मॉनसून में प्यारा AC कहीं लगा न दे आपकी क्लास, सेहत के साथ खेलवाड़ करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
Published by : Ankit Anand Updated At : 23 Jun 2025 5:00 PM
AC Mistakes During Monsoon
AC Mistakes during Monsoon: भारत में मानसून की दस्तक के साथ ही कई इलाकों में लोगों को गर्मी से जरूर मिली है लेकिन इसकी वजह से हवा में नमी बढ़ जाती है। उमस को दूर करने के लिए और कमरे में ठंडक को बनाए रखने के लिए लोग AC का सहारा लेते हैं। मगर सवाल यह है कि क्या बरसात के मौसम में AC का इस्तेमाल वाकई फायदेमंद होता है?
AC Mistakes during Monsoon: जून का महीना खत्म होने को आया है और देश के कई हिस्सों में मॉनसून की एंट्री भी हो चुकी है. बाकी जगहों पर भी इसकी झलक जल्द देखने को मिल जाएगी. इस मौसम में गर्मी से काफी हद तक राहत तो मिल जाती है लेकिन हवा में नमी आ जाने जाने के कारण उमस बढ़ जाती है. हालांकि तमाम लोग ऐसे हैं जिन्हें बहुत गर्मी लगती है और वो बारिश के मौसम में उमस को दूर करने के लिए एयरकंडीशनर का इस्तेमाल करते हैं.
अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो मॉनसून में एसी चलाते हैं तो कुछ बातों को अच्छे से समझ लेना जरूरी है क्यूंकि यह आपके सेहत को नुक्सान पंहुचा सकता है. आज हम आपको बताने जा रहे है AC से जुडी कुछ ऐसे टिप्स जिसको आप बरसात के मौसम में फॉलो कर सकते हैं. आइए जानते हैं.
सही टेम्परेचर सेट करें
मानसून में AC को 18 डिग्री पर सेट करना सेहत के साथ खेलवाड़ करना होगा. बाहर की नमी और हल्की ठंडक के बीच अत्यधिक ठंडा माहौल कई लोगों को नाक बंद, गले में खराश और शरीर में दर्द जैसी समस्याएं दे सकता है. विशेषज्ञों की सलाह है कि इस मौसम में AC का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें.
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मॉनसून में AC को ‘Dry Mode’ पर चलाएं
मानसून के मौसम में परेशानी की असली वजह गर्मी नहीं बल्कि हवा में बढ़ी हुई नमी होती है. ऐसे में कमरे की नमी को हटाने के लिए एयर कंडीशनर को सामान्य से अधिक मेहनत करनी पड़ती है. एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर AC को ‘ड्राई मोड’ पर चलाना चाहिए क्यूंकि इससे कमरा अत्यधिक ठंडा हुए बिना नमी को नियंत्रित करता है और साथ ही बिजली की खपत भी कम करता है.
AC को साफ रखें
एसी के रखरखाव में लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है. दरअसल, हवा में मौजूद नमी धीरे-धीरे एसी के फिल्टर्स और डक्ट्स में जमने लगती है. यदि लंबे समय तक इनकी सफाई न की जाए तो एसी से बदबू आने लगती है और साथ ही छींकने व खांसी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. एक्सपर्ट्स की मानें तो हर दो हफ्ते में फिल्टर्स की सफाई जरूर करनी चाहिए.
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