PHOTO : बिहार में नंबर प्लेटों के लंबरदारों पर कसी जाएगी नकेल, पॉल्यूशन दूर करेगी सरकार
बिहार के परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने सभी डीएम, एसएसपी,एसपी को निर्देश दिया है कि अवैध तरीके से बनाए जा रहे एचएसआरपी के स्थानीय विक्रेताओं एवं फुटपाथ पर बनाए जा रहे रजिस्ट्रेशन प्लेटों पर केंद्रीय मोटरवाहन नियमावली के नियम-50 एवं 51 के उल्लंघन के आरोप में कड़ी कार्रवाई करें.
बिहार में कारों और मोटरसाइकिलों के नंबरप्लेटों का धंधा करने वाले लंबरबाजों पर नकेल कसने के लिए सरकार की ओर से तैयारी कर ली गई है. नीतीश सरकार ने पूरे राज्य में अवैध तरीके से मोटर रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट बनाकर बेचने वाले धंधेबाजों के पॉल्यूशन को दूर करने के लिए कमर कस लिया है. इसके लिए बिहार के परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देश है कि वे नंबर प्लेटों के गोरखधंधे में जुटे लंबरदारों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए. उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को जानकारी देते हुए बताया है कि जिलों में नंबर प्लेट निर्माण के लिए तय किए गए मानकों का उल्लंघन करते हुए लोकल लेवल पर मोटर रजिस्ट्रेशन प्लेट बनाकर उस पर नंबर लिखे जा रहे हैं. इसके साथ ही, गाड़ियों के असली रजिस्ट्रेशन नंबर के बजाए दूसरे रजिस्ट्रेशन नंबर पर प्लेट बनाकर दुकानों और फुटपाथों पर इस गोरखधंधे को अंजाम दिया जा रहा है. आइए, जानते हैं कि फर्जी नंबर प्लेटों के लंबरदारों पर नकेल कसने के लिए बिहार सरकार की ओर से किस प्रकार की तैयारी की गई है?
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बिहार के परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने सभी डीएम, एसएसपी,एसपी को निर्देश दिया है कि अवैध तरीके से बनाए जा रहे एचएसआरपी के स्थानीय विक्रेताओं एवं फुटपाथ पर बनाए जा रहे रजिस्ट्रेशन प्लेटों पर केंद्रीय मोटरवाहन नियमावली के नियम-50 एवं 51 के उल्लंघन के आरोप में कड़ी कार्रवाई करें और फर्जी तरीके से बनाकर गाड़ियों पर लगाए जा रहे नंबर प्लेटों पर रोक लगाई जाए.

परिवहन सचिव ने कहा कि वाहन के नंबर प्लेट पर फैंसी तरीके से विभिन्न निबंधन संख्या को अलग-अलग तरह से लिखवाना अवैध है. कई वाहनों के नंबर प्लेट पर रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ छेड़छाड़ करते हुए बॉस, पापा आदि लिखवाकर गाड़ी चलाते हैं.

फर्जी एचएसआरपी प्लेटों पर अंकुश लगाना अपराध की रोकथाम के लिए जरूरी है. फर्जी नंबर प्लेट लगे होने की वजह दुर्घटना इत्यादि होने पर वाहन के संबंध में जानकारी मिलने में देर होती है,जिससे अनुसंधान में विलंब होता है.

केंद्रीय मोटरवाहन नियमावली, 1989 के नियम-50 एवं 51 में एचएसआरपी के संबंध में प्रावधान किया गया है और सभी गाड़ी मालिकों को निर्धारित प्रावधान के अनुरूप ही अपनी गाड़ियों पर एचएसआरपी लगाना जरूरी है. बिना एचएसआरपी लगे गाड़ियों को सड़कों पर चलाने के बाद मोटरवाहन अधिनियम, 1988 की धारा-177 एवं धारा-179 का उल्लंघन माना जाएगा और ऐसी गाड़ियों और गाड़ी मालिकों पर परिवहन विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी.

आजकल के नंबर प्लेट पर देखते हैं, बड़ा सा कोर्ट लिखा होता है, वह बारकोडिंग होता है, जो हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर लगाया जाता है. आजकल सभी जितने भी नई गाड़ियां निकलती है, उन तमाम नंबर प्लेटों पर इस तरह के बारकोडिंग की जाती है. जिससे कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से उपयोग में लाया जा सके. उस पर जो अंक उभरा हुआ होता है वह सामान्य नजरों से पता नहीं चलता, लेकिन सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह बेहतर होता है. इसके साथ लोग ज्यादा छेड़छाड़ नहीं कर सकते हैं.
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