जेल हिरासत में भाजपा कार्यकर्ता की मौत को लेकर एसपी से मांगी रिपोर्ट

Updated at : 19 Jun 2024 10:37 PM (IST)
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जेल हिरासत में भाजपा कार्यकर्ता की मौत को लेकर एसपी से मांगी रिपोर्ट

पश्चिम मेदिनीपुर जिले के डेबरा में भाजपा कार्यकर्ता संजय बेरा (42) की जेल हिरासत में अस्वाभाविक मौत के बाद परिजनों ने कलकत्ता हाइकोर्ट में घटना की सीबीआइ जांच की मांग करते हुए याचिका दायर की. बुधवार को सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाइकोर्ट की न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने मामले में पश्चिम मेदिनीपुर जिले के पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट तलब की है.

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कोलकाता.

पश्चिम मेदिनीपुर जिले के डेबरा में भाजपा कार्यकर्ता संजय बेरा (42) की जेल हिरासत में अस्वाभाविक मौत के बाद परिजनों ने कलकत्ता हाइकोर्ट में घटना की सीबीआइ जांच की मांग करते हुए याचिका दायर की. बुधवार को सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाइकोर्ट की न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने मामले में पश्चिम मेदिनीपुर जिले के पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट तलब की है.

साथ ही हाइकोर्ट ने पुलिस को पश्चिम मेदिनीपुर जिले के डेबरा थाना से लेकर जेल तक के सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित करके रखने का आदेश दिया है. साथ ही हाइकोर्ट ने कहा है कि पुलिस द्वारा घटना को लेकर निचली अदालत में जो रिपोर्ट पेश की गयी है, उसे हाइकोर्ट में भी पेश करनी होगी.

इसके अलावा, न्यायाधीश ने संजय बेरा के शव का पोस्टमार्टम करने के लिए एक अनुभवी चिकित्सक के नेतृत्व में विशेष कमेटी गठित करने का निर्देश दिया ,है और पूरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करने के लिए कहा है. न्यायाधीश ने कहा है कि यह प्रक्रिया संपूर्ण होने के बाद शव को परिजनों को सौंप देना होगा. इसके साथ ही न्यायाधीश ने जिला पुलिस को आगामी बुधवार तक जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है.

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कहा कि अदालत से जेल लौटते वक्त शाम 4.50 बजे के करीब संजय बेरा जेल के गेट के पास गिर गया था और उसे वहां से मेदिनीपुर अस्पताल ले जाया गया.

राज्य सरकार के अधिवक्ता ने दावा किया कि संजय बेरा को पुलिस ने कभी भी अपनी हिरासत में नहीं लिया, उसे हमेशा जेल हिरासत में ही रखा गया. राज्य सरकार के वकील ने कहा कि हमने सभी सीसीटीवी फुटेज संभाल कर रखने का आदेश दिया है.

परिजनों का दावा, गिरफ्तारी के वक्त शरीर पर नहीं थे चोट के निशान

मृतक के परिजनों का दावा है कि गिरफ्तारी के समय संजय बेरा के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे. उन्होंने चार व पांच जून की डेबरा थाना के सीसीटीवी फुटेज को अदालत में पेश करने की मांग की है. हालांकि, मामले की सुनवाई के दौरान परिजनों की ओर से अधिवक्ता ने कहा कि वह फिलहाल मामले की जांच एसपी रैंक के किसी पदाधिकारी से कराना चाहते हैं. वह अभी किसी और एजेंसी से जांच कराने की मांग नहीं कर रहे.

शुभेंदु बोले, पुलिस बना रही बहाना, हो सीबीआइ जांच

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी इस मामले की सीबीआइ जांच की मांग की थी. शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि पुलिस ने चार जून को संजय बेरा को गिरफ्तार किया था. उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. बाद में उन्हें मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. उन्हें 11 जून को वापस न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. फिर से अस्पताल भेजा गया और मंगलवार को उनकी मौत हो गयी. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पुलिस बहाना बना रही है कि गिरने से उनके सिर में चोट लगी थी.

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