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हाईवे पर चलती कार की बैटरी हो जाए डेड, तो क्या है उपाय? पहले समझें संकेत

Updated at : 07 Feb 2024 10:50 AM (IST)
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हाईवे पर चलती कार की बैटरी हो जाए डेड, तो क्या है उपाय? पहले समझें संकेत

हाईवे पर फुल स्पीड में गाड़ी चलाते वक्त आपकी इलेक्ट्रिक कार की बैटरी डेड हो जाए, तो इसका भी सरल उपाय है. इस उपाय को अपनाने के लिए आपको एक दूसरी इलेक्ट्रिक कार की जरूरत पड़ेगी, जिसकी बैटरी फुल चार्ज हो.

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EV Car Battery Care: अगर आपने बड़े ही शौक से इलेक्ट्रिक कार खरीदी है, ताकि पेट्रोल-डीजल के खर्च से बचा जा सके. आप हाईवे पर फुल स्पीड में जा रहे हैं और आपकी बैटरी अचानक डिस्चार्ज या डेड हो जाए, तो? हाईवे पर चलती कार की बैटरी को अचानक डिस्चार्ज या फिर डेड हो जाना किसी भी कार चालक या उसके मालिक के लिए चिंता का विषय हो सकती है. क्योंकि, देश में अभी तक इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज करने या उसकी बैटरी को स्वैप करने के लिए पर्याप्त संख्या में चार्जिंग स्टेशन या बैटरी स्वैपिंग सेंटर विकसित नहीं किए गए हैं. ऐसी स्थिति में इलेक्ट्रिक वाहनों से लॉन्ग ड्राइव पर जाना किसी खतरे से कम नहीं. फिर भी आखिर, इसका कोई उपाय तो होगा? आइए, जानते हैं कि हाईवे पर फुल स्पीड में चलती इलेक्ट्रिक कार की बैटरी अचानक डेड हो जाए, तो ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए.

कैसे समझें संकेत

  • इलेक्ट्रिक कार से लॉन्ग ड्राइव या नॉर्मल सिटी राइड पर निकलने से पहले आपको अपनी गाड़ी की बैटरी चेक कर लेनी चाहिए.

  • पहले, आप उसे स्टार्ट करके देख लें.

  • अगर वह स्टार्ट होने में दिक्कत पेश कर रही है, तो आपको समझ लेना चाहिए कि आपकी बैटरी खराब या डिस्चार्ज हो रही है.

  • बैटरी डिस्चार्ज या खराब होने का दूसरा संकेत यह है कि आप जैसे ही अपनी कार के इंजन को ऑन करेंगे, तो आपको ‘क्लिक…क्लिक…क्लिक…’ की आवाज सुनाई देगी. यह आपकी गाड़ी की बैटरी की घबराहट का संकेत है.

  • इसके बाद, आपकी हेडलाइट की चमक कम हो जाएगी या फिर आपकी कार की विंडोज धीमी स्पीड से खुलेंगी.

  • आपको इन संकेतों से समझ लेना चाहिए कि आपकी बैटरी पुरानी या फिर डिस्चार्ज हो चुकी है.

  • आप उसे तुरंत चार्ज पर लगा दें या बैटरी को बदलने का इंतजाम करें.

क्या है जम्प स्टार्ट

हाईवे पर फुल स्पीड में गाड़ी चलाते वक्त आपकी इलेक्ट्रिक कार की बैटरी डेड हो जाए, तो इसका भी सरल उपाय है. इस उपाय को ‘जम्प स्टार्ट’ कहते हैं. इस उपाय को अपनाने के लिए आपको एक दूसरी इलेक्ट्रिक कार की जरूरत पड़ेगी, जिसकी बैटरी फुल चार्ज हो और जम्पर केबल के साथ चल रही हो. इसके लिए आपको सावधानीपूर्वक काम करना होगा, ताकि बैटरी को अधिक नुकसान न हो.

पास में पार्क कर दूसरी कार से बैटरी करें चार्ज

हाईवे पर अपनी कार की बैटरी को जम्प स्टार्ट करने के लिए आपको दूसरी फुल चार्ज्ड कार की जरूरत पड़ेगी. उस कार के चालक के पास जम्पर केबल होना चाहिए. ये दोनों चीजें मिल जाएं, तो आप अपनी कार को दूसरी कार के पास ऐसे खड़ी करें, जिससे दोनों की बैटरियां आमने-सामने हों. इसके बाद दूसरी कार की बैटरी में जम्पर केबल लगाकर अपनी कार की बैटरी को चार्ज करें. याद रखें कि इन दोनों कारों में इतनी दूरी होनी चाहिए कि वे एक-दूसरी से सटी न हों.

बैटरियों और उनके टर्मिनलों का पता लगाएं

अधिकांश कारों की बैटरियां इंजन डिब्बे में लगाई गई होीती हैं. हालांकि, कुछ कारों की बैटरियां असामान्य स्थानों पर लगाई गई होती हैं. इंजन के डिब्बे में लगाई गई बैटरियों तक पहुंचना आसान नहीं होता. ऐसी स्थिति में आपको बैटरियों और उनके टर्मिनलों का पता लगाना बेहद जरूरी है. बैटरी के टर्मिनलों पर प्लस-माइनस का निशान मिलेगा. अब आप टर्मिनलों से जोड़े गए तारों के रंगों को चेक करें. प्लस टर्मिनल के साथ एक लाल रंग का तार जुड़ा होता है, जबकि माइनस टर्मिनल के साथ एक काला तार जुड़ा होता है. जम्पर केबल के क्लैंप भी लाल और काले रंग में कोडित होते हैं. आपको जम्पर केबल के तारों को भी उसी हिसाब से जोड़ना है.

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जम्पर केबल को बैटरी टर्मिनल से कनेक्ट करें

सबसे पहले, फुल चार्ज्ड कार का इग्निशन बंद करें. इसके बाद केबल का एक सिरा लें और लाल सिरे को डिस्चार्ज हो चुकी बैटरी के पॉजिटिव टर्मिनल से जोड़ दें. काला क्लैंप लें और इसे जमीन पर या प्लास्टिक के हिस्से पर रखें. यह ध्यान रखें कि दोनों कारें किसी भी धातु वाले हिस्से को नहीं छू रही हों. अब, जम्पर केबल का दूसरा सिरा लें और लाल क्लैंप को अच्छी बैटरी के पॉजिटिव टर्मिनल से कनेक्ट करें. फिर, काले क्लैंप को बैटरी के माइनस टर्मिनल से कनेक्ट करें. ऐसा करते समय, ध्यान रखें कि जम्पर केबल के चार क्लैंप में से कोई भी एक दूसरे को नहीं छू रहा है. इसके बाद, डस्चार्ज हो चुकी बैटरी वाली कार के हुड के नीचे एक नंगा, बिना रंगा हुआ धातु का टुकड़ा ढूंढें और उसमें बचा हुआ काला क्लैंप लगा दें.

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चार्ज्ड कार के इंजन को स्टार्ट करें

कार के इंजन को अच्छी बैटरी से चालू करें और इसे दो या तीन मिनट तक निष्क्रिय रहने दें. यह डेड बैटरी को चार्ज करने मदद करेगा. अब, डेड हो चुकी बैटरी वाली कार को स्टार्ट करने का प्रयास करें. यदि यह तुरंत शुरू नहीं होता है, तो चाबी को बंद कर दें और दूसरी कार को 10-15 मिनट तक निष्क्रिय रहने दें. इसके बाद डेड बैटरी वाली कार को दोबारा स्टार्ट करने का प्रयास करें. इसके बाद आपकी कार स्टार्ट हो जाएगी और चलने लायक बन जाएगी.

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जम्पर केबल को डिस्कनेक्ट करें

यदि जम्प-स्टार्ट प्रक्रिया काम कर गई है और आपकी कार स्टार्ट हो गई है, तो उसे चालू छोड़ दें. ऐसा करने से कार का इंजन बैटरी को खुद ही चार्ज कर सकेगा. अब, जम्पर केबल को सावधानी से डिस्कनेक्ट करें. इसके लिए सबसे पहले कार के हुड के नीचे लगे नंगे धातु के कनेक्शन से नेगेटिव क्लैंप को हटा दें. फिर प्लस टर्मिनल से लाल क्लैंप हटा दें और क्लैंप को एक-दूसरे को छूने न दें. उन्हें क्लैंपों से अलग करके जमीन पर रखें. अब, अच्छी बैटरी से लाल क्लैंप हटा दें और फिर काला क्लैंप हटा दें.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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