अमेरिका-ईरान युद्ध में ऐप्स बचा रहे लोगों की जान, जानिए क्या है तकनीक

ईरान युद्ध में अलर्ट ऐप्स बने जीवनरक्षक / सिंबॉलिक एआई पिक
ईरान में मिसाइल हमलों के बीच नागरिकों को बचाने के लिए हाई-टेक अलर्ट सिस्टम और मोबाइल ऐप्स का सहारा लिया जा रहा है. Eitaa, Bale, Rubika और Mahsa जैसे ऐप्स हमले से पहले नोटिफिकेशन भेजते हैं, जिससे लोगों को सुरक्षित जगह पर जाने का समय मिल जाता है. जानिए
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने हालात को बेहद खतरनाक बना दिया है. मिसाइल हमलों के चलते आम नागरिकों की जान पर संकट मंडरा रहा है. ऐसे समय में तकनीक लोगों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रही है. हाई-टेक अलर्ट सिस्टम और मोबाइल ऐप्स नागरिकों को हमले से पहले चेतावनी देकर उनकी जान बचाने में मदद कर रहे हैं.
कैसे बचा रहे हैं ऐप्स लोगों की जान
ईरान में Eitaa, Bale और Rubika जैसे मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल मिसाइल हमलों से पहले अलर्ट भेजने के लिए किया जा रहा है. जैसे ही हवा में मिसाइल डिटेक्ट होती है, उसकी स्पीड और लोकेशन का तुरंत कैलकुलेशन कर नागरिकों को नोटिफिकेशन भेज दिया जाता है. यह अलर्ट हमले से लगभग 90 सेकंड पहले जारी होता है, जिससे लोगों को सुरक्षित जगह पर जाने का समय मिल जाता है.
महसा ऐप: मैप पर दिखती सुरक्षित जगह
ईरानी-अमेरिकी डेवलपर अहमद अहमदियां द्वारा बनाया गया Mahsa ऐप नागरिकों को पूरे देश की स्थिति बताता है. इसमें मैप के जरिए यह जानकारी मिलती है कि किस इलाके में हमला हुआ है और कौन-सी जगह सुरक्षित है. इससे लोग अपने परिवार के साथ सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का निर्णय तेजी से ले पाते हैं.
टेक्नोलॉजी के पीछे की साइंस
इन अलर्ट सिस्टम्स में स्पेस-बेस्ड सेंसर, ग्राउंड-बेस्ड सेंसर और इंस्टेंट कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है. जैसे ही मिसाइल की एक्टिविटी पकड़ी जाती है, सिस्टम तुरंत डेटा प्रॉसेस कर अलर्ट जारी कर देता है. हालांकि, कभी-कभी अलर्ट में देरी भी हो सकती है, इसलिए नागरिकों को खुद भी सतर्क रहना जरूरी है.
अन्य देशों में भी मौजूद हैं ऐसे सिस्टम
ईरान ही नहीं, बल्कि जापान, ताइवान, साउथ कोरिया और अमेरिका जैसे देशों में भी ऐसे अलर्ट सिस्टम मौजूद हैं. इनका उद्देश्य एक ही है- नागरिकों को समय रहते चेतावनी देना ताकि वे अपनी जान बचा सकें.
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By Rajeev Kumar
राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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