स्मार्टफोन यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है, ऐपल सैमसंग की बढ़ी टेंशन

Updated at : 11 Jan 2026 6:58 PM (IST)
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भारत सरकार स्मार्टफोन कंपनियों से सोर्स कोड मांगेगी / सांकेतिक तस्वीर

Smartphone Security: भारत सरकार स्मार्टफोन सुरक्षा के लिए नया नियम लाने की तैयारी कर रही है, जिसमें कंपनियों को सोर्स कोड साझा करना होगा. Apple और Samsung ने इस पर चिंता जतायी है

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Smartphone Security: भारत सरकार स्मार्टफोन सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाने की सोच रही है. प्रस्तावित नियमों के तहत कंपनियों को अपना सोर्स कोड साझा करना पड़ सकता है, जिससे सुरक्षा जांच आसान होगी. यह कदम दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों जैसे Apple और Samsung के लिए चिंता का विषय बन गया है. मामला सीधे तौर पर करोड़ों भारतीय यूजर्स की डेटा सुरक्षा से जुड़ा है और इसलिए यह खबर हर स्मार्टफोन यूजर के लिए अहम है.

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार है, जहां करीब 75 करोड़ डिवाइस सक्रिय हैं. ऑनलाइन फ्रॉड और डेटा ब्रीच की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सरकार ने 83-पॉइंट सुरक्षा मानक तैयार किए हैं. इनमें सबसे संवेदनशील प्रावधान है- सोर्स कोड तक पहुंच. यह वही प्रोग्रामिंग है जो स्मार्टफोन को चलाती है और जिसे कंपनियां बेहद गोपनीय रखती हैं.

अगर यह नियम लागू होता है तो यूजर्स को कुछ नये बदलाव देखने को मिल सकते हैं. प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स को अनइंस्टॉल करने का विकल्प मिलेगा और बैकग्राउंड में कैमरा या माइक्रोफोन का इस्तेमाल रोकने की सुविधा भी अनिवार्य होगी. साथ ही, हर बड़े अपडेट से पहले सरकार को जानकारी देनी होगी, जिससे सुरक्षा जांच सुनिश्चित हो सके.

सोर्स कोड साझा करने की मांग वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व है. न तो अमेरिका और न ही यूरोप में ऐसा कोई नियम है. Apple ने पहले चीन की इसी तरह की मांग को ठुकरा दिया था. सवाल यह है कि क्या भारत का यह कदम सुरक्षा को मजबूत करेगा या कंपनियों की गोपनीयता और नवाचार को खतरे में डालेगा.

MAIT, जो भारत में टेक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है, ने इस प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की है. उनका कहना है कि सोर्स कोड साझा करना न तो व्यावहारिक है और न ही सुरक्षित. उद्योग जगत का मानना है कि इससे कंपनियों की प्राइवेसी और बौद्धिक संपदा पर सीधा खतरा होगा.

आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा है कि उद्योग की चिंताओं को खुले मन से सुना जाएगा और अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है. फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है, लेकिन अगर लागू होता है तो भारत वैश्विक स्तर पर स्मार्टफोन सुरक्षा नियमों में सबसे सख्त देश बन जाएगा.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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