एनबीएसटीसी की बसें न होने से दूरदराज के लोग परेशान
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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जलपाईगुड़ी. नॉर्थ बंगाल स्टेट ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनबीएसटीसी) पर आरोप लगा है कि जहां जरूरत है वहां बस नहीं चलवा रहा और जहां जरूरत नहीं है वहां एनबीएसटीसी की बसें दौड़ रही हैं. इसे लेकर तृणमूल के अंदर से ही विरोध के स्वर उठे हैं. माल, मेटली और नागराकाटा इन तीन ब्लॉकों के लिए परिवहन सेवा […]
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जलपाईगुड़ी. नॉर्थ बंगाल स्टेट ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनबीएसटीसी) पर आरोप लगा है कि जहां जरूरत है वहां बस नहीं चलवा रहा और जहां जरूरत नहीं है वहां एनबीएसटीसी की बसें दौड़ रही हैं. इसे लेकर तृणमूल के अंदर से ही विरोध के स्वर उठे हैं. माल, मेटली और नागराकाटा इन तीन ब्लॉकों के लिए परिवहन सेवा बहुत खराब है. इन इलाकों के लोग एनबीएसटीसी से बस परिसेवा की मांग कर रहे हैं. 2013 में जब आदिवासी विकास परिषद के दबंग नेता सुकरा मूंडा तृणमूल में शामिल हुए थे तब घाठिया चाय बागान के इस नेता को उपहार स्वरूप इस बागान से एनबीएसटीसी की दो गाड़ी चालू की गयी थीं. लेकिन दो-तीन महीने के बाद ही यात्रियों की अभाव की बात कर इन दोनों गाड़ियों को हटा लिया गया. इन तीन ब्लॉकों में आज भी दूरदराज के 11 इलाके ऐसे हैं जहां एक भी गाड़ी नहीं दी गयी है.
घाठिया चाय बागान से बसें हटा लेने को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ है. एनबीएसटीसी के चेयरमैन ने बताया कि भविष्य में उक्त 11 इलाकों के लिए भी बस परिसेवा चालू की जायेगी.एनबीएसटीसी चेयरमैन तथा जलपाईगुड़ी एवं अलीपुरद्वार जिलों के अध्यक्ष सौरभ चक्रवर्ती ने बताया कि कुछ ही दिन पहले ही चुनाव आयोग ने चुनाव के लिए बसें उठवा ली हैं.
चुनाव संपन्न हो जाने के बाद वहां फिर से बस सेवा शुरू हो जायेगी. दूर-दराज के इलाकों में भी बस सेवा शुरू करने की योजना है. बार-बार फोन करने के बाद भी तृणमूल नेता सुकरा मूंडा से संपर्क नहीं हो पाया.
घाठिया चाय बागान के आईएनटीटीईयूसी के एक पदाधिकारी श्रीमान यादव ने बताया कि 2013 में सुकरा मूंडा के तृणमूल में शामिल होने के बाद बागान से दो सरकारी बसें चालू हुई थीं. लेकिन किन्हीं कारणों से ये बसें बंद हो गयीं. नागराकाटा ब्लॉक के तृणमूल कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष अमिताभ बसु ने बताया कि यात्रियों के अभाव में इन बसों को हटाये जाने की चरचा सुनी है.
नागराकाटा विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक जोसेफ मुंडा ने कहा कि इस सरकार के काम करने का तरीका यही है. जहां बस की जरूरत है, वहां बस नहीं दी जाती और जहां कोई मतलब नहीं है, वहां बस चला दी जाती है. इसी कारण कुछ दिनों में बस को हटाना पड़ता है. दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को सरकारी बस परिसेवा के अभाव में काफी परेशानी उठानी पड़ती है.
नागराकाटा ब्लॉक में एक दूर-दराज का इलाका बामनडांगा चाय बागान है. नागराकाटा से उसकी दूरी 20 किलोमीटर है. इसमें 12 किलोमीटर का रास्ता जंगल से गुजरता है. स्कूल-कॉलेज जाना हो या फिर कोई छोटा-मोटा काम सभी को नागराकाटा ही आना पड़ता है. यही हाल लालझमेला, अपर चेंगमारी, हिला, केरन, मेटली के नाकाटी, इंगू, माल ब्लॉक के निदाम, डालिमकोट और गुरजझोड़ा इलाकों का है. स्कूल-कॉलेज जाना हो या कोई प्रशासनिक काम-काज इन सभी इलाकों के लोगों का पूरा दिन आने-जाने में ही नष्ट हो जाता है. आर्थिक बोझ अलग से पड़ता है. लोगों को छोटी गाड़ियों से चलना पड़ता है जिसमें काफी किराया लगता है. इसीलिए इन इलाकों के लोग सरकारी बस परिसेवा की मांग कर रहे हैं.
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