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Twitter vs Koo: भारत का पहला माइक्रोब्लॉगिंग प्लैटफाॅर्म 'कू' कैसे है ट्विटर से अलग? जानिए इसके फीचर्स

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
twitter vs koo app review
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Highlights

  • Koo (कू) गूगल प्लेस्टोर और ऐप स्टोर पर फ्री में कर सकते हैं डाउनलोड

  • भारत में कू ऐप को देसी ट्विटर माना जा रहा है, फीचर्स भी सेम

  • कई भारतीय भाषाओं का सपोर्ट और 400 कैरेक्टर्स में लिखने की छूट

भारत में अब पॉपुलर सोशल मीडिया ऐप्स और माइक्रोब्लॉगिंग साइट्स के देसी विकल्प अपने चरम पर हैं और इसी कड़ी में Koo (कू) की काफी चर्चा हो रही है. Koo (कू) को देसी ट्विटर माना जा रहा है और इसमें फीचर्स भी ट्विटर जैसे ही हैं, लेकिन ऐसे कुछ खास फीचर्स हैं जो Koo (कू) को ट्विटर से अलग करते हैं और इसी वजह से पिछले एक ही साल में इससे भारत के लोगों के लिए न सिर्फ विकल्प, बल्कि एक सुविधा के रूप में भी उभरा है.

देश में आत्मनिर्भर भारत पहल पर कोशिशें काफी तेज हो गई हैं और देसी टेक कंपनियां तरह-तरह के मोबाइल ऐप्लिकेशन पर काम कर रही हैं, जो सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के साथ ही अन्य जरूरी चीजों से जुड़े हैं. इसी कोशिश में Koo (कू) की काफी चर्चा हो रही है और यह भारत का पहला माइक्रोब्लॉगिंग साइट है और सबसे खास बात ये है कि यह Digital India AatmaNirbhar Bharat Innovate Challenge का विनर भी घोषित किया जा चुका है.

देश में आत्मनिर्भरता की पहल पर कोशिशें काफी तेज हो गई हैं और देसी टेक कंपनियां तरह-तरह के मोबाइल ऐप्लिकेशन पर काम कर रही हैं, जो सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के साथ ही अन्य जरूरी चीजों से जुड़े हैं. इसी कोशिश में आजकल Koo (कू) की काफी चर्चा हो रही है और यह माइक्रोब्लॉगिंग साइट मेड इन इंडिया है और पिछले साल इस ऐप को डेवेलप किया था. फिलहाल इस ऐप पर नेताओं से लेकर कई बॉलीवुड और टीवी कलाकार से लेकर कई बड़ी हस्तियां जुड़ चुकी हैं.

फिलहाल Koo (कू) के डेवेलपर्स ने इसे iOS और Android प्लैटफॉर्म पर लाइव कर चुके हैं और लोग अब को अपने मोबाइल में इंस्टॉल भी करने लगे हैं. Koo app (कू) की वेबसाइट भी है, जिस पर इस ऐप से जुड़ी सारी जानकारी दी गई है.

कैसे करें डाउनलोड?

आपको बता दें कि Koo (कू) बिल्कुल फ्री है और आप इसे गूगल प्ले स्टोर के साथ ही ऐपल ऐप स्टोर पर फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं. कू ऐप को डाउनलोड करने के लिए आप गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर पर Koo सर्च करें. सर्च करते ही आपको सबसे पहले ‘Koo: Connect with Indians in Indian Languages’ दिखेगा. यहां इस बात का ध्यान जरूर रखें कि इसे Bombinate Technologies Private Limited द्वारा डेवेलप किया गया है और डाउनलोड करने से पहले ये पढ़ लें.

क्या हैं इसके खास फीचर्स

इस ऐप पर आप अलग अलग कैटेगरी में लोगों को फॉलो कर सकते हैं. ऐप पर यूजर अपनी कू को 400 कैरेक्टेर्स में अपनी बात भारतीय भाषाओं में रख सकते हैं. फिलहाल यह ऐप हिंदी, तमिल तेलुगु कन्नड़ मराठी और बंगाली में है ऐप पर यूजर अपनी कू न सिर्फ लिखित रूप में शेयर कर सकते हैं बल्कि ऑडियो और वीडियो के रूप में भी शेयर कर सकते हैं. यूजर मिनट के अंतर्गत आने वाले ऑडियो-वीडियो कंटेंट को शेयर कर सकते हैं. साथ ही साथ कू पर यूजर्स फोटो व यूट्यूब के लिंक्स भी अपनी लिखित कू के साथ शेयर कर सकते हैं.

खास बातें जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है

अगर यूजर अपनी भारतीय भाषाओं में लिखना नहीं जानते हैं, तो वे अंग्रेजी शब्दों वाले टाइप मोड से ही अपनी भाषा में टाइप कर अपनी भाषा में को टाइप कर सकते हैं. इस ऐप में एक अनोखा फीचर ये है कि यूजर अपने दोस्तों को अपने कू को व्हाट्सऐप और फेसबुक पर शेयर कर सकते हैं और साथ ही साथ व्हाट्सऐप के स्टेटस पर भी शेयर कर लोगों तक पहुंच सकते हैं. इसके अलावा, कू यूजर अपने सेटिंग्स पर जाकर अपनी भाषा को अपने हिसाब से बदल भी सकते हैं.

अब बात आती है एक यूजर द्वारा किसी दूसरे कू यूजर को मैसेज करने की

कू पर आप किसी भी अनजान कू यूजर को मैसेज नहीं कर सकते हैं. और अगर आपको किसी को मैसेज करना है, तो आपको उनसे परमिशन लेनी जरूरी है. अगर कू पर यूजर आपको परमिशन देते हैं, तब ही आप उनके साथ चैट कर सकते हैं.

हैश टैग्स

हैश टैग्स के मामले में ऐसे कई सारे हैश टैग्स हैं, जो प्रतिदिन ट्रेंड किये जाते हैं और यूजर्स उन सभी हैशटैग्स को इस्तेमाल कर अपनी कू कर सकता है.

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