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झारखंड : पश्चिमी सिंहभूम के 10 गांव के ग्रामीणों ने चुनाव का किया बहिष्कार, कारण जानकार आप भी चौंक जाएंगे

Updated at : 21 Apr 2023 12:53 AM (IST)
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झारखंड : पश्चिमी सिंहभूम के 10 गांव के ग्रामीणों ने चुनाव का किया बहिष्कार, कारण जानकार आप भी चौंक जाएंगे

पश्चिमी सिंहभूम के बंदगांव प्रखंड क्षेत्र के 10 गांव के ग्रामीण आगामी चुनाव का अभी से बहिष्कार किया है. कहा कि जब गांव में मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो प्रत्याशियों को वोट क्यों दें. कहा कि डीसी, सांसद और विधायक को भी ज्ञापन सौंपा, लेकिन कहीं से सहयोग नहीं मिला है.

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Jharkhand News: कोल्हान प्रमंडल अंतर्गत पश्चिमी सिंहभूम जिला के बंदगांव प्रखंड क्षेत्र के 10 गांव के ग्रामीण आगामी चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. कहा कि जब गांव में मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो वोट देकर किसी को क्यो जितायें. कहा कि डीसी से लेकर विधायक और सांसद तक को मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन सिर्फ कोरा आश्वासन के अलावा धरातल पर कुछ नहीं दिखा. इससे परेशान होकर 10 गांव के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया है.

मूलभूत सुविधाओं से महरूम हैं 10 गांव के ग्रामीण

बंदगांव प्रखंड मुख्यालय से 70 किमी दूर भालूपानी पंचायत के चिंगिदा गांव में गुरुवार को 10 गांव के ग्रामीण एकजुट हुए. बैठक ग्राम मुंडा मांगरा मुंडा की अध्यक्षता में हुई. इसमें ग्रामीणों ने कहा कि हमलोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. बिजली, पानी, सड़क का अभाव है. ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर डीसी, विधायक और सांसद को मांग पत्र सौंपा गया है. अभी तक सड़क निर्माण के लिए प्रशासनिक पहल नहीं की गयी है. जर्जर सड़क रहने के कारण मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने में काफी परेशानी होती है. छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है. ग्रामीणों ने प्रशासनिक पदाधिकारियों से बरसात से पूर्व सड़क निर्माण की मांग की है.

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गांव के सभी चापाकल खराब

ग्रामीणों ने बताया कि 10 गांव में सिर्फ 11 चापाकल है. सभी चापाकल वर्षों से खराब पड़े हैं. इस भीषण गर्मी में ग्रामीण किसी तरह काम चला रहे हैं. गांव से दूर मध्य विद्यालय है. यहां एक चापाकल है. इससे पानी काफी कम निकलता है. गर्मी के दिनों में जलस्तर कम हो जाने से चापाकल से पानी भी नहीं निकलता है. सभी चापाकलों को दुरुस्त करने की जरूरत है. मजबूरन ग्रामीण चुआं के पानी से प्यास बुझाते हैं. मौके पर सामुएल पूर्ती, मार्शल पूर्ती, एतवा टूटी, दास हेम्ब्रम, सुंदरलाल टूटी, उम्बलन तोपनो, सनिक हांसदा, स्टीफन पूर्ती, सिरिल पूर्ती, सुलेमान तोपनो, बहलीन पूर्ती समेत 10 गांव के मुंडा व ग्रामीण उपस्थित थे. नवादा गांव के मानकी जोहन मुंडा ने कहा कि राज्य सरकार कहती है गांव के अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुंचेगा. पर दुर्भाग्य है कि गांव के लोग अभी भी चुआं का पानी पीते हैं. ग्रामीणों ने मन बनाया है कि गांव में मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं होगी तो चुनाव का बहिष्कार करेंगे.

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