शहर में बांटे गये परचे

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मोरचाबंदी. डॉ अग्रवाल के विरुद्ध हुआ नॉर्थ बंगाल शेयर ब्रोकर्स एसो. लगाया मनमानी करने का आरोप सिलीगुड़ी : नॉर्थ बंगाल शेयर ब्रोकर्स एसोसिएशन ने सिलीगुड़ी के विख्यात समाजसेवी व नामी चिकित्सक डॉ आरके अग्रवाल के विरूद्ध मोरचा खोल दिया है. एसोसिएशन ने डॉ अग्रवाल पर 25 वर्षों से मनमानी करने एवं संगठन के विरूद्ध अवैध […]

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मोरचाबंदी. डॉ अग्रवाल के विरुद्ध हुआ नॉर्थ बंगाल शेयर ब्रोकर्स एसो.
लगाया मनमानी करने का आरोप
सिलीगुड़ी : नॉर्थ बंगाल शेयर ब्रोकर्स एसोसिएशन ने सिलीगुड़ी के विख्यात समाजसेवी व नामी चिकित्सक डॉ आरके अग्रवाल के विरूद्ध मोरचा खोल दिया है. एसोसिएशन ने डॉ अग्रवाल पर 25 वर्षों से मनमानी करने एवं संगठन के विरूद्ध अवैध कार्य करने का आरोप लगाते हुए शनिवार को पूरे शहर में परचा बंटवाया.
परचे में साफ-साफ उल्लेख है कि एसोसिएशन ने डॉ अग्रवाल से भवन निर्माण के लिए 25 कट्ठा जमीन खरीदी थी लेकिन उन्होंने आज तक जमीन की रजिस्ट्री नहीं की. अब उन्होंने एसोसिएशन के आंखों में धूल झोंककर पूरे भवन को ही किराये पर लगा दिया है और अवैध रूप से भाड़ा वसूल रहे हैं. परचा वितरण के बाद से ही पूरे शहर में खलबली मच गयी है और इसको लेकर चर्चा का विषय बन गया है.
क्या है पूरा मामला
एसोसिएशन ने परचे के माध्यम से डॉ अग्रवाल पर कइ आरोप लगाया है. उसमें कहा गया है सौ सदस्यों के साथ सिलीगुड़ी शहर में 1991 में नॉर्थ बंगाल शेयर ब्रोकर एसोसिएशन की नींव डाली गयी थी. इसी दौरान एसोसिएशन ने अपना भवन बनाने के लिए सेवक रोड में मदन गंगा नर्सिंग होम के सामने 25 कट्ठा जमीन डॉ आरके अग्रवाल से 25 लाख रूपये में खरीदी थी.
इस बाबत एसोसिएशन ने पूरा भुगतान भी डॉ अग्रवाल एवं उनकी पत्नी डॉ कृष्णा अग्रवाल को बैंक एकाउंट पेयी चेक द्वारा किया गया. जमीन खरीद के बाद यहां भवन का निर्माण हुआ और कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज ने इसका अनुमोदन किया. पांच वर्षों तक यहां एसोसिएशन की सभा होती रही व अन्य कार्यक्रम भी आयोजित होते रहे. अचानक शेयर बाजार का रूख खराब होने से यहां स्टॉक एक्सचेंज का काम धीमा पड़ गया और 2006 तक एसोसिएशन की गतिविधि भी धीमी पड़ती चली गयी.
इस दौरान जमीन की रजिस्ट्री के मुद्दे पर डॉ अग्रवाल टालमटोल करते रहे और जल्द रजिस्ट्री करा देने का केवल दिलासा देते रहे. एसोसिएशन का आरोप है कि डॉ अग्रवाल ने आजतक जमीन एसोसिएशन के नाम से रजिस्ट्री नहीं की है़ आरोप लगाया गया है कि अब उन्होंने भवन और कैम्पस को किराये पर लगा दिया है.
खाली जमीन पर अवैध रूप से कच्चे मकान बनाकर कई ट्रांसपोर्टरों को भी भाड़े पर दे दिया गया है. बदले में डॉ अग्रवाल प्रतिमाह करीब 80 हजार रूपये किराया प्रतिमाह वसूल रहे हैं. एसोसिएशन का कहना है कि यह किराया संगठन के खाते में जमा होना चाहिए.
क्या कहना है एसोसिएशन के पदाधिकारियों का
प्रभात खबर ने इस मुद्दे पर एसोसिएशन के अध्यक्ष आरपी चौधरी व सचिव श्याम लाल अग्रवाल से मोबाइल फोन पर संपर्क करने की काफी कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका. एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष निर्मल कुमार अग्रवाल ने डॉ अग्रवाल पर मनमानी करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि एक सच्चे दोस्त के नाते मैंने खुद डॉ अग्रवाल को कई बार समझाया लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी. वह हमेशा टालमटोल करते गये. श्री अग्रवाल ने कहा कि बाध्य होकर एसोसिएशन ने उनकी असलियत पूरे समाज के सामने रखी है. अब समाज का जो निर्णय होगा उसे एसोसिएशन मानने के लिए तैयार है.
डॉ आरके अग्रवाल का एसोसिएशन को करारा जवाब : डॉ आरके अग्रवाल ने अपने उपर लगाये आरोपों को खारिज करते हुए एसोसिएशन को करारा जवाब दिया है. उनका कहना है कि अगर मैंने कोई गैरकानूनी कार्य किया है तो कोर्ट में मामला करें. उन्हें और उनकी पत्नी का बेवजह नाम घसीटा जा रहा है.
उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है. डॉ अग्रवाल ने कहा कि यह पूरी साजिश एकमात्र एसोसिएशन के निर्मल कुमार अग्रवाल की रची है और जरूरत पड़ने पर वह उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाही भी करेंगे.
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