तीन चाय बागान बंद, सरकार खफा मालिकों को शीघ्र बागान खोलने का अल्टीमेटम

Author : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 Jan 2017 7:41 AM

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कालियागंज. उत्तर दिनाजपुर जिला अंतर्गत इसलामपुर महकमा स्थित पिछले दिनों बंद तीन चाय बागानों के फिलहाल खुलने के कोई आसार नहीं हैं. इस वजह से इन बागानों में काम कर रहे चाय श्रमिकों का रोष लगातार बढ़ते जा रहा है. इन तीनों चाय बागानों में करीब 600 से अधिक चाय श्रमिक काम करते हैं, जो […]

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कालियागंज. उत्तर दिनाजपुर जिला अंतर्गत इसलामपुर महकमा स्थित पिछले दिनों बंद तीन चाय बागानों के फिलहाल खुलने के कोई आसार नहीं हैं. इस वजह से इन बागानों में काम कर रहे चाय श्रमिकों का रोष लगातार बढ़ते जा रहा है. इन तीनों चाय बागानों में करीब 600 से अधिक चाय श्रमिक काम करते हैं, जो इन दिनों बेकार हैं.

यह चाय श्रमिक हर दिन ही बागान के मुख्य गेट के सामने आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन इसका कोई लाभ नहीं हो रहा है. जिला प्रशासन व श्रम विभाग ने इन चाय बागानों को खोलने की कोशिश की थी. बुधवार को बागान खोलने को लेकर इसलामपुर में श्रम विभाग की ओर से एक त्रिपक्षीय बैठक भी बुलायी गयी थी. इस बैठक में बागान प्रबंधन की ओर से कोई शामिल नहीं हुआ था. इसी से यह स्पष्ट हो गया कि फिलहाल इन तीनों बंद पड़े चाय बागानों के खुलने की कोई संभावना नहीं है.

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों इसलामपुर में ग्रिनको डेवलेपर्स चाय बागान, चोपड़ा में गनीजा चाय बागान व सुजाली में रिवरबुक चाय बागान बंद हो गया है. बागान मालिकों ने नोटबंदी की आड़ में इन चाय बागानों को अचानक बंद कर देने की घोषणा की. चाय बागान के गेट तथा फैक्टरी में ताला लटका हुआ है. वहां सस्पेंशन ऑफ वर्क की नोटिस लगाया हुआ है. गेट के सामने ही हर दिन श्रमिक आंदोलन कर रहे हैं.
स्थानीय श्रमिकों का कहना है कि यदि चाय बागान को शीघ्र ही नहीं खोला गया, तो वह लोग और भी बड़ा आंदोलन करेंगे.
सीटू समर्थित पश्चिम दिनाजपुर चाय बागान श्रमिक यूनियन के जिला सचिव स्वपन गुहा नियोगी ने बागान बंद होने के लिए बागान प्रबंधन पर उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि बागान प्रबंधन के अड़ियल रवैये की वजह से ही संकट गहरा गया है. त्रिपक्षीय बैठक में बागान मालिकों के नहीं आने से साफ है कि वह लोग चाय बागान को खोलना नहीं चाहते हैं. तृणमूल टी प्लांटर्स वर्कर्स यूनियन ने भी इस मामले को लेकर तीनों चाय बागानों के प्रबंधन पर निशाना साधा है. संगठन के जिला अध्यक्ष दीपक राय का कहना है कि श्रमिकों के बकाये के भुगतान से बचने के लिए ही बागान मालिकों ने चाय बागान बंद कर दिया है. हर कीमत पर बागान मालिकों को श्रमिकों के बकाये का भुगतान करना होगा. इसके साथ ही बंद पड़े बागान को यथाशीघ्र खोलने की मांग भी उन्होंने की.
सरकार ने दिया आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश
बागान खोलने को लेकर प्रबंधन द्वारा दिलचस्पी नहीं दिखाने से राज्य सरकार के तेवर भी तल्ख हो गये हैं. त्रिपक्षीय बैठक में बागान मालिकों के नहीं आने से राज्य के श्रम राज्य मंत्री जाकिर हुसैन काफी नाराज हैं. उन्होंने श्रम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव गोपाल कृष्ण को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. श्रम विभाग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तीनों बागान के मालिकों को बागान खोलने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है. ऐसा नहीं होने पर चाय बागान की लीज रद्द करने की धमकी भी राज्य सरकार की ओर से दी गयी है.
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