Viral Photo: स्टूडेंट्स ने एग्जाम पास होने के लिए आंसर शीट में डाले नोट, टीचर ने इसे वायरल करा दिया

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 22 Aug 2023 3:47 AM

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Viral Photo of Cash In Answer Sheet - बड़े तो क्या, बच्चे भी जानते हैं कि घूस देकर भारत में कई काम कराये जा सकते हैं. इसी वजह से वो भी रिश्वत के सहारे अपनी एग्जाम की नैया पार लगाना सीख चुके हैं. सोशल मीडिया पर एक आईपीएस अधिकारी ने एक ऐसी तस्वीर शेयर की, जो भारत में घूसखोरी की परंपरा की पोल खोल रही है

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Cash In Exam Answer Sheet : बाप बड़ा न भैया, सबसे बड़ा रुपैया! यह कहावत तो आपने भी सुनी ही होगी. इस जमाने का सच यही है. जब कोई काम आसानी से नहीं होता नहीं दिखता, तो हम में से कई लोग घूस यानी रिश्वत देकर उसे आसानी से करा लेने की कोशिश करते हैं. भारत में घूस से लगभग हर तरह के काम हो जाते हैं. यही वजह है कि लोग न घूस देने में हिचकते हैं और न घूस लेने में.

बड़े तो क्या, बच्चे भी जानते हैं कि घूस देकर भारत में कई काम करवाये जा सकते हैं. इसी वजह से ही वो भी रिश्वत के सहारे अपनी एग्जाम की नैया पार लगाना सीख चुके हैं. सोशल मीडिया पर एक आईपीएस अधिकारी ने एक ऐसी तस्वीर शेयर की, जो भारत में घूसखोरी की परंपरा की पोल खोल रही है.

छात्रों, शिक्षकों और पूरे शिक्षा तंत्र को लेकर काफी कुछ कहती है यह तस्वीर

दरअसल, आईपीएस अधिकारी अरुण बोथरा (@arunbothra) ने उत्तर पुस्तिकाओं में रखे गए ₹100, ₹200 और ₹500 के नोटों की तस्वीर ‘X’ पर शेयर की है. उन्होंने लिखा, यह तस्वीर एक शिक्षक ने भेजी. ये नोट एक बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में छात्रों ने पासिंग मार्क्स देने की गुजारिश के साथ रखे थे. यह तस्वीर छात्रों, शिक्षकों और पूरे शिक्षा तंत्र को लेकर काफी कुछ कहती है.

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तस्वीर पर आये ऐसे कमेंट्स

आईपीएस अधिकारी अरुण बोथरा (@arunbothra) ने जैसे ही अपने ट्विटर एक्स हैंडल से इसे शेयर किया, देखते ही देखते यह वायरल हो गया. एक शख्स ने लिखा कि ये है हमारा एजुकेशनल सिस्टम. इसमें बच्चों का भविष्य देखा जाता है. वहीं, एक ने लिखा कि अपने देश में बचपन से ही पैसों से सब कुछ खरीदने की मानसिकता विकसित हो जाती है. वहीं, कई ने इस तस्वीर पर आंसर शीट में पैसे डालनेवाले बच्चों और यह पानेवाले टीचर का मजाक भी बनाया है. इन्हीं में से एक ने लिखा कि पांच सौ में पास होने की तो उम्मीद की जा सकती है, सौ दो सौ रुपये में भला कौन पास करवाता है भला!

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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