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पिता के एक्सीडेंट ने नहीं तोड़ा हौसला, हॉस्पिटल में रहकर मोक्षदा ने की पढ़ाई, बनीं मंत्रालय में अधिकारी

9 Nov, 2025 4:23 pm
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Mokshada Tiwari Success Story

Success Story Mokshada Tiwari (Image: Instagram)

Mokshada Tiwari Success Story: मोक्षदा तिवारी केंद्रीय मंत्रालय में काम करती हैं. सोशल मीडिया पर हजारों युवा उन्हें फॉलो करते हैं. लेकिन जो उन्हें खास बनाता है, वो सिर्फ उनकी नौकरी नहीं बल्कि नौकरी पाने के पीछे का संघर्ष है. आइए उनकी कहानी को करीब से जानते हैं.

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Mokshada Tiwari Success Story: जिंदगी में हालात चाहे जितने मुश्किल क्यों न हों, अगर इंसान ठान ले तो वह हर मंजिल पा सकता है. ऐसी ही कहानी है उत्तर प्रदेश के पीलीभीत की रहने वाली मोक्षदा तिवारी की, जिन्होंने मुश्किल हालात में भी हार नहीं मानी. पिता के एक्सीडेंट के बाद जब पूरा परिवार सदमे में था, तब उन्होंने हॉस्पिटल में रहकर पढ़ाई जारी रखी और आज केंद्रीय मंत्रालय में अधिकारी के तौर पर काम कर रही हैं.

Mokshada Tiwari Success Story: यूपी की रहने वाली

मोक्षदा तिवारी उत्तर प्रदेश के पीलीभीत की रहने वाली हैं. आज वो केंद्र सरकार के मंत्रालय में अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं. सोशल मीडिया पर मोक्षदा काफी एक्टिव रहती हैं और अक्सर छात्रों को पढ़ाई और एग्जाम की तैयारी से जुड़ी टिप्स शेयर करती हैं.

बचपन से ही पढ़ाई में तेज

मोक्षदा शुरू से ही पढ़ाई में होशियार रही हैं. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पीलीभीत से ही पूरी की. कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में उन्होंने 10 CGPA हासिल किया और स्कूल की टॉपर बनीं. बचपन से ही उनका सपना था कि वो पढ़ाई के दम पर कुछ बड़ा करें और परिवार का नाम रोशन करें.

इंजीनियरिंग के साथ शुरू हुआ नया सफर

स्कूल के बाद मोक्षदा ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का फैसला किया. उन्होंने नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. कॉलेज के दिनों में ही उनका रुझान सरकारी नौकरी की ओर बढ़ने लगा. उन्होंने ठान लिया कि अब सिविल सर्विस या केंद्रीय मंत्रालय में काम करेंगी.

पिता के एक्सीडेंट ने बदला जिंदगी का दौर

इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद मोक्षदा ने SSC Exams की तैयारी शुरू की. शुरुआत में उन्होंने कोचिंग ज्वाइन की, लेकिन कुछ समय बाद घर लौट आईं और ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की. तभी उनके जीवन में बड़ा झटका लगा- SSC CGL Tier 1 परीक्षा से ठीक पहले उनके पिता का एक्सीडेंट हो गया. पूरा परिवार अस्पताल में था. लेकिन मोक्षदा ने हार नहीं मानी. वो हॉस्पिटल में रहकर पिता की सेवा करती रहीं और साथ ही वहीं से पढ़ाई भी करती रहीं.

असफलता से सफलता तक की कहानी

पहली बार SSC CGL परीक्षा में उन्हें असफलता मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने अपनी कमजोरियों पर काम किया और तैयारी जारी रखी. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई. SSC CGL 2019 परीक्षा में मोक्षदा ने रैंक 211 हासिल की और ASO (Assistant Section Officer) पद पर चयनित हुईं. आज वो केंद्रीय मंत्रालय में कार्यरत हैं और सोशल मीडिया पर अपनी सफलता की यात्रा से दूसरे छात्रों को प्रेरित करती हैं.

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Ravi Mallick

लेखक के बारे में

By Ravi Mallick

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.

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