Apple ने पेगासस जैसे स्पाइवेयर अटैक्स को लेकर यूजर्स को किया अलर्ट

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 13 Apr 2024 7:13 AM

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iPhone / Apple

Apple iPhone Alert: ऐपल ने आईफोन पर पेगासस जैसे स्पाइवेयर अटैक का खतरा जताया है. आईफोन यूजर्स को मर्सनरी स्पायवेयर के जरिये टारगेट किया जा रहा है.

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Apple iPhone Pegasus Spyware like Attack Alert : आईफोन विनिर्माता ऐपल ने अपने यूजर्स को पेगासस जैसे एडवांस्ड स्पाइवेयर अटैक्स को लेकर आगाह करते हुए कहा है कि सीमित संख्या में लोगों को इनका निशाना बनाया जा रहा है. स्पाइवेयर हमलों की जद में आने वाले लोगों में पत्रकार, कार्यकर्ता, राजनेता और राजनयिक शामिल हैं.

हालांकि, ऐपल ने इन हमलों को लेकर जारी एक सूचना में कहा कि अक्सर ऊंची लागत आने की वजह से कम संख्या में ही स्पाइवेयर को तैनात किया जाता है लेकिन भाड़े के स्पाइवेयर से हमले जारी हैं और वैश्विक स्तर पर किये जा रहे हैं.
ऐपल ने 10 अप्रैल को जारी इस खतरे की अधिसूचना में पिछले शोध और रिपोर्टों के आधार पर यह संकेत दिया है कि ऐसे हमलों का ताल्लुक ऐतिहासिक रूप से सरकार से जुड़े पक्षों से रहा है. यह अधिसूचना ऐसे समय आयी है, जब भारत समेत करीब 60 देशों में इस साल चुनाव होने जा रहे हैं.

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दिग्गज फोन विनिर्माता ने कहा, खतरे की सूचनाएं उन यूजर्स को सूचित करने और मदद करने के लिए तैयार की गई हैं, जिन्हें व्यक्तिगत रूप से भाड़े के स्पाइवेयर हमलों से निशाना बनाया गया हो. संभवतः ऐसा इसलिए हो कि वे कौन हैं या क्या करते हैं.

ऐसे हमले नियमित साइबर आपराधिक गतिविधियों एवं उपभोक्ता मालवेयर की तुलना में बहुत अधिक जटिल होते हैं क्योंकि भाड़े के स्पाइवेयर से हमला करने वाले बहुत कम संख्या में विशिष्ट व्यक्तियों और उनके फोन को लक्षित करने के लिए असाधारण संसाधनों का उपयोग करते हैं.

ऐपल ने कहा कि भाड़े के स्पाइवेयर हमलों की कीमत लाखों डॉलर होती है. इसके अलावा हमले की अवधि कम होने से उनका पता लगा पाना और उन्हें रोक पाना खासा मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा अधिकांश उपयोगकर्ताओं पर ऐसे हमले कभी भी नहीं किये जाते हैं.

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कंपनी ने कहा, नागरिक समाज संगठनों, प्रौद्योगिकी फर्मों और पत्रकारों से मिली सूचनाओं और शोध से पता चलता है कि इसपर आने वाली ऊंची लागत और जटिलता को देखते हुए ये हमले ऐतिहासिक रूप से सरकारी पक्षों से जुड़े रहे हैं. इनमें सरकारी की तरफ से भाड़े के स्पाइवेयर विकसित करने वाली निजी कंपनियां भी शामिल हैं जिनमें एनएसओ ग्रुप का स्पाइवेयर पेगासस भी है.

पेगासस स्पाइवेयर ने उपयोगकर्ता के व्हाट्सऐप पर सिर्फ एक मिस कॉल देकर उसके मोबाइल फोन को अपने नियंत्रण में ले लिया था. ऐपल ने कहा कि स्पाइवेयर हमलों की अत्यधिक लागत और विश्वव्यापी प्रकृति उन्हें आज सबसे उन्नत डिजिटल खतरों में शामिल करती है.

ऐसी स्थिति में स्पाइवेयर हमलों से बचने के लिए ऐपल ने उपयोगकर्ताओं को लॉकडाउन मोड को सक्रिय करने का सुझाव दिया है. कंपनी ने कहा, ऐपल ऐसे हमलों का पता लगाने के लिए पूरी तरह से आंतरिक खतरे-खुफिया जानकारी और जांच पर निर्भर करती है. हालांकि, हमारी जांच कभी भी पूरी तरह निश्चित नहीं हो सकती है लेकिन खतरे की ये सूचनाएं अत्यधिक भरोसे वाले अलर्ट हैं. इसे बहुत गंभीरता से लिया जाना चाहिए.

पिछले वर्ष एक सर्वेक्षण से पता चला था कि दुनियाभर में लगभग 49 प्रतिशत संगठन कर्मचारियों के उपकरणों पर हमले या सुरक्षा उल्लंघन का पता लगाने में असमर्थ हैं. साइबर सुरक्षा फर्म चेक पॉइंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में पिछले छह महीनों में मोबाइल मालवेयर से प्रभावित संगठनों का साप्ताहिक औसत 4.3 प्रतिशत था, जबकि एशिया-प्रशांत क्षेत्र का औसत 2.6 प्रतिशत था.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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