मानस पीएसी चेयरमैन पद के उचित दावेदार : देव प्रसाद

Published at :01 Aug 2016 4:08 AM (IST)
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मानस पीएसी चेयरमैन पद के उचित दावेदार : देव प्रसाद

सिलीगुड़ी. राज्य विधान सभा की लोक लेखा समिति (पीएसी) के चेयरमैन पद के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानस भुइंया को देव प्रसाद राय ने उचित दावेदार ठहराया है. उनका कहना है कि मानस सात बार के विधायक है. माकपा विधायक सुजन चक्रवर्ती की वरिष्ठता चेयरमैन बनने लायक नहीं है. अगर मानस दावेदारी छोड़ते भी […]

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सिलीगुड़ी. राज्य विधान सभा की लोक लेखा समिति (पीएसी) के चेयरमैन पद के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानस भुइंया को देव प्रसाद राय ने उचित दावेदार ठहराया है. उनका कहना है कि मानस सात बार के विधायक है. माकपा विधायक सुजन चक्रवर्ती की वरिष्ठता चेयरमैन बनने लायक नहीं है. अगर मानस दावेदारी छोड़ते भी हैं तो इसके बाद कतार में चार बार के विधायक असित मित्र हैं.

देव प्रसाद राय प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं. बीते विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और माकपा के बीच गंठबंधन होने से वह नाराज थे. चुनाव में उन्होंने गंठबंधन के खिलाफ बोला भी था. रविवार को वह सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में पत्रकारों से बात कर रहे थे. पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि गंठबंधन चाहे जितना जोर लगा ले, लेकिन विधानसभा के अध्यक्ष विमान बनर्जी ने उचित फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के परिषदीय प्रतिनिधि दल ने ही मानस भुइंया का नाम लोक लेखा समिति के चेयरमैन पद के लिए प्रस्तावित किया था. अध्यक्ष महोदय ने बस इसी प्रस्तावित नाम का चयन किया है.

श्री प्रसाद का कहना है कि विधानसभा के अध्यक्ष विमान बनर्जी के स्थान पर कोई भी होता तो यही निर्णय लेता. वरिष्ठता के आधार पर मानस भुइंया चेयरमैन पद के लिये उपयुक्त हैं. पार्टी की जबरदस्ती की वजह से यदि मानस बाबू ‘शहीद’ होते हैं] तब भी लोक लेखा कमिटी का चेयरमैन माकपा के सुजन चक्रवर्ती को नहीं बनाया जा सकता क्योंकि वह पहली बार विधायक बने हैं. वरिष्ठता के आधार पर मानस के बाद चार बार के विधायक असित मित्र हैं

उल्लेखनीय है कि चुनाव के बाद भी माकपा और कांग्रेस के बीच गंठबंधन बना हुआ है. पार्टी स्तर पर हुए समझौते के मुताबिक कांग्रेस मुख्य विरोधी दल का दरजा माकपा को ही देना चाहती है. विधानसभा में लोक लेखा कमिटी का चेयरमैन विरोधी दल से ही नियुक्त किया जाता है. यह नियुक्ति विधानसभा का अध्यक्ष करता है. विरोधी दल की ओर से नाम प्रस्तावित किया जाता है. परंपरा के अनुसार अध्यक्ष वरिष्ठता के आधार पर चेयरमैन का चयन करता है. इसी क्रम में पेंच फंसा हुआ है. मानस भुइंया चेयरमैन बनने पर अड़े हैं. जबकि प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि पार्टी स्तरीय समझौता के मुताबिक चेयरमैन माकपा से होना है. इस समस्या के समाधान हेतु 9 अगस्त को दिल्ली में एक बैठक बुलायी गयी है. इस बैठक में मानस भुइंया को भी शामिल होना है.

इधर प्रत्येक वर्ष की भांती इस बार भी 9 अगस्त को कोलकाता में प्रदेश कांग्रेस की ओर से अगस्त विप्लवी कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. अगस्त विप्लवी उद्यापन कमिटी के संयोजक की हैसियत से देव प्रसाद राय ने इस कार्यक्रम में कांग्रेस समर्थकों को अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आमंत्रण दिया. इस कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस के अलावा केंद्रीय कमिटी से भी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को आमंत्रण दिया गया है. श्री प्रसाद ने कहा कि मैंने मानस भुइंया को विशेष रूप से आमंत्रित किया हैं. उन्होंने आने का वादा तो किया है, लेकिन उसी दिन दिल्ली में हाई कमान की बैठक भी है.

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