भूख और बीमारी से रिटायर्ड चाय श्रमिक ने दम तोड़ा

Updated:
विज्ञापन

सिलीगुड़ी़: डुवार्स के एक चाय बागान में फिर एक चाय श्रमिक की मौत हो गयी है़ इस मौत की घटना के बाद से यहां सनसनी फैली हुइ है़ प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को तड़के बागराकोट चाय बागान के टॉप लाइन में एक रिटायर्ड चाय श्रमिक की मौत हो गयी़ मृतक का नाम कालू तामांग […]

विज्ञापन
सिलीगुड़ी़: डुवार्स के एक चाय बागान में फिर एक चाय श्रमिक की मौत हो गयी है़ इस मौत की घटना के बाद से यहां सनसनी फैली हुइ है़ प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को तड़के बागराकोट चाय बागान के टॉप लाइन में एक रिटायर्ड चाय श्रमिक की मौत हो गयी़ मृतक का नाम कालू तामांग (82) बताया गया है़ वह काफी दिनों से बीमार था़.

प्रशासन का कहना है कि बुढ़ापे की वजह से श्रमिक की मौत हुई है़ लेकिन मृतक श्रमिक के परिवार वाले यह मानने के लिए तैयार नहीं हैं. परिवार वालों का आरोप है कि भूख और बीमारी की वजह से कालू की मौत हुई है़ वह काफी दिनों से बीमारी था़ आर्थिक तंगी की वजह से उसकी चिकित्सा नहीं कराई जा सकी़ इसबीच,शनिवार को माकपा के राज्यसभा सांसद रीतब्रत बनर्जी बागराकोट चाय बागान के दौरे पर गये.

उन्होंने मृतक के परिवार वालो से मुलकात की़ इस मौके पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ मोरचा खोला और चाय श्रमिकों की मौत के लिए राज्य की ममता बनर्जी सरकार को जिम्मेदार ठहराया़ बागान सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कालू को लीवर की बीमारी थी़ पैसे की कमी की वजह से परिवार वाले उसका इलाज नहीं करा पा रहे थे़ दुर्गा पूजा के बाद उत्तर बंगाल विकास मंत्री इस चाय बागान के दौरे पर आए थे़ तब उन्होंने बीमारी कालू से मुलकात की थी और उसे माल महकमा अस्पताल में भरती कराया था़ परिवार वालों का कहना है कि कुछ दिन बाद ही डॉक्टरों ने उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी़ वह पूरी तरह से स्वस्थ भी नहीं हुआ था़ आखिकार शनिवार को तड़के उसकी मौत हो गयी़ परिवार वालों का कहना है कि उसी के कमाई से घर का खर्च चलता था़ नौकरी से अवकाश ग्रहण के बाद वह बीच बीच में बीमार हो जाता था़ गरीबी और पैसे की कमी से इलाज करवाना संभव नहीं था़.

बागान बंद होने के बाद से परिवार के अस्थायी कर्मचारियों की नौकरी भी चली गयी़ गरीबी की वजह से दो वक्त का भोजन तक मिलना मुश्किल है़ बागान सूत्रों का कहना है कि दुर्गा पूजा से लेकर अबतक सात चाय श्रमिकों की मौत हो चुकी है,जबकि पिछले 9 महीने में करीब 26 चाय श्रमिक मारे जा चुके हैं.

इससे पहले इस चाय बागान का दौरा करने से पहले माकपा नेता रीतव्रत बनर्जी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला़ उन्होंने कहा कि राज्य में चाय श्रमिकों की मौत हो रही है और मुख्यमंत्री उत्सव में व्यस्त हैं. उन्होंने उत्तर बंगाल को स्विट्जरलैंड बनाने का वादा किया था,लेकिन उत्तर बंगाल क्या बन गया यह सभी लोग देख रहे हैं.उन्होंने कहा कि वहलोग पार्टी की ओर से चाय श्रमिकों के लिए धन संग्रह कर रहे हैं. इस राशि से चाय श्रमिकों की मदद की जायेगी़ दूसरी तरफ जलपाईगुड़ी के सीएमओएच प्रकाश मृधा का कहना है कि भूख की वजह से कालू तामांग की मौत नहीं हुई है़ वह काफी दिनो से बीमार था, इसी वजह से उसकी मौत हो गयी है़

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola