लोकल चार्जर कहीं कर न दें आपका फोन 'स्वाहा,' खरीदने से पहले जान लें ये बात, वरना लग जाएगा हजारों का चूना

Published by : Shivani Shah Updated At : 27 Jul 2025 11:15 AM

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Smartphone Tips: अक्सर हम चार्जर खराब होने के बाद मार्केट से थर्ड पार्टी लोकल चार्जर, अडाप्टर और केबल खरीद लाते हैं. ये थर्ड पार्टी लोकल चार्जर और केबल ओरिजिनल वाले चार्जर की तरह ही काम करते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि ये धीरे-धीरे हमारे फोन को भी डैमेज कर सकते हैं? आपने नोटिस किया होगा कि लोकल चार्जर का इस्तेमाल करने के कुछ दिनों बाद हमारे फोन में कई दिक्कतें शुरू हो जाती हैं. फोन का स्लो चार्ज होना, हैंग होना या फिर फोन का गर्म हो जाना. हालांकि, ये तो कुछ नहीं. लोकल चार्जर का इस्तेमाल करने से और भी कई खतरे हो सकते हैं. आज हम आपको उन्हीं खबर के बारे में बताने वाले हैं.

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Smartphone Tips: क्या आप भी अपने फोन को चार्ज करने के लिए लोकल चार्जर, अडाप्टर और केबल का इस्तेमाल करते हैं? तो फिर ये खबर आज आपके लिए खास है. अक्सर हम चार्जर, अडाप्टर या चार्जर का केबल खराब होने के बाद पैसे बचाने के लिए ओरिजिनल की जगह मार्केट से थर्ड पार्टी लोकल चार्जर, अडाप्टर और केबल खरीद लाते हैं. ये सोचकर की फोन ही तो चार्ज करना है. लेकिन वे ये नहीं जानते की उनके 100- 200 रुपये बचाने के चक्कर में उनका हजारों का स्मार्टफोन ‘स्वाहा’ हो सकता है. जी हां, आपकी ये गलती आप पर भारी पड़ सकती है. आइए जानते हैं कैसे?

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लोकल थर्ड पार्टी चार्जर सेफ है या नहीं?

सबसे पहले जानते हैं कि मार्केट में मिलने वाले लोकल थर्ड पार्टी चार्जर, अडाप्टर और केबल हमारे स्मार्टफोन्स के लिए सेफ है या नहीं. आपने कई बार सुना होगा कि चार्जिंग में लगाने के बाद फोन ब्लास्ट हो गया. इस तरह की घटनाएं ज्यादातर चार्जर की खराब क्वालिटी के कारण होती है. आपको बता दें, स्मार्टफोन कंपनियां बैटरी और चार्जिंग को सुरक्षित और उनके बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट में मोटा खर्च करती है, ताकि यूजर्स को सेफ और बढ़िया क्वालिटी वाले चार्जर मिल सके. ऐसे में सेफ्टी रेटिंग के लिए चार्जर को अलग-अलग सर्टिफिकेशन के लिए भी भेजे जाते हैं. यही कारण है कि कंपनी के असली चार्जर महंगे होते हैं.

वहीं, इसके मुकाबले मार्केट में मिलने वाले थर्ड पार्टी चार्जर को सेफ्टी सर्टिफिकेशन नहीं मिलता. जिस कारण ये सस्ते भी होते हैं और फोन के लिए खतरनाक भी. यानी कि हमारे फोन के लिए इस तरह के लोकल चार्जर बिल्कुल सेफ नहीं है. आपने नोटिस किया होगा कि सस्ते चार्जर फोन चार्ज करने में काफी समय लेते हैं और जल्दी गर्म हो जाते हैं. जिससे हमारा फोन जल्दी खराब हो जाता है.

क्या होते हैं नुकसान?

  • फोन स्लो चार्ज होने लगता है.
  • ओवरहीटिंग की समस्या होने लगती है, जिससे ब्लास्ट होने का खतरा रहता है.
  • फोन की बैटरी जल्दी खराब होने लगती है.
  • फोन के स्क्रीन और हार्डवेयर में भी दिक्कत आने लगती है.
  • फोन हैंग होने लगता है.
  • फुल चार्ज होने के बाद भी चार्ज जल्दी-जल्दी खत्म होने लगता है.

चार्जर खरीदते समय इन बातों का दें ध्यान

अपने स्मार्टफोन को ज्यादा दिनों तक चलाना है तो जिस कंपनी का आप फोन यूज कर रहे हैं हमेशा उसी कंपनी के चार्जर का ही इस्तेमाल करें. अगर आप का चार्जर हो गया है तो कोशिश करें की फोन के कंपनी का ही चार्जर खरीदें. अगर आप को कंपनी का चार्जर नहीं मिल रहा है या फिर महंगा है तो मार्केट से सर्टिफाइड चार्जर ही खरीदें. साथ ही चार्जर खरीदते समय इस बात का ध्यान दें की आपके फोन के लिए कितने वॉट का चार्जर सही है.

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शिवानी कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर टेक-ऑटो कंटेंट राइटर हैं और डिजिटल मीडिया में वह 3 सालों से सक्रिय हैं. वह टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं. वह आसान भाषा और साफ तरीके से खबर लिखती हैं. टेक कैटेगरी में वह स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), गैजेट्स, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स पर खबर लिखती हैं. ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी शिवानी नई कार-बाइक लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ऑटो अपडेट्स, कार और बाइक से जुड़े टिप्स व नई तकनीक पर खबरें लिखती हैं. वह टेक और ऑटो की खबरों को आसान तरीके से पेश करती हैं, ताकि हर रीडर उसे आसानी से समझ सके. उनकी लेखन शैली आसान, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है. शिवानी ने करीम सिटी कॉलेज जमशेदपुर से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. इसके बाद उन्होंने अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से पत्रकारिता में अपनी मास्टर्स की डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे कंटेन्ट राइटिंग की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिवानी ने Lagatar.Com और The News Post जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है. यहां उन्होंने टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और अन्य न्यूज बीट पर कंटेंट तैयार किया. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में उनकी खास रुचि है और वह लगातार नए विषयों पर बेहतर और भरोसेमंद कंटेंट तैयार कर रही हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शिवानी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि रीडर्स तक सही, काम की खबरें और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

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