Telegram Ban: क्या भारत में बैन हो जाएगा टेलीग्राम ऐप?
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 28 Aug 2024 2:14 PM
Telegram Ban
Telegram Ban: खबर है कि भारत में टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने की संभावना है अगर यह स्पष्ट हो जाए कि यह नियमों का उल्लंघन कर रहा है.
Telegram Ban: टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव को हाल ही में पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही टेलीग्राम ऐप के मैनेजमेंट को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं. इन्हीं बातों के बैकग्राउंड में टेलीग्राम को भारत में बैन करने को लेकर खबरें आ रही हैं.
टेलीग्राम ऐप पर भारत सरकार क्या एक्शन ले रही है?
भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर इस बात की जांच शुरू कर दी है कि टेलीग्राम आईटी नियमों का उल्लंघन कर रहा है या नहीं. आरोप हैं कि इस ऐप का इस्तेमाल धोखाधड़ी और जुए जैसी आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है.
टेलीग्राम ऐप भारत में बैन हो जाएगा?
अगर यह स्पष्ट हो जाता है कि टेलीग्राम नियमों का उल्लंघन कर रहा है, भारत में यह सोशल मीडिया ऐप प्रतिबंधित हो सकता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में टेलीग्राम के 50 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं. ऐसे में टेलीग्राम ऐप को लेकर सरकार के इस कदम को हल्के में नहीं लिया जा सकता.
टेलीग्राम सीईओ पावेल डुरोव पर क्या आरोप हैं?
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो जांच के अंतिम फैसला नतीजों के आधार पर लिया जाएगा. गौरतलब है कि पावेल डुरोव को मानव तस्करी, ड्रग्स, आतंकवाद, धोखाधड़ी और साइबर खतरों के आरोप में फ्रांसीसी अधिकारियों ने पेरिस, फ्रांस के पास एक हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया था और यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आ गया था.
Telegram में आया यह खास फीचर, क्रिएटर्स के लिए ऐप से पैसा कमाना हुआ आसान, जानें तरीका
Telegram में AI का मिलेगा मजा, ऐप में Microsoft का जुड़ गया ये AI टूल
Telegram CEO: टेलीग्राम के CEO पावेल ड्यूरोव फ्रांस में किए गए गिरफ्तार, पुलिस ने बताया ये कारण
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










