मेटल डिटेक्टर गेट पर भी लापरवाही
सिलीगुड़ी : पिछले दिनों पंजाब में हुए आतंकवादी हमले के बाद पूरे उत्तर बंगाल के साथ-साथ न्यू जलाईगुड़ी स्टेशन (एनजेपी) की सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद कर दी गई थी.
डॉग स्क्वाड के साथ आरपीएफ जवानों की हर ओर कड़ी निगरानी बरती जा रही थी, लेकिन दो दिन बीतने के बाद ही एनजेपी स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर से राम भरोसे है. हाल ही में पूर्वोत्तर सीमा रेलवे के कटिहार डिवीजन के आरपीएफ के सबसे बड़े आला अधिकारी मोहम्मद शाकिब एनजेपी स्टेशन के दौरे पर आये थे.
तब उन्होंने एनजेपी स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था बागडोगरा एयरपोर्ट के तर्ज पर करने की बात कही थी. उनके जाने के कुछ दिनों बाद ही यहां का आलम दूसरा है.
सामानों की चेकिंग के लिए फूट ओवरब्रिज पर लगाये गये स्कैनर मशीन का उपयोग लगभग नहीं के बराबर हो रहा है.
हालांकि इस स्कैनर मशीन के पास आरपीएफ के एक जवान की हर समय तैनाती रहती है. उसके बाद भी यात्री अपने सामानों को बगैर स्कैनर मशीन में डाले आगे निकल जाते हैं.
इसकी वजह से सामानों की जांच नहीं हो पाती. आम यात्री स्कैनर मशीन में अपने सामानों की जांच करायें, इसके लिए उन्हें बाध्य नहीं किया जाता.
अगर स्कैनर मशीन के मामले में ही इतनी बड़ी लापरवाही हो, तो स्टेशन की सुरक्षा बागडोगरा एयरपोर्ट के तर्ज पर किये जाने का दावा पूरी तरह से खोखला साबित होगा.
एयरपोर्ट पर सीआरपीएफ की तैनाती होती है और बगैर सुरक्षा जांच की एक मामूली बैग को भी विमान में ले जाने नहीं दिया जाता. बगैर स्कैनर मशीन में जांच कराये आप कुछ भी लेकर विमान से नहीं जा सकते.
दूसरी तरफ एनजेपी स्टेशन में स्कैन मशीन लगाये जाने के बाद भी उसका ठीक से उपयोग नहीं हो पा रहा है.इस मुद्दे पर जब हमारे संवाददाता ने स्कैन मशीन के पास तैनात आरपीएफ के जवान से जानकारी प्राप्त करनी चाही, तो उसने बताया कि स्कैनर मशीन इस महीने की 20 तारीख से खराब है और इसी वजह से सामानों की जांच नहीं की जा रही है. दूसरी तरफ एनजेपी में आरपीएफ के प्रभारी इंस्पेक्टर इंचार्ज मनोहर प्रसाद ने इसका खंडन किया है.
मनोहर प्रसाद का कहना है कि एनजेपी स्टेशन पर लगाये गये दोनों स्कैनर मशीन पूरी तरह से ठीक है.श्री प्रसाद अभी सरकारी कार्य से गुवाहाटी में हैं. जब इस ओर उनका ध्यान दिलाया गया, तो उन्होंने कहा कि वह एनजेपी पहुंचने के बाद इस मामले की जांच करेंगे. सिर्फ स्कैनर मशीन के पास ही ऐसी स्थिति नहीं है.
स्टेशन में प्रवेश के लिए जहां मेटल डिटेक्टर गेट लगाये गये हैं, वहां भी सुरक्षा जांच में लापरवाही बरती जा रही है. मेटल डिटेक्टर गेट लगाये जाने के बाद भी भारी संख्या में यात्री साइड से निकल जाते हैं और उनको रोक-टोक करने वाला कोई नहीं है.
यहां उल्लेखनीय है कि एनजेपी स्टेशन पूर्वोत्तर के प्रमुख स्टेशनों में शुमार है और यह सुरक्षा की दृष्टि से भी अतिसंवेदनशील है. अतीत में यहां बम विस्फोट जैसी घटनाएं हो चुकी हैं.
इस बीच, आरपीएफ के आइसी मनोहर प्रसाद का कहना है कि एनजेपी में सुरक्षा में कहीं से भी कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है. पंजाब में हुए आतंकी हमले तथा 15 अगस्त के मद्देनजर स्टेशन परिसर में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किये गये हैं. डॉग स्क्वाड की मदद से विभिन्न ट्रेनों की जांच की जा रही है.
इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे की अलग से मोनिटरिंग करायी जा रही है. वहां 24 घंटे आरपीएफ के जवान की तैनाती की गई है. शिफ्टिंग के माध्यम से आरपीएफ के जवान यहां काम कर रहे हैं. स्कैनर मशीन तथा मेटल डिटेक्टर गेट के सामने आरपीएफ के जवानों की संख्या बढ़ाने की भी उन्होंने बात कही.
उन्होंने कहा कि अभी स्कैनर मशीन के सामने सिर्फ एक जवान को तैनात किया जाता है. अब यहां तीन जवानों की तैनाती की जायेगी, ताकि स्टेशन परिसर में प्रवेश करने वाले सभी यात्रियों के सामानों की जांच हो सके.
