बंगाल में 2 करोड़ मतुआ समुदाय और PM मोदी का बांग्लादेश दौरा, पॉलिटिकल माइलेज लेने की कोशिश में BJP?
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 26 Mar 2021 3:08 PM
Bengal Election 2021: पीएम नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय बांग्लादेश दौरे की शुक्रवार को शुरुआत हो गई. बांग्लादेश पहुंचे पीएम मोदी का ढाका एयरपोर्ट पर स्वागत किया गया. इस दौरान बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना भी मौजूद रहीं. दरअसल, बांग्लादेश अपनी आजादी के 50 साल पूरे होने पर जश्न मना रहा है. इसी जश्न में शामिल होने के लिए पीएम मोदी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे हैं. दो दिनों तक पीएम मोदी बांग्लादेश में आयोजित कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे. पहले दिन पीएम मोदी ने बांग्लादेश के युवा अचीवर्स से मुलाकात की. साथ ही वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी.
Bengal Election 2021: पीएम नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय बांग्लादेश दौरे की शुक्रवार को शुरुआत हो गई. बांग्लादेश पहुंचे पीएम मोदी का ढाका एयरपोर्ट पर स्वागत किया गया. इस दौरान बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना भी मौजूद रहीं. दरअसल, बांग्लादेश अपनी आजादी के 50 साल पूरे होने पर जश्न मना रहा है. इसी जश्न में शामिल होने के लिए पीएम मोदी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे हैं. दो दिनों तक पीएम मोदी बांग्लादेश में आयोजित कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे. पहले दिन पीएम मोदी ने बांग्लादेश के युवा अचीवर्स से मुलाकात की. साथ ही वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी.
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भारत के पीएम नरेंद्र मोदी मतुआ समुदाय के संस्थापक हरिश्चंद्र ठाकुर के मंदिर में भी जाएंगे. इस समुदाय के बड़ी संख्या में लोग पश्चिम बंगाल में रहते हैं. लिहाजा, पीएम नरेंद्र मोदी का दौरा बंगाल विधानसभा चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है. मतुआ समुदाय के संस्थापक हरिश्चंद्र ठाकुर का बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में काफी सम्मान है. उनका जन्म बंगाल में साल 1812 में हुआ था. मतुआ समुदाय के लोग हरिश्चंद्र ठाकुर को भगवान का अवतार मानते हैं. उन्होंने समाज सुधार के कई कार्य किए थे. समय गुजरा और मतुआ समुदाय को बांग्लादेश के लेकर पश्चिम बंगाल में काफी पहचान मिली.
बांग्लादेश से आए बड़ी संख्या में मतुआ समुदाय के लोग भारत के पश्चिम बंगाल में रहते हैं. इनकी संख्या करीब दो करोड़ के आसपास बताई जाती है. मतुआ समुदाय के लोग पश्चिम बंगाल में मतुआ महासंघ के बैनर तले एकसाथ हैं. माना जाता है कि मतुआ समुदाय के लोग पश्चिम बंगाल की तीस विधानसभा सीटों को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकते हैं. जबकि, बंगाल की 70 विधानसभा क्षेत्र में मतुआ समुदाय के लोग हैं. पीएम मोदी का मतुआ समुदाय के मंदिर में जाना काफी मायने रखता है. पश्चिम बंगाल के नार्थ 24 परगना, साउथ 24 परगना, नदिया, जलपाईगुड़ी, सिलीगुड़ी, कूच बिहार और बर्दवान जिलों में मतुआ समुदाय के लोग हैं. इन जिलों में इनकी संख्या काफी ज्यादा है.
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लंबे अरसे से मतुआ समुदाय के नेता बांग्लादेश से आए लोगों को नागरिकता देने की मांग करते रहे हैं. बंगाल चुनाव से पहले और प्रचार में भी बीजेपी के बड़े नेता पश्चिम बंगाल में रह रहे मतुआ समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का वादा करते रहे हैं. गुरुवार को भी बाघमुंडी की चुनावी रैली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी पश्चिम बंगाल में रह रहे मतुआ समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का भरोसा दिया था. बीजेपी नेताओं ने साफ किया है कि पश्चिम बंगाल में सत्ता आने पर मतुआ समुदाय को नागरिकता दी जाएगी और सीएए को भी लागू किया जाएगा. पीएम नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश दौरे से बीजेपी कहीं ना कहीं पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पॉलिटिकल माइलेज लेने की कोशिश में भी है.
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