सिलीगुड़ी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले तानाशाह प्रधानमंत्री हैं, जो अपनी मनमानी जबरन जनता पर थोपना चाहते हैं. एक के बाद अपनी मनमानी नीतियां लागू कर साधारण जनता को बेवजह परेशान कर रहे हैं. मोदी की तानाशाही और मनमर्जी अब नहीं चलेगी. मोदी सरकार के मनमानी नीतियों को लेकर जनता आक्रोशित है और इन नीतियों का विरोध करने को लेकर आतुर है. यह कहना है तृणमूल कांग्रेस के दार्जिलिंग जिला अध्यक्ष सह राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव का.
दो दिन पहले ही पांच और हजार के नोटों पर लगायी गयी रोक के खिलाफ गुरुवार को सिलीगुड़ी में तृणमूल ने विशाल प्रतिवाद रैली निकाली. इस दौरान श्री देव ने मीडिया के सामने मोदी सरकार पर जमकर हमला किया. उन्होंने कहा कि मोदी ने पांच सौ और हजार के नोटों पर अचानक प्रतिबंध लगाकर पूरे देश को सकते में डाल दिया है. देश की आर्थिक रफ्तार पर अचानक ब्रेक लगा दिया है. पूरी अर्थव्यवस्था डामाडोल हो गयी है. इसका खमियाजा देश की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है.
श्री देव ने मोदी के साथ-साथ सिलीगुड़ी के मेयर अशोक भट्टाचार्य को भी तानाशाह मेयर करार दिया और कहा कि दोनों को ही केवल अपनी कुरसी संभालने का लोभ है. उन्होंने मोदी को ‘अच्छे दिन’ के नाम पर देशवासियों को धोखा देनेवाला प्रधानमंत्री करार दिया, वहीं अशोक भट्टाचार्य को सिलीगुड़ी की जनता से झूठा वादा करनेवाला मेयर बताया. श्री देव ने दोनों से ही जनहित में अपनी कुरसी छोड़ने और जल्द अपने पदों से इस्तीफा देने की मांग की. ऐसा न होने पर उन्होंने तृणमूल से एकजुट होकर बृहत्तर आंदोलन करने का आह्वान किया.
मोदी की कथित तानाशाही और सिलीगुड़ी में वाम बोर्ड की कथित विफलता के विरुद्ध श्री देव की अगुवाई में शहर में विशाल प्रतिवाद रैली निकाली गयी और जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया. स्थानीय एयरव्यू मोड़ से शुरू हुई रैली में निगम में विरोधी दल के नेता रंजन सरकार उर्फ राणा दा, नांटू पाल, कृष्णचंद्र पाल, युवा नेता विकास सरकार, संजय पाठक, मनोज वर्मा, नौ नंबर वार्ड के पार्षद प्रदीप गोयल उर्फ कालू, प्रवीण अग्रवाल के अलावा भारी तादाद में महिला, युवा, छात्र, वकील, बुद्धिजीवी, मजदूर विंग के नेता, कार्यकर्ता व समर्थक शामिल हुए. रैली बाघाजतिन पार्क में पहुंचकर समाप्त हुई.
