22 को टाइगर सफारी पार्क का होगा उद्घाटन, ममता के आगमन के बाद जंगल में दहाड़ेंगे दोनों बाघ

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Jan 2017 7:55 AM

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सिलीगुड़ी: अब लोग पिंजरे में बंद होकर खुले में विचरण कर रहे रॉयल बंगाल टाइगर को देखेंगे. यहां बात राज्य के एकमात्र बंगाल सफारी पार्क की हो रही है. मंगलवार को सफारी पार्क के कार्यों का जायजा लेने पहुंचे राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव ने कहा कि यहां पिंजरे में बंद रहकर रॉयल बंगाल […]

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सिलीगुड़ी: अब लोग पिंजरे में बंद होकर खुले में विचरण कर रहे रॉयल बंगाल टाइगर को देखेंगे. यहां बात राज्य के एकमात्र बंगाल सफारी पार्क की हो रही है. मंगलवार को सफारी पार्क के कार्यों का जायजा लेने पहुंचे राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव ने कहा कि यहां पिंजरे में बंद रहकर रॉयल बंगाल टाइगर को आमलोग देख पायेंगे. उनसे मिली जानकारी के अनुसार 22 जनवरी को उत्तर बंगाल उत्सव का उद्घाटन करने के लिये राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आ रही है. इसी दौरान बंगाल सफारी पार्क में टाइगर सफारी सहित कई जंगली जानवरों के जोन का उद्घाटन वह करेंगी. टाइगर सफारी के लिये एक विशेष प्रकार की बस मंगायी जा रही है. बस के बाहर चारों ओर लोहे की जाली होगी. यह बस दिखने में एक पिंजरे जैसा होगा.

उल्लेखनीय है कि हाल ही में बंगाल सफारी पार्क में स्नेहाशीष व शीला नामक दो बाघ लाये गए हैं. इन दोनों को महीनों पहले उड़ीसा के भुवनेश्वर स्थित नन्दन कानन चिड़याघर से कोलकाता के अलीपुर चिड़ियाघर लाया गया. वहां इनकी स्वास्थ जांच करने के बाद दिसंबर के अंत में बंगाल सफारी पार्क पहुंचाया गया है. यहां के वातावरण में रमने के लिये दोनों को पार्क में बने नाईट सेल्टर में रखा गया है. मुख्यमंत्री द्वारा टाइगर सफारी का उद्घाटन करने के बाद इन दोनों को बंगाल सफारी पार्क में 20 हेक्टेयर के दायरे में दहाड़ने के लिए छोड़ दिया जायेगा. रॉयल बंगाल टाइगर को रखने के लिए आवश्यक सभी व्यवस्था की गयी है. उनके जलपान से लेकर चलने की राह तक तैयार कर दिया गया है. दोनों का जन्म उड़ीसा में हुआ है. यहां की भाषा की समझ दोनों में नहीं है. यहां की भाषा से अवगत कराने के लिये एक द्विभाषीय प्रशिक्षक को भी इन्हें प्रशिक्षित करने के लिये नियुक्त किया गया है.

टाइगर सफारी का जाएजा लेने के बाद मंत्री गौतम देव ने बताया कि उद्घाटन के एक वर्ष के अंदर ही पार्क में काफी कुछ नया है. हिरण की संख्या बढ़कर ढाई सौ के करीब हो गयी है. गैंडा, सांबा, घड़ियाल, हाथी व कुछ पक्षियों को भी लाया गया है. इस पार्क में कुल 35 प्रजातियों की पक्षी के लिये बर्ड जोन बनाया जा रहा है. अगले मानसून से पहले इस पार्क में चीता व हिमालयन ब्लैक बीयर को लाने की कवायद तेज कर दी गयी है. लेपर्ड व बीयर सफारी के लिये खांचा तैयार किया जा रहा है. जहां एक ओर पार्क में काफी कुछ नया हो रहा है वहीं कई समस्याएं भी सामने आ रही है. यहां बता दे कि हाथी सफारी के लिये दो हाथियों को पार्क में लाया गया था. ये दोनों हाथी सरकस से लाये गये थे. सफारी पार्क के लिये इन्हें प्रशिक्षित करने के लिये महावत को भी नियुक्त किया गया था. लेकिन किसी कारणवश इन दोनों हाथियों को जलदापाड़ा राष्ट्रीय उद्यान में भेज दिया गया है. श्री देव ने बताया कि हाथी सफारी के लिये हाथियों की व्यवस्था की जा रही है. साथ ही और भी चार बाघ को पार्क में लाया जायेगा.

सरकार को सफारी पार्क से नुकसान: बंगाल सफारी पार्क का उद्घाटन किये हुए करीब एक वर्ष हो चला है. वर्ष 2016 के 21 जनवरी को राज्य की मुख्मंत्री ममता बनर्जी ने पार्क का उद्घाटन किया था. पिछले एक वर्षों में लाखों लोगों ने बंगाल सफारी पार्क का लुफ्त उठाया है लेकिन अब तक राज्य सरकार को इससे कोई फायदा नहीं हुआ है. बल्कि राजस्व में हानि ही हुयी है. राज्य के पर्यटनमंत्री गौतम देव के अनुसार बीते 31 दिसंबर तक 1 लाख 60 हजार रूपये की आय हुयी है. ऑनलाइन से मात्र 30 हजार रूपये आये हैं. सरकारी राजस्व में कोई अधिक फायदा नहीं हुआ है. हांलाकि भविष्य में सरकारी राजस्व में इजाफा होने की उम्मीद उन्होंने जतायी है.

आस पास कॉटेज बनाये जायेंगे: बंगाल सफारी पार्क के साथ पर्यटन उद्योग को जोड़कर पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना मंत्री ने बनायी है. सफारी पार्क के चारों ओर वन बस्ती इलाका तूरीबाड़ी इलाके में कॉटेज बनाने का निर्णय पर्यटन मंत्रालय ने लिया है. करीब दस करोड़ रूपये की लागत से पहले पचास कॉटेज बनाने की योजना बनाई गयी है. निर्माण कार्य के लिये डीपीआर तैयार किया जा रहा है. सोमवार को मंत्री गौतम देव ने तूरीबाड़ी इलाके का भी दौरा किया. इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि पार्क के चारों तरफ खोलाचंद फाफ्री, राज फाफ्री, शिवनगर, शिकारपुर आदि इलाकों में पिकनिक स्पॉट बनाया गया है. इसके साथ ही इन इलाकों में होम स्टे को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. सफारी पार्क की आय को बढ़ाने के लिये पर्यटन विभाग की ओर से पांच करोड़ रूपये खर्च कर नेचर इंटरप्रीनियर सेंटर बनाया जा रहा है.

आस-पास के इलाकों का होगा विकास : श्री देव ने बताया कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सफारी पार्क के साथ आस-पास के इलाके में भी विकास चाहती है. इलाके में पर्यटक आयेंगे तो लोगों को लाभ होगा. इसके अतिरिक्त शैक्षिक टूर योजना के तहत विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों को सफारी पार्क में लाकर उन्हें जंगली जानवरो और जंगल की विशेषता बतायी जायेगी. विकलांग व वृद्ध लोगों को भी इस पार्क में लाकर उनके मनोरंजन की योजना है.

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