कविन मित्तल ने बंद किया हाइक, कभी व्हाट्सऐप को देता था टक्कर, सरकार के फैसले का असर
हाइक ने बंद किया कारोबार, कविन मित्तल बोले- यह सबसे कठिन निर्णय
Hike ShutDown: 13 साल पुराने स्टार्टअप हाइक को बंद करने का फैसला कविन मित्तल ने लिया. भारत में गेमिंग प्रतिबंध के बाद वैश्विक विस्तार असंभव हो गया
Hike ShutDown: 13 सालों तक भारतीय टेक इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के बाद, हाइक (Hike) ने आखिरकार अपना सफर समाप्त कर दिया है. इसके संस्थापक कविन मित्तल ने लिंक्डइन पर एक भावुक पोस्ट के जरिए इस फैसले की जानकारी दी. उन्होंने इसे अपने करियर का सबसे कठिन निर्णय बताया.
अमेरिका में शुरुआत, भारत में झटका
कविन मित्तल ने बताया कि अमेरिका में हाइक का नया व्यवसाय केवल नौ महीने पहले शुरू हुआ था और शुरुआत काफी सकारात्मक रही. लेकिन भारत में पैसे आधारित गेमिंग पर लगे प्रतिबंध ने कंपनी की वैश्विक विस्तार योजना को झटका दिया. इससे पूरी रणनीति को फिर से बनाना पड़ता, जो फिलहाल व्यावहारिक नहीं था.
निवेशकों और टीम के साथ विचार-विमर्श
मित्तल ने कहा, “हमने निवेशकों और टीम के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद हाइक को बंद करने का निर्णय लिया.” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पूंजी जुटाना संभव था, लेकिन सवाल यह था कि क्या यह प्रयास उचित है? उनका जवाब था- “नहीं. न मेरे लिए, न मेरी टीम के लिए और न ही निवेशकों के लिए.”
पैसे आधारित गेमिंग नहीं था अंतिम लक्ष्य
कविन मित्तल ने स्पष्ट किया कि पैसे आधारित गेमिंग कभी भी उनका अंतिम उद्देश्य नहीं था. यह केवल भारत में व्यापार मॉडल और उपभोक्ता जुड़ाव को परखने का एक तरीका था. उनका फोकस हमेशा दीर्घकालिक नवाचार और उपयोगकर्ता अनुभव पर रहा.
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By Rajeev Kumar
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