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बीएसएफ जवानों पर टूट पड़े तस्कर, किया तेज धार हथियार से हमला, एक गंभीर

सीमा के पास तस्करी के चक्कर में होते हैं हमले, जवान भी करते हैं कार्रवाई

कोलकाता. एक बार फिर भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बांग्लादेशी तस्करों ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों पर हमला कर दिया. इस बार घटना नदिया में हुई. यहां अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बांग्लादेशी तस्करों ने बीएसएफ के जवानों पर जानलेवा हमला किया, जिसमें बल का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना सोमवार रात की है, जब बीएसएफ के जवानों ने बांग्लादेश से भारत में अवैध रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने की कोशिश कर रहे सात तस्करों की संदिग्ध गतिविधियों को रोकने की कोशिश की थी.

कब और क्या हुआ : बीएसएफ के एक अधिकारी बताया कि सोमवार रात बीएसएफ के जवान नदिया स्थित भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास थर्मल इमेजर (एचएचटीआइ) के साथ तैनात थे. इसी बीच उन्होंने सात लोगों की संदिग्ध हरकत देखी. थोड़ी ही देर में चार बांग्लादेशी तस्कर इंप्रोवाइज्ड बाड़ को काट कर भारत की ओर बढ़ने लगे. जवानों ने उन्हें रुकने की चेतावनी दी, बावजूद इसके तस्कर आगे बढ़ने लगे. उन्होंने एक जवान को घेर लिया. जवाबी कार्रवाई में बीएसएफ के जवान ने पंप एक्शन गन (पीएजी) से एक राउंड फायर किया, लेकिन वह मिसफायर हो गया. इसके बाद बांग्लादेशी तस्करों ने बीएसएफ के उक्त जवान पर तेजधार हथियार (दाह) से हमला कर दिया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया. जवाब में उसके साथियों ने पीएजी से गोलियां चलायीं, जिससे घबराकर बांग्लादेशी तस्कर बांग्लादेश की ओर भाग निकले. घायल जवान को तुरंत प्राथमिक उपचार के बाद कोलकाता के एसएसकेएम हॉस्पिटल लाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. बीएसएफ ने बीजीबी अधिकारियों के साथ की बैठक : घटना के बाद, बीएसएफ अधिकारियों ने बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के साथ कमांडेंट स्तर की बैठक की और कड़ा विरोध दर्ज कराया तथा घटना में शामिल बांग्लादेशी बदमाशों के नाम साझा किये. बीएसएफ ने बीजीबी से उनकी तत्काल गिरफ्तारी का आग्रह किया. खुफिया विभाग से बीएसएफ को पता चला है कि हमलावर बांग्लादेश के झेनइदाह जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास के गांवों के हैं. बीएसएफ ने घटना की सूचना धानतला थाने को दी है और प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.

बीएसएफ पर पहले भी हो चुके हैं हमले

बांग्लादेशी तस्करों द्वारा बीएसएफ के जवानों पर किया गया हमला पहला नहीं है. मवेशी तस्करी को लेकर बीएसएफ द्वारा बीजीबी के समक्ष बार-बार कार्रवाई की मांग की गयी है, इसके बावजूद बांग्लादेशी तस्करों की अवैध गतिविधियां कम नहीं हुई हैं. एक घटना में एक जवान ने अपना हाथ खो दिया, जबकि दूसरे ने अपनी आंख. पिछले महीने इसी तरह के हमले में एक और जवान गंभीर रूप से घायल हो गया था. क्या

कहना है बीएसएफ अधिकारी का

बीएसएफ, दक्षिण बंगाल सीमांत के डीआइजी एके आर्या ने कहा कि बीएसएफ के जवान अपनी जान की परवाह किये बिना भारत-बांग्लादेश सीमा पर सतर्क रहते हैं. वह तस्करों को मुंहतोड़ जवाब भी देते हैं. जब तस्कर अपने नापाक इरादों में सफल नहीं होते हैं, तो वे हताश हो जाते हैं और जवानों पर हमला कर देते हैं, जिस कारण कई बार बल के जवान गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं.

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