सिलीगुड़ी में भी गरमाया तीन तलाक का मुद्दा

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 02 Nov 2016 7:51 AM

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सिलीगुड़ी. तीन तलाक को लेकर आमलोगों की राय जानने के लिए नेशनल लॉ कमीशन द्वारा प्रश्नावली के विरोध में सिलीगुड़ी वेलफेयर नवजीवन कमिटी ने मोरचा खोल दिया है. कल बुधवार को केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे के विरोध में नवजीवन कमिटी एक रैली निकालेगी. यह रैली शहर की परिक्रमा कर […]

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सिलीगुड़ी. तीन तलाक को लेकर आमलोगों की राय जानने के लिए नेशनल लॉ कमीशन द्वारा प्रश्नावली के विरोध में सिलीगुड़ी वेलफेयर नवजीवन कमिटी ने मोरचा खोल दिया है. कल बुधवार को केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे के विरोध में नवजीवन कमिटी एक रैली निकालेगी. यह रैली शहर की परिक्रमा कर सिलीगुड़ी महकमा शासक के कार्यालय पहुंचेगी. वहीं एसडीओ के माध्यम से देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा राज्य की मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा जायेगा. यह जानकारी सिलीगुड़ी वेलफेयर नवजीवन कमिटी के सदस्य शहरे काजी मौलाना खलीलूर रहमान ने दी.
मंगलवार को सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के मामले बढ़े हैं.अब मोदी सरकार मुस्लिमों के पवित्र ग्रंथ कुरान-ए-शरीफ और हदीश पर हमला कर रही है. उल्लेखनीय है कि नेशनल लॉ कमीशन जहां मुस्लिम संप्रदाय में तीन तलाक प्रक्रिया पर आमलोगों की राय ले रही है,वहीं कुछ मुस्लिम तलाकशुदा महिलाओं ने भी तीन तलाक प्रक्रिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. यह मामला विचाराधीन है. इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की राय मांगी है. केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में तीन तलाक की प्रक्रिया को समाप्त किये जाने पर सहमति जतायी है. केंद्र सरकार के इस रूख पर मुस्लिम संप्रदाय में रोष है.

सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक प्रक्रिया के खिलाफ मामला दायर करने वाली महिलाओं का कहना है कि इस प्रक्रिया का सारा खामियाजा महिलाओं को ही भुगतना पड़ता है. आरोप है कि इस संप्रदाय के पुरूष तीन तलाक प्रक्रिया से महिलाओं का शोषण करते हैं. एक को तलाक देकर दूसरी महिला से तो शादी कर लेते हैं.

उनकी पूर्व पत्नियों की की जिंदगी दूभर हो जाती है. हांलाकि सिलीगुड़ी वेलफेयर नवजीवन कमिटी ने इस बात से सहमत नहीं है. शहरे काजी खलीलूर रहमान का कहना है कि कुरान-ए-शरीफ और हदीश में तलाक की पूरी प्रक्रिया लिखी हुयी है. सिर्फ मुंह से तीन बार तलाक बोलने से तलाक नहीं होता. कुरान और हदीश के मुताबिक तीन तलाक के बाद 90 दिन तक जोड़े को एक साथ रहना होता है, इसके बाद भी मन मुटाव रहने पर सभी धार्मिक प्रक्रिया पूरी कर तलाक दिया जाता है.

उन्होंने कहा कि अल्लाह ने तलाक को अंतिम राह बताया है. भाजपा सरकार जिस नियम में परिवर्तन की बात कर रही है वह किसी एक लेखक द्वारा नहीं बल्कि हजरत मुहम्मद द्वारा बनाया गया नियम है. हम किसी भी हुकूमत को अल्लाह के हुक्म में परिवर्तन की इजाजत नहीं देगें. भाजपा सरकार तीन तलाक को एक मुद्दा बनाकर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लाभ उठाना चाहती है. उन्होंने कहा कि कल की रैली में मुस्लिम संप्रदाय के सैंकड़ो लोग, महिलायें धर्मगुरू आदि शामिल होगें. इस पत्रकार सम्मेलन में वर्धमान रोड मस्जिद के इमाम मुहम्मद हारूण, कमिटी के सचिव मुहम्मद निजाम, मुहम्मद मुर्तजा, मुहम्मद गुफरान, सिलीगुड़ी शमसिया मदरसा की शिक्षिका रेहाणा अख्तर भी शामिल थी.

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