TRAI Telecom Rules 2025: स्पैम कॉल्स पर सख्ती, नेटवर्क कवरेज मैप अपडेट, ग्राहकों को फायदा
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 27 Sep 2025 3:26 PM
2025 में TRAI के नए नियम: स्पैम कॉल्स ब्लॉक और नेटवर्क उपलब्धता, जानें बदलाव
TRAI ने 2025 में स्पैम कॉल्स और मैसेजेस पर नए नियम लागू किए हैं. डिजिटल कंसेंट फ्रेमवर्क, AI मॉनिटरिंग और नेटवर्क कवरेज मैप से ग्राहकों को बेहतर अनुभव. जियो, एयरटेल यूजर्स के लिए जरूरी अपडेट
TRAI के नए टेलीकॉम नियम (TRAI Telecom Rules 2025) – स्पैम कॉल्स का अंत और नेटवर्क में पारदर्शिता : क्या आप भी रोजाना स्पैम कॉल्स और मैसेजेस से परेशान हैं? 2025 में भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने ऐसे अनचाहे कॉल्स पर करारा प्रहार किया है. फरवरी से जून तक जारी संशोधनों से टेलीकॉम कंपनियां जैसे जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और बीएसएनएल अब AI-बेस्ड सिस्टम से स्पैम ट्रैक करेंगी. नेटवर्क कवरेज मैप भी अपडेट हो चुके हैं, जिससे ग्राहक आसानी से सर्विस चुन सकेंगे. यह बदलाव करोड़ों यूजर्स की जिंदगी आसान बनाएंगे, लेकिन क्या आप तैयार हैं? आइए विस्तार से जानें.
नेटवर्क उपलब्धता में बड़ा बदलाव
1 अक्टूबर 2024 से शुरू हुए नियमों के तहत, टेलीकॉम कंपनियों को अपनी वेबसाइट पर 2G, 3G, 4G और 5G नेटवर्क कवरेज के जियोस्पेशियल मैप अपलोड करने अनिवार्य हैं. अप्रैल 2025 तक सभी प्रमुख ऑपरेटरों ने यह लागू कर दिया. अब यूजर्स हाईवे, रेलवे या ग्रामीण क्षेत्रों की कवरेज चेक कर सकते हैं. TRAI के अनुसार, इससे कॉल ड्रॉप्स 15-20% कम हुए हैं. ग्राहक अब बेहतर नेटवर्क चुनकर पोर्ट कर सकते हैं, जो प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगा.
स्पैम कॉल्स पर TRAI की सख्ती
फरवरी 2025 में TCCCPR के दूसरे संशोधन से स्पैम पर नकेल कसी गई. अब प्रमोशनल कॉल्स के लिए 140 सीरीज और ट्रांजेक्शनल के लिए 160 सीरीज अनिवार्य है. AI मॉनिटरिंग से हाई वॉल्यूम कॉल्स, शॉर्ट ड्यूरेशन और लो रेशियो वाली कॉल्स फ्लैग होंगी. हनीपॉट्स से स्पैम ट्रेंड डिटेक्ट होंगे. वॉयलेशन पर 15 दिनों तक आउटगोइंग सर्विसेज बार, और बार-बार उल्लंघन पर ब्लैकलिस्टिंग. DND ऐप अपडेट से स्पैम रिपोर्ट 7 दिनों तक संभव, पहले 3 दिन था. जुलाई 2025 में TRAI ने DoT की रेगुलेट टेलीमार्केटर्स की मांग ठुकराई, लेकिन इंडस्ट्री एक्शन पर जोर दिया.
डिजिटल कंसेंट फ्रेमवर्क: ग्राहकों का कंट्रोल
जून 2025 में लॉन्च पायलट प्रोजेक्ट से RBI, SEBI और DoT के साथ मिलकर डिजिटल कंसेंट सिस्टम आया. अब यूजर्स ऐप या वेब से कंसेंट रिवोक कर स्पैम ब्लॉक कर सकते हैं. लोन, क्रेडिट कार्ड प्रमोशंस पर सख्ती से स्पैम 25-30% कम हुआ. TRAI चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने कहा, यह साइबर फ्रॉड से भी बचाएगा. सितंबर 2025 तक फुल रोलआउट से 7 बैंकों के साथ पायलट चल रहा है.
ग्राहकों को क्या फायदा?
ये नियम यूजर्स को सशक्त बनाते हैं. स्पैम शिकायतें आसान, नेटवर्क ट्रांसपेरेंसी से बेहतर सर्विस. DoT के संचार साथी पोर्टल से 27.5 मिलियन फ्रॉड कनेक्शंस डिस्कनेक्ट हुए. हालांकि, COAI ने कहा कि टेलीमार्केटर्स को लाइसेंसिंग रिजीम में लाना जरूरी. कुल मिलाकर, 2025 TRAI के लिए स्पैम-फ्री टेलीकॉम का साल साबित हो रहा है.
FAQs
Q: TRAI के नए स्पैम नियम कब से लागू हुए?
A: मुख्य संशोधन फरवरी 2025 से, डिजिटल कंसेंट पायलट जून 2025 से.
Q: नेटवर्क कवरेज मैप कहां चेक करें?
A: जियो, एयरटेल आदि की वेबसाइट पर जियोस्पेशियल मैप उपलब्ध.
Q: स्पैम कॉल कैसे रिपोर्ट करें?
A: DND ऐप या 1909 पर 7 दिनों के अंदर.
Q: 140 और 160 सीरीज क्या है?
A: 140 प्रमोशनल, 160 ट्रांजेक्शनल कॉल्स के लिए.
Q: क्या स्पैम में कमी आई?
A: हां, 25-30% तक, AI और पेनल्टीज से.
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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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