सेक्स रैकेट चलाने वाले गिरोह के हाथों बिक रहीं किशोरियां

Updated at : 27 Jul 2024 1:37 AM (IST)
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सेक्स रैकेट चलाने वाले गिरोह के हाथों बिक रहीं किशोरियां

तीन महीने में ऐसी चार किशोरियों को किया गया रिकवर, 12 गिरफ्तार

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कोलकाता. सेक्स रैकेट चलाने वाले गिरोह के सदस्य महज 10 से 15 हजार रुपये के एवज में ग्रामीण इलाकों में रहनेवाले आर्थिक रूप से कमजोर और विवश परिवार से उनकी किशोरियों को खरीद ले रहे हैं. इसके बाद उन्हें किसी फ्लैट में या फिर अपने ठिकानों में ले जाकर सेक्स रैकेट में उनका इस्तेमाल कर रहे हैं. लालबाजार के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की टीम ने पिछले तीन महीने में इस तरह की चार किशोरियों को सेक्स रैकेट चलानेवाले गिरोह से मुक्त करवाया है. इस मामले में पिछले तीन महीनों में पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मुक्त करायी गयीं किशोरियों में एक बांग्लादेश, दूसरी उत्तर बंगाल एवं शेष दो किशोरियां दक्षिण 24 परगना जिले की हैं.

अब रेड लाइट इलाकों में नहीं, किराये के फ्लैट में रखकर कराया जा रहा धंधा

पुलिस सूत्रों का कहना है कि तस्करी की शिकार किशोरी से लेकर युवतियों को लाकर अब तक आमतौर पर सोनागाछी जैसे रेड लाइट इलाकों में लाया जाता था. इसलिए अब तक पुलिस की टीम रेड लाइट इलाकों में होनेवाली गतिविधि पर नजर रखती थी, लेकिन अब सेक्स रैकेट चलानेवाले गिरोह के सदस्यों ने अपने काम का तरीका बदल लिया है. लालबाजार के खुफिया सूत्रों के मुताबिक तस्करी की शिकार लड़कियों को लाकर अब गिरोह के सदस्य उन्हें पहले से किराये पर लिये गये फ्लैट में लाकर रखकर देह व्यापार का धंधा चला रहे हैं, जिससे पुलिस को इसकी खबर न मिल सके.

लालबाजार सूत्रों के मुताबिक एएचटीयू की टीम ने पिछले तीन महीने में करीब 12 ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है, जो इस तरह के धंधे में लिप्त थे. पुलिस ने इनके गिरफ्त से चार किशोरियों को मुक्त कराया है, जिसमें अधिकतर किशोरियों को उनके परिवार के सदस्यों के हवाले कर दिया गया है. अब वे सामान्य जीवन में वापस लौट गयी हैं. पुलिस की टीम लगातार इस तरह के गिरोह पर निगरानी रखे हुए है.

कैसे चल रहा यह गिरोह

लालबाजार सूत्रों के मुताबिक पिछले तीन महीनों में कोलकाता पुलिस के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की टीम ने गुप्त जानकारी के आधार पर शहर के विभिन्न इलाकों से चार नाबालिगों को गिरोह के चंगुल से बचाया है. सूत्रों के मुताबिक मुक्त करायी गयी किशोरियों की उम्र 15 से 17 साल के बीच है. ऐसे किशोरियों को उनके परिवार के सदस्य किसी को 10 तो किसी को 15 हजार रुपये के लिए सेक्स रैकेट चलानेवाले गिरोह के हवाले कर दिये थे. ग्रामीण इलाकों के विभिन्न गांवों में यह गिरोह अब भी सक्रिय है. इस गिरोह के सदस्य गरीब परिवारों की लड़कियों को सिर्फ कुछ रुपये के एवज में खरीद कर उन्हें बेहतर नौकरी दिलवा देने के बहाने कोलकाता ला रहे हैं. इसके बाद इनसे देह व्यापार कराया जा रहा है.

राज्यभर में कई जिलों में सक्रिय है यह गिरोह

लालबाजार सूत्र बताते हैं कि मुख्य रूप से यह गिरोह उत्तर 24 परगना के बशीरहाट, बनगांव जैसे सीमावर्ती इलाके, दक्षिण 24 परगना के सुंदरवन, कैनिंग, काकद्वीप जैसे दूरदराज के इलाकों में सक्रिय हैं. इसके अलावा उत्तर बंगाल के सीमावर्ती इलाकों से भी नाबालिगों को लाया जा रहा है. इसमें एक बड़ा रैकेट पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ भी काम कर रहा है. वहां से कम उम्र की लड़कियों को खरीदकर कोलकाता लाया जा रहा है. उन्हें बेहतर नौकरी दिलवाने के नाम पर कोलकाता लाया जा रहा है.

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