मालदा शहर की शराब दुकानों पर मंडराया संकट
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :01 Feb 2017 1:52 AM
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मालदा. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के हिसाब से मालदा शहर में शराब की कोई दुकान नहीं बचेगी. ऐसा सिर्फ मालदा शहर में नहीं होगा. अभी पूरे जिले में शराब की 103 दुकानें हैं. इनमें से ज्यादातर को बंद करना होगा. जिला आबकारी विभाग ने शराब व्यवसायियों को मौखिक तौर पर इस बारे में बता दिया […]
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मालदा. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के हिसाब से मालदा शहर में शराब की कोई दुकान नहीं बचेगी. ऐसा सिर्फ मालदा शहर में नहीं होगा. अभी पूरे जिले में शराब की 103 दुकानें हैं. इनमें से ज्यादातर को बंद करना होगा. जिला आबकारी विभाग ने शराब व्यवसायियों को मौखिक तौर पर इस बारे में बता दिया है. इससे शराब कारोबारियों और दुकानदारों के पसीन छूट रहे हैं. इंगलिशबाजार शहर में देसी-विदेशी शराब की कुल 25 दुकानें हैं. ये दुकानें राज्य सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) संख्या 34 के किनारे स्थित हैं. उल्लेखनीय है कि बीते दिनों सुप्रीम ने फैसला सुनाया है कि पूरे देश में राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य सड़कों के दोनों ओर 500 मीटर की दूरी तक शराब की दुकान नहीं रहेगी.
आबकारी विभाग के सूत्रों ने बताया कि मालदा शहर के प्रवेश द्वार पर स्थित रवींद्रभवन इलाके से लेकर ओल्ड मालदा के नारायणपुर इलाके तक एनएच के किनारे होटल, ढाबा मिलाकर शराब की 15 दुकानें हैं. इसके अलावा ओल्ड मालदा शहर में शराब की सात दुकानें हैं. एनएच किनारे की दुकानें तो बंद होंगी ही, इनमें से ओल्ड मालदा शहर की भी 4 दुकानें बंद करनी पड़ेंगी.
इंगलिशबाजार शहर के रवींद्र एवेन्यू, रथबाड़ी, नेताजी सुभाष रोड, अतुल मार्केट रोड, रवींद्रभवन रोड, स्टेशन रोड, झलझलिया रोड, फव्वारा मोड़, बागबाड़ी आदि इलाकों में कुल 25 दुकानें हैं, जो बंद हो जायेंगी. क्योंकि ये दुकानें राज्य के पीडब्ल्यूडी विभाग के अधीन सड़कों के किनारे हैं. हालांकि इनका रखरखाव इंगलिशबाजार नगरपालिका करती है.
आबकारी विभाग का संदेश मिलने के बाद शराब व्यवसायी नयी जगह की तलाश के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं. लेकिन नयी जगह में भी समस्या कम नहीं है. मालदा फॉरने लिकर एसोसिएशन के सदस्य असीम भगत ने बताया कि अगर किसी खाली जगह पर दुकान खोली जाती है, तो उस जमीन का चरित्र बदलना होगा. यह इतना आसान नहीं है. जिन लोगों की दुकान वहां पहले से है, वे नहीं चाहेंगे के उनके आसपास नयी दुकान खुले. इसे लेकर तरह-तरह का झमेला होगा. इन सब बातों को लेकर हमलोग चिंतित हैं. सरकार इस संबंध में क्या चाहती है, यह भी आधिकारिक तौर पर नहीं बताया गया है. इसलिए जिले के शराब व्यवसायी सब तरफ से धुंध में घिरे हैं.
इधर जिला आबकारी सूत्रो ने बताया कि मालदा जिले में देसी-विदेशी शराब की दुकानों की संख्या 103 है. केवल देसी शराब की दुकानों से राज्य सरकार को हर महीने 5 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है. मालदा जिले में देसी शराब के दो कारखाने भी हैं. हालांकि इन कारखानों को लेकर कोई समस्या नहीं है. एक आबकारी अधिकारी ने कहा कि हमें राजस्व वसूली का भी ख्याल रखना होता है. साथ ही खरीदारों की सुविधा को भी देखना होता है. साथ ही हमें सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के प्रति सम्मान भी दिखाना है. अपनी दुकान पर खतरा मंडराते देख छोड़े-बड़े सभी लाइसेंसधारी शराब विक्रेता आबकारी विभाग का चक्कर काट रहे हैं.
इस संबंध में जिला आबकारी अधीक्षक सुप्रभात विश्वास ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश हमें मिल चुका है. पूरे मामले को गहराई से देखा जा रहा है. आधिकारिक रूप से हमने अभी किसी शराब व्यवसायी को कुछ नहीं कहा है. लेकिन यह तय है कि आगामी 1 अप्रैल से एनएच और राज्य सड़क के दोनों ओर 500 मीटर के दायरे में शराब की कोई दुकान नहीं रहेगी. इस संबंध में राज्य सरकार हमें जैसा निर्देश देगी हम उसी अनुसार कदम उठायेंगे.
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