बाइक एंबुलेंस चलानेवाले चाय श्रमिक को पद्मश्री

Updated at :26 Jan 2017 7:27 AM
विज्ञापन
बाइक एंबुलेंस चलानेवाले चाय श्रमिक को पद्मश्री

जलपाईगुड़ी: अपनी मां को एंबुलेंस के अभाव में बचा नहीं पाये. लेकिन कोई और मां चिकित्सा के अभाव में नहीं मरे, यह संकल्प लेकर जलपाईगुड़ी जिले के माल ब्लॉक के राजाडांगा के चाय श्रमिक करीमुल हक मानवता की सेवा में उतर गये. उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल को एंबुलेंस बना लिया और नि:स्वार्थ भाव से खुद को […]

विज्ञापन
जलपाईगुड़ी: अपनी मां को एंबुलेंस के अभाव में बचा नहीं पाये. लेकिन कोई और मां चिकित्सा के अभाव में नहीं मरे, यह संकल्प लेकर जलपाईगुड़ी जिले के माल ब्लॉक के राजाडांगा के चाय श्रमिक करीमुल हक मानवता की सेवा में उतर गये. उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल को एंबुलेंस बना लिया और नि:स्वार्थ भाव से खुद को बीमारों की सेवा में लगा दिया.

अब उन्हें इसका जो फल मिला है, वह पूरे जिले और राज्य को गौरवान्वित करनेवाला है. केंद्र सरकार उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित करने जा रही है. बुधवार को पद्म पुरस्कारों की घोषणा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने करीमुल हक का नाम पद्मश्री के लिए घोषित किया.

करीमुल हक के परिवार में उनकी पत्नी आंजुवा बेगम, दो बेटे राजेश व राजू और पुत्रवधुएं हैं. वह सुबर्नपुर नामक एक स्थानीय छोटे बागान में 4 हजार रुपये में मजदूर का काम करते हैं. दो बेटे पान और मोबाइल रीचार्ज की दुकान चलाते हैं. करीमुल अपनी आमदनी बाइक एंबुलेंस के ईंधन पर खर्च करते हैं. 1995 में उनकी मां जाफुरान्निशा की मौत हृदय रोग से हुई थी. तब करीमुल हॉकर का काम करते थे. उनके पास अपनी बाइक भी नहीं थी. वह एंबुलेंस या अन्य गाड़ी के अभाव में मां को अस्पताल नहीं ले जा सके और उनकी घर में ही मौत हो गयी. इसके बाद उन्होंने दूसरों की जिंदगी बचाने का संकल्प लिया. चाय बागान में नौकरी पकड़ी, बाइक खरीदी और उसे एंबुलेंस में बदल दिया. 1998 से ही वह राजाडांगा, धोलाबाड़ी, क्रांति, चेंगमारी इलाके के लोगों की सेवा कर रहे हैं.
बुधवार को दिल्ली से फोन आया और हिंदी व अंगरेजी में उन्हें पद्मश्री के लिए चुने जाने की खबर दी गयी. करीमुल ने कहा, यह पुरस्कार क्या होता है, मैं नहीं जानता. यदि उनके काम के लिए यह सम्मान दिया गया है, तो यह पुरस्कार अपनी मां को समर्पित करेंगे. करीमुल ने उन सभी लोगों का आभार जताया, जो उनकी एंबुलेंस सेवा में सहायता करते हैं. करीमुल ने कहा, पुरस्कार बड़ी चीज नहीं है. मेरे लिए सेवा ही मुख्य धर्म है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola