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सिस्टम से भ्रष्टाचार मिटाने के लिए जागरूकता जरूरी, ‘मतुआ धर्म महामेला’ में बोले पीएम नरेंद्र मोदी

Updated at : 29 Mar 2022 10:36 PM (IST)
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सिस्टम से भ्रष्टाचार मिटाने के लिए जागरूकता जरूरी, ‘मतुआ धर्म महामेला’ में बोले पीएम नरेंद्र मोदी

मैं मतुआ समाज के सभी साथियों से भी कुछ आग्रह करना चाहूंगा कि सिस्टम से करप्शन को मिटाने के लिए और जागरूकता बढ़ाना जरूरी है. समाज के स्तर पर आपको जागरूकता को और बढ़ाना है.

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कोलकाता: सिस्टम से भ्रष्टाचार मिटाने के लिए जागरूकता जरूरी है. यह कहना है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का. मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ठाकुरनगर में आयोजित ‘मतुआ धर्म महामेला’ को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि यह महामेला, मतुआ परंपरा को नमन करने का अवसर है.

  • राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं, हर काम राष्ट्र को ध्यान में रखकर करना चाहिए

  • देश के विकास में मतुआ समाज की भागीदारी भी अहम

  • ‘मतुआ धर्म महामेला’ को संबोधित करते हुए बोले प्रधानमंत्री

यह उन मूल्यों के प्रति आस्था व्यक्त करने का अवसर है, जिनकी नींव श्रीश्री हरिचांद ठाकुर जी ने रखी थी. इसे गुरुचांद ठाकुर जी और बोरो मां ने सशक्त किया. आज मैं मतुआ समाज के सभी साथियों से भी कुछ आग्रह करना चाहूंगा कि सिस्टम से करप्शन को मिटाने के लिए और जागरूकता बढ़ाना जरूरी है. समाज के स्तर पर आपको जागरूकता को और बढ़ाना है.

किसी का उत्पीड़न हो रहा हो, तो आवाज उठायें

उन्होंने कहा कि अगर कहीं भी किसी का उत्पीड़न हो रहा हो, तो वहां आवाज जरूर उठायें. ये हमारा समाज के प्रति भी और राष्ट्र के प्रति भी कर्तव्य है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है. लेकिन राजनीतिक विरोध के कारण अगर किसी को हिंसा से डरा-धमकाकर कोई रोकता है, तो यह दूसरे के अधिकारों का हनन है.

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अराजकता की मानसिकता का विरोध किया जाये

इसलिए हमारा यह कर्तव्य है कि हिंसा, अराजकता की मानसिकता अगर समाज में कहीं भी है तो उसका विरोध किया जाये. उन्होंने कहा कि श्री श्री हरिचांद ठाकुर जी ने एक और संदेश दिया है, जो आजादी के अमृतकाल में भारत के हर भारतवासी के लिए प्रेरणा का स्रोत है. उन्होंने ईश्वरीय प्रेम के साथ-साथ हमारे कर्तव्यों का भी हमें बोध कराया. कर्तव्यों की इसी भावना को हमें राष्ट्र के विकास का भी आधार बनाना है.

देश के विकास में मतुआ समाज की भागीदारी अहम

उन्होंने कहा कि जब समाज के हर क्षेत्र में हमारी बहनों-बेटियों को बेटों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राष्ट्रनिर्माण में योगदान देते देखता है, तब लगता है कि हम सही मायने में श्री श्री हरिचांद ठाकुर जी जैसी महान विभूतियों का सम्मान कर रहे हैं. देश के विकास में मतुआ समाज की भागीदारी अहम है.

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कल्याणीकारी योजनाओं का लाभ मतुआ समुदाय तक पहुंचे

इसलिए केंद्र सरकार की हरसंभव कोशिश है कि केंद्र से जुड़े सारे समाज कल्याणीकारी योजनाओं का लाभ मतुआ समुदाय तक पहुंचे. सभी को पक्के घर, नल से जल, पेंशन, लाखों रुपये का बीमा हो. ऐसी हर योजनाओं के दायरे में शत प्रतिशत मतुआ समुदाय के लोग आये, इसके लिए प्रयास जारी है.

वोकल फॉर लोकल को जीवन का हिस्सा बनाना है

उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल को अपने जीवन का हिस्सा बनाना है. मजदूरों का पसीना जिस सामान में लगा है, उसे जरूर खरीदें. राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं है. हमारा हर काम राष्ट्र को ध्यान में रखकर होना चाहिए. कोई भी कदम उठाने से पहले सोचें कि इससे राष्ट्र का भला हो. मतुआ समाज कर्तव्य के प्रति हमेशा जागरूक रहा है. उम्मीद है कि आजादी के बाद नये भारत के निर्माण में आपका सहयोग ऐसे ही मिलता रहेगा.

रिपोर्ट- मनोरंजन सिंह

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