Viral Photo: स्टूडेंट्स ने एग्जाम पास होने के लिए आंसर शीट में डाले नोट, टीचर ने इसे वायरल करा दिया

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Viral Photo: स्टूडेंट्स ने एग्जाम पास होने के लिए आंसर शीट में डाले नोट, टीचर ने इसे वायरल करा दिया

Viral Photo of Cash In Answer Sheet – बड़े तो क्या, बच्चे भी जानते हैं कि घूस देकर भारत में कई काम कराये जा सकते हैं. इसी वजह से वो भी रिश्वत के सहारे अपनी एग्जाम की नैया पार लगाना सीख चुके हैं. सोशल मीडिया पर एक आईपीएस अधिकारी ने एक ऐसी तस्वीर शेयर की, जो भारत में घूसखोरी की परंपरा की पोल खोल रही है

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Cash In Exam Answer Sheet : बाप बड़ा न भैया, सबसे बड़ा रुपैया! यह कहावत तो आपने भी सुनी ही होगी. इस जमाने का सच यही है. जब कोई काम आसानी से नहीं होता नहीं दिखता, तो हम में से कई लोग घूस यानी रिश्वत देकर उसे आसानी से करा लेने की कोशिश करते हैं. भारत में घूस से लगभग हर तरह के काम हो जाते हैं. यही वजह है कि लोग न घूस देने में हिचकते हैं और न घूस लेने में.

बड़े तो क्या, बच्चे भी जानते हैं कि घूस देकर भारत में कई काम करवाये जा सकते हैं. इसी वजह से ही वो भी रिश्वत के सहारे अपनी एग्जाम की नैया पार लगाना सीख चुके हैं. सोशल मीडिया पर एक आईपीएस अधिकारी ने एक ऐसी तस्वीर शेयर की, जो भारत में घूसखोरी की परंपरा की पोल खोल रही है.

छात्रों, शिक्षकों और पूरे शिक्षा तंत्र को लेकर काफी कुछ कहती है यह तस्वीर

दरअसल, आईपीएस अधिकारी अरुण बोथरा (@arunbothra) ने उत्तर पुस्तिकाओं में रखे गए ₹100, ₹200 और ₹500 के नोटों की तस्वीर ‘X’ पर शेयर की है. उन्होंने लिखा, यह तस्वीर एक शिक्षक ने भेजी. ये नोट एक बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में छात्रों ने पासिंग मार्क्स देने की गुजारिश के साथ रखे थे. यह तस्वीर छात्रों, शिक्षकों और पूरे शिक्षा तंत्र को लेकर काफी कुछ कहती है.

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तस्वीर पर आये ऐसे कमेंट्स

आईपीएस अधिकारी अरुण बोथरा (@arunbothra) ने जैसे ही अपने ट्विटर एक्स हैंडल से इसे शेयर किया, देखते ही देखते यह वायरल हो गया. एक शख्स ने लिखा कि ये है हमारा एजुकेशनल सिस्टम. इसमें बच्चों का भविष्य देखा जाता है. वहीं, एक ने लिखा कि अपने देश में बचपन से ही पैसों से सब कुछ खरीदने की मानसिकता विकसित हो जाती है. वहीं, कई ने इस तस्वीर पर आंसर शीट में पैसे डालनेवाले बच्चों और यह पानेवाले टीचर का मजाक भी बनाया है. इन्हीं में से एक ने लिखा कि पांच सौ में पास होने की तो उम्मीद की जा सकती है, सौ दो सौ रुपये में भला कौन पास करवाता है भला!

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राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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