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FAME II : सब्सिडी में वृद्धि से बढ़ेगी इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग, जानें आम आदमी को क्या होगा फायदा

इलेक्ट्रिक दोपहिया कंपनियों का मानना है कि फेम-दो के तहत सरकार ने वाहनों (इलेक्ट्रिक) पर सब्सिडी में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर एक शानदार कदम उठाया है. यह देश में पर्यावरणनुकूल वाहनों की स्वीकार्यता बढ़ाने की दृष्टि से एक पासा पलटने वाला कदम होगा. सरकार ने शुक्रवार को फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक वेहिकल्स इन इंडिया चरण दो (फेम इंडिया दो) योजना में आंशिक संशोधन किया है.

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FAME Electric Vehicles Scheme Revision
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इलेक्ट्रिक दोपहिया कंपनियों का मानना है कि फेम-दो के तहत सरकार ने वाहनों (इलेक्ट्रिक) पर सब्सिडी में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर एक शानदार कदम उठाया है. यह देश में पर्यावरणनुकूल वाहनों की स्वीकार्यता बढ़ाने की दृष्टि से एक पासा पलटने वाला कदम होगा.

सरकार ने शुक्रवार को फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक वेहिकल्स इन इंडिया चरण दो (फेम इंडिया दो) योजना में आंशिक संशोधन किया है. इसके तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया के लिए मांग प्रोत्साहन को बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति केडब्ल्यूएच कर दिया गया है.

पहले सभी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 10,000 प्रति केडब्ल्यूएच की समान सब्सिडी थी. इनमें प्लग इन हाइब्रिड और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड शामिल हैं. बसें इसमें शामिल नहीं हैं. ताजा संशोधन के तहत भारी उद्योग मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक दोपहिया के लिए प्रोत्साहन की सीमा को वाहन की लागत के 40 प्रतिशत तक सीमित किया है. पहले यह सीमा 20 प्रतिशत थी.

अथर एनर्जी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं सह-संस्थापक तरुण मेहता ने बयान में कहा, फेम दो नीति में संशोधन के जरिये सब्सिडी को प्रति केडब्ल्यूएच 50 प्रतिशत बढ़ाया गया है. यह एक शानदार कदम है. महामारी के बीच भी इलेक्ट्रिक दोपहिया की बिक्री लगातार बढ़ी है. इस अतिरिक्त सब्सिडी के बाद हमें इस बाजार में जबर्दस्त तेजी की उम्मीद है. हमारा अनुमान है कि 2025 तक इलेक्ट्रिक दोपहिया की बिक्री 60 लाख इकाई से अधिक हो जाएगी.

उन्होंने कहा कि सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता बढ़ाने पर लगातार जोर दे रही है. इसके तहत स्थानीय स्तर पर इलेक्ट्रिक दोपहिया के विनिर्माण पर जोर दिया जा रहा है. इससे भारत इलेक्ट्रिक वाहनों का विनिर्माण केंद्र बन सकता है.

सरकार के इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र को समर्थन का स्वागत करते हुए टीवीएस मोटर कंपनी के संयुक्त प्रबंध निदेशक सुदर्शन वेणु ने कहा, टिकाऊ मोबिलिटी समाधान भविष्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं. इलेक्ट्रिक दोपहिया के लिए प्रोत्साहन बढ़ने से इनकी मांग बढ़ेगी.

सोसायटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक वेहिकल्स (एसएमईवी) के महानिदेशक सोहिंदर गिल ने कहा, यह सरकार द्वारा लिया गया एक महत्वपूर्ण फैसला है. इससे इलेक्ट्रिक दोपहिया के दाम घटकर इंटरनर कम्बशन इंजन वाहनों के बराबर आ जाएंगे. इससे इलेक्ट्रिक दोपहिया के दाम बहुत ऊंचे होने की सबसे बड़ी अड़चन दूर हो सकेगी.

गिल ने कहा, अब 100 किलोमीटर/प्रति चार्ज वाले 'सिटी स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर' की कीमत 60,000 रुपये से कम हो जाएगी. वहीं 80 किलोमीटर रेंज वाले हाई स्पीड स्कूटर की कीमत करीब एक लाख रुपये बैठेगी.

हीरो इलेक्ट्रिक के प्रबंध निदेशक नवीन मुंजाल ने कहा, यह पिछले एक दशक में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण कदम है. फेम दो के तहत सब्सिडी में बढ़ोतरी से देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का नया दौर शुरू होगा. सब्सिडी की सीमा में बढ़ोतरी पासा पलटने वाली होगी. इससे पेट्रोल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर पर पहुंचने के बीच उपभोक्ताओं का रुझान इलेक्ट्रिक स्कूटरों की ओर बढ़ेगा.

रिवॉल्ट मोटर्स के संस्थापक राहुल शर्मा ने कहा कि फेम दो में संशोधन पासा पलटने वाला होगा. उन्होंने कहा, वित्तीय प्रोत्साहन बढ़ने से इस श्रेणी में उत्पादों की स्वीकार्यता बढ़ेगी. यह इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

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