Fake Call Alert: फोन पर ठग दे रहे मोबाइल कनेक्शन काटने का झांसा, सरकार ने किया सावधान

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 15 May 2024 3:16 PM

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microphones in smartphone

Fake Call Alert: इससे पहले दूरसंचार विभाग ने दूसरे देशों के मोबाइल नंबरों से व्हाट्सऐप कॉल के बारे में एडवाइजरी जारी की थी. इस प्रकार के कॉल +92 आदि कोड से शुरू होते हैं.

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Fake Call Alert : दूरसंचार विभाग ने लोगों को उनके मोबाइल कनेक्शन काटने की धमकी देने वाले फर्जी कॉल को लेकर आगाह किया है. दूरसंचार विभाग ने इससे पहले, दूसरे देशों के मोबाइल नंबरों से व्हाट्सऐप कॉल के बारे में एक सलाह जारी की थी. इस प्रकार के कॉल +92 आदि जैसे कोड से शुरू होते हैं. ये कॉल ऐसे लगता है कि किसी सरकारी अधिकारी ने किया है और इससे लोगों के साथ धोखाधड़ी की जाती है.

विभाग ने एक बयान में कहा, दूरसंचार विभाग ने लोगों के लिए सलाह जारी की है. इसमें नागरिकों को फर्जी कॉल नहीं लेने की सलाह दी गई है. इस प्रकार के कॉल करने वाले उनके मोबाइल नंबर को बंद करने की धमकी देते हैं या यह कहते हैं कि उनके मोबाइल नंबर का कुछ अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा है.

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परामर्श में कहा गया है कि साइबर अपराधी ऐसी कॉल के जरिये साइबर अपराध/वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए धमकी देने या व्यक्तिगत जानकारी चुराने की कोशिश करते हैं.

बयान में कहा गया है, दूरसंचार विभाग/ट्राई अपनी ओर से किसी भी व्यक्ति को ऐसे कॉल करने के लिए अधिकृत नहीं करता है. लोगों को सतर्क रहने और संदिग्ध धोखाधड़ी वाले कॉल के बारे में संचार साथी पोर्टल की चक्षु पर सूचना देने की सलाह दी है.

दूरसंचार विभाग ने नागरिकों को पहले से ही साइबर अपराध या वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार होने की स्थिति में साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 या डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट साइबरक्राइम डॉट गॉव डॉट इन पोर्टल पर रिपोर्ट करने की सलाह दी है.

फर्जी कॉल्स क्या हैं और ये कैसे काम करती हैं?

फर्जी कॉल्स उन कॉल्स हैं जो सरकारी अधिकारियों की तरह लगती हैं, लेकिन वास्तव में ये धोखाधड़ी करने वाले साइबर अपराधियों द्वारा की जाती हैं। ये कॉल अक्सर अंतरराष्ट्रीय नंबरों से आती हैं, जैसे +92, और लोगों को उनके मोबाइल कनेक्शन काटने की धमकी देती हैं।

दूरसंचार विभाग ने क्या सलाह दी है?

दूरसंचार विभाग ने लोगों को फर्जी कॉल्स का जवाब न देने और संदिग्ध कॉल्स के बारे में सतर्क रहने की सलाह दी है। यदि ऐसे कॉल आएं, तो उन्हें तुरंत नजरअंदाज करना चाहिए।

इन कॉल्स का उद्देश्य क्या है?

इन कॉल्स का उद्देश्य आमतौर पर लोगों को डराना और उनकी व्यक्तिगत जानकारी चुराना होता है। साइबर अपराधी वित्तीय धोखाधड़ी करने के लिए इनका उपयोग करते हैं।

अगर मुझे ऐसी कॉल आए तो मुझे क्या करना चाहिए?

अगर आपको ऐसी कॉल आती है, तो तुरंत उसे नज़रअंदाज़ करें। इसके अलावा, आप साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट कर सकते हैं या www.cybercrime.gov.in पर जानकारी दे सकते हैं।

क्या दूरसंचार विभाग ऐसी कॉल्स करने के लिए किसी को अधिकृत करता है?

दूरसंचार विभाग और ट्राई किसी भी व्यक्ति को ऐसे कॉल करने के लिए अधिकृत नहीं करते। नागरिकों को ऐसे कॉल्स से सावधान रहने की सलाह दी गई है।

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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