INS Mahendragiri: आ रहा समंदर का सिकंदर, इन खूबियों के साथ छुड़ाएगा चीन-पाक के पसीने

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 31 Aug 2023 2:42 PM

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INS Mahendragiri - महेंद्रगिरि प्रोजेक्ट 17ए का सातवां स्टील्थ फ्रिगेट है. यह फ्रिगेट्स स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित है, और इसमें कई उन्नत सुविधाएं हैं, जिनमें बेहतर स्टील्थ फीचर्स, उन्नत हथियार और सेंसर और प्लैटफॉर्म प्रबंधन सिस्टम शामिल हैं.

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INS Mahendragiri : भारतीय नौसेना की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए नया युद्धपोत महेंद्रगिरि 1 सितंबर को लॉन्च किया जाएगा. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की पत्नी सुदेश धनखड़ मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में इसका शुभारंभ करेंगी. महेंद्रगिरि प्रोजेक्ट 17ए का सातवां स्टील्थ फ्रिगेट है. यह फ्रिगेट्स स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित है, और इसमें कई उन्नत सुविधाएं हैं, जिनमें बेहतर स्टील्थ फीचर्स, उन्नत हथियार और सेंसर और प्लैटफॉर्म प्रबंधन सिस्टम शामिल हैं. इन उन्नत सुविधाओं के साथ, महेंद्रगिरि भारतीय नौसेना को हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ाने और चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगी.

प्रोजेक्ट 17A के तहत, भारतीय नौसेना चार युद्धपोत मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) में और बाकी गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) में बना रही है. GRSE में निर्मित छठा युद्धपोत, INS Vindhyagiri, 17 अगस्त, 2023 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा लॉन्च किया गया था.

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प्रोजेक्ट 17A फ्रिगेट्स प्रोजेक्ट 17 (शिवालिक क्लास) फ्रिगेट्स का एक उन्नत संस्करण है. इन फ्रिगेट्स में कई उन्नत सुविधाएं हैं, जिनमें बेहतर स्टील्थ फीचर्स, उन्नत हथियार और सेंसर और प्लैटफॉर्म प्रबंधन सिस्टम शामिल हैं.

इन युद्धपोतों का निर्माण भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. वे भारतीय नौसेना को हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ाने और चुनौतियों का सामना करने में मदद करेंगे.

यहां प्रोजेक्ट 17A के तहत लॉन्च किए गए युद्धपोतों की सूची दी गई है –

INS Nilgiri (सितंबर 2019)

INS Udaygiri (मार्च 2020)

INS Kadmatt (दिसंबर 2020)

INS Surat (अक्टूबर 2021)

INS Khanderi (जनवरी 2022)

INS Vindhyagiri (अगस्त 2023)

शेष तीन युद्धपोतों को 2024 और 2026 के बीच लॉन्च किये जाने की उम्मीद है.

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भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने कहा है कि महेंद्रगिरी फ्रिगेट्स भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह फ्रिगेट्स स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित है, और इसमें कई उन्नत सुविधाएं हैं, जिनमें बेहतर स्टील्थ फीचर्स, उन्नत हथियार और सेंसर और प्लैटफॉर्म प्रबंधन सिस्टम शामिल हैं.

महेंद्रगिरी फ्रिगेट्स प्रोजेक्ट 17A के तहत निर्मित पांचवीं फ्रिगेट्स है. यह फ्रिगेट्स प्रोजेक्ट 17 के तहत निर्मित शिवालिक क्लास फ्रिगेट्स का फॉलोअप है. प्रोजेक्ट 17 फ्रिगेट्स को स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया था, और इनमें कई उन्नत सुविधाएं शामिल थीं.

प्रोजेक्ट 17ए के तहत, भारतीय नौसेना ने 2019 से 2022 तक पांच युद्धपोत लॉन्च किये हैं. इन युद्धपोतों का लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब रक्षा में आत्मनिर्भरता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में चीनी सैन्य उपस्थिति बढ़ रही है, और भारत अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. सभी प्रोजेक्ट 17ए युद्धपोत वर्तमान में निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं और 2024-26 के दौरान नौसेना को सौंपे जाने की उम्मीद है.

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INS महेंद्रगिरि की खूबियां क्या हैं ?

INS महेंद्रगिरि, प्रोजेक्ट 17A का सातवां स्टील्थ फ्रिगेट है. यह फ्रिगेट्स स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित है, और इसमें कई उन्नत सुविधाएं हैं, जिनमें बेहतर स्टील्थ फीचर्स, उन्नत हथियार और सेंसर और प्लैटफॉर्म प्रबंधन सिस्टम शामिल हैं.

INS महेंद्रगिरि की खूबियां निम्नलिखित हैं –

बेहतर स्टील्थ फीचर्स : ये सुविधाएं फ्रिगेट्स को रडार और अन्य सेंसरों से छिपाने में मदद करती हैं. इससे फ्रिगेट्स को दुश्मन के हमलों से बचने में मदद मिलती है.

उन्नत हथियार और सेंसर : इनमें हवा से हवा में मिसाइल, एंटी-शिप मिसाइल, एंटी-सबमरीन मिसाइल, और एक स्वदेशी रूप से विकसित हथियार प्रणाली शामिल है. ये हथियार और सेंसर फ्रिगेट्स को विभिन्न प्रकार की लक्ष्यों को मारने में सक्षम बनाते हैं.

प्लैटफॉर्म प्रबंधन सिस्टम : यह सिस्टम फ्रिगेट्स के विभिन्न उपकरणों और प्रणालियों को नियंत्रित और समन्वयित करता है. यह फ्रिगेट्स को अधिक कुशलता से संचालित करने में मदद करता है.

इन उन्नत सुविधाओं के साथ, INS महेंद्रगिरि भारतीय नौसेना को हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ाने और चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगी.

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ युद्धपोत ‘महेंद्रगिरि’ के जलावतरण समारोह में मुख्य अतिथि होंगे

उपराष्ट्रपति सचिवालय द्वारा एक बयान जारीश्र बताया गया कि धनखड़ अपनी पत्नी डॉ सुदेश धनखड़ के साथ एक सितंबर, 2023 को मुंबई का दौरा करेंगे. बयान में कहा गया, वे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) में बनाये जा रहे युद्धपोत ‘महेंद्रगिरि’ के जलावतरण समारोह में मुख्य अतिथि होंगे. एमडीएल द्वारा निर्मित ‘महेंद्रगिरि’ चौथा युद्धपोत है और भारतीय नौसेना की परियोजना 17ए के तहत सातवां ‘स्टील्थ फ्रिगेट’ है. अपनी यात्रा के दौरान, उपराष्ट्रपति मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के विरासत संग्रहालय ‘धरोहर’ का भी दौरा करेंगे.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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