392 फोन हो जाएंगे कबाड़, 30 हजार से ज्यादा मोबाइल नंबर्स पर भी चलेगी कैंची

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 24 Jun 2024 10:07 AM

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Electricity Bill KYC Scam Alert : आपके पास ऐसा कोई मैसेज आये, जो यह कहता हो कि अगर आपने केवाईसी नहीं करायी है तो आपके घर की बिजली का कनेक्शन काट दिया जाएगा, तो अलर्ट हो जाएं. यह स्कैम है. ऐसा स्कैम करनेवालों के खिलाफ सरकार कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है.

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Electricity Bill KYC Scam Alert : साइबर क्राइम के बढ़ते मामले की रोकथाम के लिए सरकार कड़े कदम उठा रही है. दूरसंचार विभाग (DoT) ने देशभर में 392 मोबाइल हैंडसेट्स को ब्लॉक करने का निर्देश दिया है. इन हैंडसेट्स का इस्तेमाल इलेक्ट्रिसिटी बिल केवाईसी स्कैम में किया जा चुका है. ऐसे स्कैम में बिजली आपूर्तिकर्ता बनकर ठग मैसेज करते थे.

आमतौर पर बिजली आपूर्तिकर्ता कंपनी अपने ग्राहकों को उनकी मासिक बिजली बिल राशि और देय तिथि के बारे में एसएमएस या व्हॉट्सऐप मैसेज के जरिये सूचित करती है. इसके बाद ग्राहक अपना बिल जमा कर सकते हैं. आज के दौर में बिजली बिल जमा करना इतना आसान हो गया है कि आप घर बैठे ऑनलाइन बिजली का बिल जमा कर सकते हैं. वहीं, पिछले कुछ महीनों में इलेक्ट्रिसिटी बिल पेमेंट को लेकर स्कैम की खबरें लगातार सामने आती रही हैं.

बिजली आपूर्तिकर्ता बनकर ठग जो मैसेज ग्राहकों को भेजते थे, उसमें लिखा होता था कि अगर केवाईसी नहीं कराया गया तो बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा. इस तरह के मैसेज में अक्सर या तो संदिग्ग्ध लिंक होते हैं या कुछ निजी डीटेल्स मांगी जाती हैं. ऐसे लिंक्स पर यूजर के क्लिक करने पर उनके बैंक अकाउंट से पैसे गायब हो जाते हैं. इस मामले की कार्रवाई करने के लिए चक्षु पोर्टल ने दूरसंचार विभाग की मदद की है.

DoT और चक्षु प्लैटफॉर्म की कार्रवाई

सरकार ने यह कार्रवाई तब की, जब चक्षु प्लैटफॉर्म के जरिये ऐसी शिकायतों में बढ़ोतरी देखने को मिली. यह पोर्टल यूजर्स को धोखाधड़ी के खिलाफ रिपोर्ट करने में मदद करता है. इन रिपोर्टों पर कार्रवाई करते हुए, दूरसंचार विभाग ने स्कैमिंग एक्टिविटी के एक नेटवर्क को पहचानने के लिए चक्षु पोर्टल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एनालिसिस का इस्तेमाल किया. इसमें लगभग 392 मोबाइल हैंडसेट और 31000 से ज्यादा मोबाइल नंबरों के बीच लिंक का पता चला. इन नंबर्स की पहचान होने के बाद दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कंपनियों से इन मोबाइल नंबर और हैंडसेट्स को ब्लॉक करने का निर्देश दिया है.

इलेक्ट्रिसिटी बिल केवाईसी स्कैम से कैसे बचें?

बिजली आपूर्तिकर्ता की ओर से अगर आपको कोई मैसेज मिलता है, जिसमें कोई लिंक या अटैचमेंट है तो आपको इस मैसेज पर बिल्कुल विश्वास नहीं करना है. हमारी सलाह है कि आप न तो लिंक पर क्लिक करें और न ही अटैचमेंट पर क्लिक करें. टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से कभी भी किसी के साथ बैंक डीटेल्स, ओटीपी या अकाउंट नंबर शेयर न करें. अगर किसी मैसेज को लेकर आपके मन में शक है, तो इसे नजरअंदाज करें. साथ ही, बिजली ऑफिस जाकर कंफर्म करना चाहिए. सही केवाईसी प्रक्रिया के बारे में अपने बिजली आपूर्तिकर्ता की वेबसाइट या सोशल मीडिया हैंडल पर जांच करें. इलेक्ट्रिसिटी अकाउंट वाले अपने ऑनलाइन अकाउंट के लिए मजबूत पासवर्ड बनाएं.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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