निजी बस मालिकों ने मंत्री गौतम देव से लगायी गुहार

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Jul 2016 3:29 AM

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सिलीगुड़ी: राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उत्तर बंगाल दौरे के बाद अब सिलीगुड़ी जंक्शन के निजी बस मालिकों पर प्रशासन की गाज गिरनेवाली है. प्रशासन की ओर से शहर के भीतर निजी बसों के प्रवेश पर रोक लगाये जाने का अल्टीमेटम दिया जा चुका है. अचानक मिले अल्टीमेटम से बस मालिक भड़के हुए हैं. […]

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सिलीगुड़ी: राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उत्तर बंगाल दौरे के बाद अब सिलीगुड़ी जंक्शन के निजी बस मालिकों पर प्रशासन की गाज गिरनेवाली है. प्रशासन की ओर से शहर के भीतर निजी बसों के प्रवेश पर रोक लगाये जाने का अल्टीमेटम दिया जा चुका है. अचानक मिले अल्टीमेटम से बस मालिक भड़के हुए हैं. मंगलवार शाम राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव के सम्मान में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें सिलीगुड़ी बस ओनर एंड बुकिंग एजेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने अपनी फरियाद मंत्री के सामने रखी. श्री देव ने इस पर विचार का आश्वासन दिया है.

सिलीगुड़ी जंक्शन इलाके में निजी बसों का स्टैंड है जहां से बिहार, रांची, कोलकाता, बहरमपुर आदि के लिए बसें रवाना होती हैं. यह स्टैंड करीब चालीस वर्ष पुराना स्टैंड है. पहले यह एयरव्यू मोड़ के पास था. बाद में इसे जंक्शन इलाके में स्थानांतरित किया गया. जंक्शन में तेंजिग नोर्गे केंद्रीय बस टर्मिनस है जहां से उत्तर बंगाल राज्य परिवहन निगम की बसों की आवाजाही होती है. साथ ही कुछ निजी बसों को भी स्थान दिया गया है. लेकिन ममता बनर्जी के निर्देश के बाद सभी निजी बस मालिक और बुकिंग एजेंट सकते में आ गये हैं.

हाल ही में उत्तर बंगाल दौरे पर आयीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि न्यू जलपाईगुड़ी (एनजेपी) और सिलीगुड़ी जंक्शन रेलवे स्टेशनों से दार्जिलिंग तक पर्यटकों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने जाम की समस्या से निपटने के लिये पहल भी कर दी है. प्रशासन की पहल से निजी बस मालिकों में घबराहट है.
सिलीगुड़ी बस ओनर एंड बुकिंग एजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सहसचिव श्रवण मिश्रा ने बताया कि प्रशासन ने मौखिक रूप से बड़ी बसों के शहर में प्रवेश पर पाबंदी की हिदायत दे दी है. उनके अनुसार, प्रशासन का कहना है कि बड़ी बसों से शहर में जाम की समस्या गंभीर हो गयी है. इन बसों की छतों पर करीब दो फुट तक माल भी लदा होता है. श्री मिश्रा के अनुसार, मौखिक अल्टीमेटम के बाद से प्रशासन ने बसों पर लदे माल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चालान काटना भी शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से साफ कर दिया गया है कि निजी बस मालिकों को जंक्शन छोड़कर जाना होगा. इस संबध में एसोसिएशन के एक प्रतिनिधि दल ने सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नर सी एस लेप्चा और अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (डीसीपी) ट्रैफिक श्याम सिंह से भी मुलाकात भी. प्रशासन के उच्चपदस्थ अधिकारियों ने भी दीदी के निर्देश का हवाला देकर शहर छोड़ने की सलाह दी.
माकपा शासनकाल में भी हुई थी हटाने की कोशिश
कई वर्ष पहले भी माकपा शासनकाल में इस स्टैंड को हटाने की मुहिम तेज हुई थी. तत्कालीन नगर विकास मंत्री व सिलीगुड़ी के मौजूदा विधायक अशोक भट्टाचार्य ने इस स्टैंड को जंक्शन से सेवक रोड स्थित पी सी मित्तल बस स्टैंड स्थानांतरित करने की सलाह दी थी. इस संबध में एसोसिएशन का कहना है कि पी सी मित्तल बस स्टैंड जलपाईगुड़ी जिले में स्थित है. खुदा ना खास्ता किसी प्रकार की दुर्घटना होने पर बीमा कंपनी प्रशासन परमिट के आधार पर बहाना बनाकर निकल जायेगी. कुल मिलाकर जंक्शन स्थित स्टैंड से 80-85 निजी बसें चलती हैं. बिहार जाने वाली प्रत्येक बस से राज्य सरकार 7020 रुपये और कोलकाता, बहरमपुर आदि राज्य के विभिन्न स्थानों को जाने वाली प्रत्येक बस से राज्य सरकार 9 हजार से अधिक कर हर तिमाही प्राप्त करती है. फलस्वरूप स्टैंड मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार नैतिक रूप से जिम्मेदार है. यात्रियों की सुविधा के लिए कभी राज्य सरकार की ओर से ही शौचालय, बैठने का स्थान आदि बनाया गया था. एसोसिएशन की मांग है कि इतने बड़े बस स्टैंड के स्थानांतरण के लिए तकनीकी दृष्टिकोण से उपयुक्त स्थान मुहैया कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. जाम के साथ-साथ यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा और सुविधा का ख्याल रखा जाना भी आवश्यक है.
निजी बसें हटाने से नहीं खत्म होगा जाम
श्री मिश्रा ने कहा कि जंक्शन से निजी बस स्टैंड हटाया जा रहा है, जबकि उसी जगह सरकारी बस स्टैंड भी है. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घोषणानुसार इसे अंतरराष्ट्रीय बस स्टैंड बनाया जाएगा. एनबीएसटीसी की जेएनएनआरयूएम की बसें भी काफी बड़ी हैं. अंतराष्ट्रीय बस स्टैंड बनने के बाद पड़ोसी देशों के बीच यातायात के लिए वोल्वो जैसी अत्याधुनिक बसों को लाया जायेगा. तो फिर जाम की समस्या तो जस की तस ही रहेगी. जबकि निजी बस स्टैंड से दोपहर के बाद बसें निकलनी शुरू होती हैं और वापस आने वाली बसें कार्यालय समय के पहले स्टैंड में यात्री व माल उतारने के बाद माटीगाड़ा स्थित परिवहन नगर पार्किंग स्टैंड में लग जाती हैं. श्री मिश्रा ने कहा कि यदि राज्य सरकार तकनीकी रूप से उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराती है, तो हम स्वेच्छा से चले जायेगें.
मंत्री को कराया समस्याओं से अवगत
श्रवण मिश्रा ने बताया कि मंगलवार की शाम राज्य के पर्यटन मंत्री के सम्मान में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया. खादा पहनाकर और गुलदस्ता देकर एसोसिएशन की ओर से उनका सम्मान किया गया. इसके बाद एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने इस समस्या से मंत्री गौतम देव को अवगत कराया. हालांकि वे वर्तमान में राज्य के पर्यटन मंत्री है, लेकिन सिलीगुड़ी से उनका एक खास संबंध है. पिछली तृणमूल सरकार के समय वे उत्तर बंगाल विकास मंत्री और सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण के चेयरमैन रहे हैं. उनके ही समय में सिलीगुड़ी जंक्शन में एसजेडीए की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिये स्टैंड इलाके का सौंदर्यीकरण और विश्रामालय बनाया गया था. इसके साथ ही एक शुलभ शौचायल भी बनाया गया था.
क्या कहते हैं अधिकारी
सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट के अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर(डीसीपी) ट्रैफिक श्याम सिंह ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार अतिशीघ्र जंक्शन स्थित निजी बस स्टैंड को हटाया जायेगा. एसोसिएशन के प्रतिनिधि मिलने आये थे, सभी विषयों को स्पष्ट रूप से उन्हें बता दिया गया है. जल्द ही स्टैंड को हटा दिया जायेगा.
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