जान हथेली पर लेकर नदी पार करते हैं यात्री
हुगली. तेलिनीपाड़ा-श्यामनगर फेरीघाट पर जान हथेली पर लेकर यात्री हर रोज नदी पार कर रहे हैं. नदी मेंं भाटा के दौरान लगभग दो-तीन घंटे यह फेरी घाट बंद रह रहा है. ऐसे में लोग मछली मरनेवाले डेंगी से नदी पार करने के लिए मजबूर हो रहे हैं. डेंगीवाले उनसे नदी पार होने के लिए औने-पौने […]
यहां से पार नहीं करने पर यात्रियों को मजबूरन सात किलोमीटर दूर चंदननगर के ढबड़बिया घाट या फिर भद्रेश्वर के कंगाली घाट और बाबूघाट से नदी पार होना पड़ रहा है. सबसे ज्यादा परेशानी रोजाना इस घाट से पार करनेवाले नियमति यात्रियों को हो रही है. पिछले हफ्ते नदी में तेज ज्वार आने से लगभग 40-50 मीटर लंबी लकड़ी की जेटी का कुछ हिस्सा सामने से टूट जाने के कारण तेलिनीपाड़ा-श्यामनगर फेरीघाट पार करनेवाले हजारों साधारण यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. भाटा के दौरान लगभग तीन से चार घंटे हर रोज घाट बंद रह रहा है. हुगली जिला परिषद इस फेरीघाट की देखभाल करती है.
किराया बढ़ाये जाने के बाद भी यात्री परिसेवा व सुरक्षा के इंतजाम दिनोदिन असुरिक्षत होते जा रहे हैं. यात्रियों ने आरोप लगाया कि बीते साल 12 जुलाई को इस फेरीघाट में नौका डूबने से एक छात्र सहित दो यात्रियों की मौत हो गयी थी. फिर भी घाट प्रबंधन ने पिछली घटना से कोई सीख नहीं ली. आरोप यह भी है कि साल 2004 में तीन वर्षो के लिए 42 लाख रु पये में नीलाम होनेवाली इस फेरीघाट की नीलामी की रकम साल 2011 में राज्य के सबसे महंगी नीलामी की राशि लगभग 1 करोड़ 60 लाख रुपये हो गयी व यात्री किराया भी डेढ़ रुपये से बढ़ कर ढ़ाई रुपये कर दिया गया था, जो अब चार रुपये कर दिया गया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










