सिलीगुड़ी. केंद्र व राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरी देने के नाम पर लाखों रुपये गबन करने के आरोप में तणमूल कांग्रेस एकबार फिर कटघरे में है. इसका खुलासा मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेस (एमइएस) में नौकरी देने के नाम पर उत्तर बंगाल के विभिन्न जिलों से लाखों रूपये ठगने के आरोपी एक युवक मोहम्मद आफाक की गिरफ्तारी के बाद हुआ है. फांसीदेवा थाना की पुलिस ने कुछ दिन पहले ही उसे भारत-बांग्लादेश सीमांत स्थित फकिरगच्छ से गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उसके घर से नौकरी से जुड़े बड़े पैमाने पर अवैध कागजात भी जब्त किया है.
पुलिस ने सिलीगुड़ी अदालत से पांच दिन के रिमांड में लिया है. पुलिस को दिये बयान में उसने जुर्म कबूल किया है. साथ ही इस गोरखधंधे को चलाने में उसने तृकां के कई बड़े नेता व जनप्रतिनिधियों के नामों का खुलासा भी किया है. उसने पुलिस को बताया है कि वह अकेला पैसा नहीं खाता था.
युवक-युवतियों से मिले पैसों को तृकां के नेता व जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाया करता था. उसने पुलिस को बताया कि गिरोह का जाल केवल सिलीगुड़ी ही नहीं, बल्कि मालदा, उत्तर दिनाजपुर समेत पूरे उत्तर बंगाल में फैला था. इनका निशाना शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियां होती थी. इस गोरखधंधे से तृकां का नाम जुड़ने के बाद कई बड़े नेता व जनप्रतिनिधि अब पुलिस के निशाने पर हैं. इस बीच फांसीदेवा थाना की पुलिस ने इसी मामले में फांसीदेवा निवासी व सिलीगुड़ी महकमा परिषद के तृकां सदस्य आइनूल हक को थाने में बुलाकर पूछताछ भी की थी. हालांकि तृकां नेता आइनूल हक ने इस बात से साफ इंकार कर दिया. उनका कहना है कि ऐसे किसी गोरखधंधे से उनका कोई लेना-देना नहीं है तो पुलिस पूछताछ करेगी ही क्यों. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस गिरोह पर अकेले मालदा जिले से 16 युवक-युवतियों को एमइएस में नौकरी देने का झांसा देकर 70 लाख रूपया ऐंठने का आरोप है.
दार्जिलिंग जिला के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित पी. जावलगी ने खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि इस गोरखधंधे को चलाने के आरोप में एक युवक मोहम्मद आफाक को गिरफ्तार किया गया है. इसी मामले में फांसीदेवा क्षेत्र के तृकां के नेता आइनूल हक से भी पुलिस ने पूछताछ की है. इस मामले में कई तृकां नेताओं का नाम सामने आ रहा है. पुलिस मामले की गहन तफ्तीश कर रही है. आरोपी चाहे जो भी क्यों न हो, किसी को बख्शा नहीं जायेगा.
