Telegram Ban: क्या भारत में बैन हो जाएगा टेलीग्राम ऐप?

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Telegram Ban: खबर है कि भारत में टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने की संभावना है अगर यह स्पष्ट हो जाए कि यह नियमों का उल्लंघन कर रहा है.

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Telegram Ban: टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव को हाल ही में पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही टेलीग्राम ऐप के मैनेजमेंट को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं. इन्हीं बातों के बैकग्राउंड में टेलीग्राम को भारत में बैन करने को लेकर खबरें आ रही हैं.

टेलीग्राम ऐप पर भारत सरकार क्या एक्शन ले रही है?

भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर इस बात की जांच शुरू कर दी है कि टेलीग्राम आईटी नियमों का उल्लंघन कर रहा है या नहीं. आरोप हैं कि इस ऐप का इस्तेमाल धोखाधड़ी और जुए जैसी आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है.

टेलीग्राम ऐप भारत में बैन हो जाएगा?

अगर यह स्पष्ट हो जाता है कि टेलीग्राम नियमों का उल्लंघन कर रहा है, भारत में यह सोशल मीडिया ऐप प्रतिबंधित हो सकता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में टेलीग्राम के 50 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं. ऐसे में टेलीग्राम ऐप को लेकर सरकार के इस कदम को हल्के में नहीं लिया जा सकता.

टेलीग्राम सीईओ पावेल डुरोव पर क्या आरोप हैं?

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो जांच के अंतिम फैसला नतीजों के आधार पर लिया जाएगा. गौरतलब है कि पावेल डुरोव को मानव तस्करी, ड्रग्स, आतंकवाद, धोखाधड़ी और साइबर खतरों के आरोप में फ्रांसीसी अधिकारियों ने पेरिस, फ्रांस के पास एक हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया था और यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आ गया था.

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राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

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राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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