दो दिन बाद बैंकों में फिर उमड़ी लोगों की भीड़
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 29 Nov 2016 8:23 AM
सिलीगुड़ी: शनिवार और रविवार को दो दिनों तक बैंकों के बंद रहने के बाद आज सोमवार को बैंक खुलते ही एक बार फिर से ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. इनमें से इन ग्राहकों की संख्या काफी अधिक थी जो अपने खर्च के लिए बैंक से पैसे निकालना चाहते हैं. सुबह से ही सिलीगुड़ी शहर […]
10 हजार रुपये से अधिक देने से बैंकों ने साफ इंकार कर दिया. आरोप यह भी है कि कई ग्राहक 10 हजार रुपये भी बैंक से नहीं निकाल पाये. हाकिमपाड़ा के रहने वाले मुन्ना भट्टाचार्य ने बताया है कि वह 20 हजार रुपये का चेक लेकर इलाहाबाद बैंक के चंपासारी ब्रांच में गये थे. वहां लोगों की काफी भीड़ लगी हुई थी. सिक्यूरिटी गार्ड ने ब्रांच के अंदर ही किसी को नहीं जाने दिया. उन्होंने कहा कि बात करने पर सिक्यूरिटी गार्ड ने साफ-साफ कहा कि 10 हजार रुपये से अधिक की रकम किसी भी कीमत पर नहीं दी जायेगी. जिन लोगों के पास दस हजार रुपये से अधिक के चेक हैं, वह वापस लौट जायें. श्री भट्टाचार्य ने बताया कि वह भी चेक लेकर वापस लौट गये. उन्हें यह नहीं समझ में आ रहा है कि वह किस प्रकार से 20 हजार रुपये का चेक भुना पायेंगे. बैंकों के साथ विभिन्न एटीएम की स्थिति भी पस्त देखी गई. अधिकांश एटीएम के बाहर ऑउट ऑफ ऑर्डर का बोर्ड लगा हुआ था. हालांकि कुछ सरकारी बैंकों के एटीएम काम कर रहे थे. निजी बैंकों के एटीएम में नगदी की आपूर्ति नहीं हो रही है. ऐसे एटीएम से भी कैश निकलना बंद है जिसे बैंक ने नहीं, बल्कि इंडिया कैश जैसी निजी कंपनियों ने लगाया है.
उनके यहां भी ग्राहक नहीं आ रहे हैं. यदि कोई ग्राहक आ भी रहा है तो 2000 रुपये के नये नोट की वजह से खुदरा देने में परेशानी होती है. श्री गोयल ने आगे कहा कि न केवल व्यपारी, बल्कि सरकार के राजस्व को भी भारी नुकसान हो रहा है. सिलीगुड़ी में हॉलसेल का कारोबार करने वाले एक आम कारोबारी सिर्फ सेल्स टैक्स के रूप में ही प्रति महीने 50 से 60 हजार रुपये सरकारी खाते में जमा कराते हैं. अब जब बिक्री ही नहीं होगी, तो सरकार को सेल्स टैक्स के पैसे कहां से दिये जायेंगे. उन्होंने आगे कहा कि मुख्य समस्या सरकार द्वारा हर दिन बदले जा रहे नियमों की वजह से है. सरकार ने नोटबंदी तो लागू कर दिया, लेकिन कारगर तरीके से इसको लागू करने की दिशा में ठोस पहल नहीं की. यही वजह है कि आम लोग अपने पैसे निकालने के लिए परेशान हैं. सरकार को भी इस बात का अंदाजा है. इसी वजह से सरकार हर दिन नियमों में कोई न कोई बदलाव कर रही है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










