जलपाईगुड़ी के दिनबाजार में आग, 150 दुकानें खाक

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जलपाईगुडी़ : जलपाईगुड़ी शहर में अब तक की सबसे बड़ी आग लगने की घटना में 150 दुकानें स्वाहा हो गयीं. इतना ही नहीं, बाजार के विभिन्न दुकानों में अवैध रूप से एकत्रित किये गये पटाखों के जलने व फटने की आवाजों से रात भर लोग दहशत में रहे. हवा में बारुद की गंद फैल गयी. […]

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जलपाईगुडी़ : जलपाईगुड़ी शहर में अब तक की सबसे बड़ी आग लगने की घटना में 150 दुकानें स्वाहा हो गयीं. इतना ही नहीं, बाजार के विभिन्न दुकानों में अवैध रूप से एकत्रित किये गये पटाखों के जलने व फटने की आवाजों से रात भर लोग दहशत में रहे. हवा में बारुद की गंद फैल गयी.
इससे दिल के मरीजों को काफी परेशानी हुई. गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक लोग दहाशत में रहे. देर रात आग पर काबू पा लिये जाने के बाद फिर से बुझी हुईं चिंगारियों में पहले धुआं व बाद में पटाखे की आवाज सुनायी देने से लोग फिर से आतंकित हो गये. पुलिस-प्रशासन, स्थानीय लोग व दमकल के साथ-साथ मीडिया के लोग भी रात भर जगे रहे.
कौन-कौन पहुंचे मदद को
उत्तर बंगाल के आइजी ज्ञानवंत सिंह व जलपाईगुड़ी पुलिस अधीक्षक आभारू रवींद्रनाथ भी वहां पहुंच गये. आभारू रवींद्रनाथ को एक ओर सुरक्षा का कमान संभालते देखा गया, तो दूसरी ओर आग बुझाने के लिए दमकल कर्मचारियों की मदद करते भी देखा गया.
नगरपालिका के भावी चेयरमैन मोहन बसु भी आग बुझने तक घटनास्थल पर डटे रहे. गुरुवार रात से शुक्रवार तड़के तक घटनास्थल पर चार व पांच नंबर वार्ड के नव निर्वाचित पार्षद निपु साहा व संदीप महतो उपस्थित थे. जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि क्षति का आंकड़ा अभी बताना संभव नहीं है. आग कैसे लगी इसकी जांच की जायेगी.
क्या कहना है जिला व्यवसायी समिति का
जलपाईगुड़ी जिला व्यवसायी समिति के संयुक्त सचिव शांतनु बोस ने बताया कि दिनबाजार का टिनशेड इलाका काफी संकरा है. बाजार के अंदर दमकल के इंजन के जाने की व्यवस्था नहीं है. बाजार की दुकानों में भी अगिAशमन व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
किसने बाजार में पटाखों का जखीरा रखने की अनुमति दी थी. इसकी जांन होगी. उन्होंने नगरपालिका व प्रशासन से मामले की जांच का अनुरोध किया. करीब 30 से 40 लाख रुपये की आतिशबाजी थी. बाजार की सात दुकानों में आतिशबाजी की बिक्री होती थी.
क्या कहना है दमकल का
जलपाईगुड़ी दमकल विभाग के ऑफिसर इंचार्ज प्लाबन मोदक ने बताया कि आतिशबाजी के कारण आग बुझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. साथ ही दिनबाजार के अंदर दमकल का इंजन घुस नहीं पाने के कारण आग बुझाने में ज्यादा दिक्कतें हुई.आग बुझाने में दमकल कर्मचारियों के पसीने छूट गये. नुकसान का आंकड़ा जांच के बाद ही बताया जा सकेगा.
चेयरमैन मोहन बोस ने क्या कहा
जलपाईगुड़ी नगरपालिका के निवर्तमान व भावी चेयरमैन मोहन बोस ने बताया कि वह जब चेयरमैन थे, तब उन्होंने किसी को दुकान में पटाखे रखने की अनुमति नहीं दी थी. सिर्फ यही नहीं, दिनबाजार में स्प्रिट का व्यवसाय करने की भी अनुमति नहीं दी थी. उन्होंने मामले की जांच व दोषियों की सजा की मांग की. उन्होंने बताया कि कुछ असाधु व्यवसायियों के चलते दिनबाजार के सैकड़ों व्यवसायियों का नुकसान हो गया. दमकल अगर वक्त पर नहीं पहुंचती, तो सैकड़ों दुकान खाक हो जातीं.
व्यवसायियों की बात
दूसरी ओर, दिनबाजार के व्यवसायियों का कहना है कि बाजार की विभिन्न दुकानों में चोरी-छीपे आतिशबाजी का कारोबार चलता है. प्रशासन को अवगत कराये जाने के बावजूद कोई फायदा नहीं हुआ. प्रशासन की ओर से अगर समय पर सख्त कदम उठाया जाता, तो आज दिनबाजार में इस तरह की घटना नहीं घटती.
कैसे पाया गया काबू
आग की खबर मिलते ही स्थानीय दमकल व पुलिस कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे. आग बुझाने के लिए जलपाईगुड़ी के तीन दमकल इंजन काफी नहीं थे, इसलिए सिलीगुड़ी, मालबाजार, फालाकाटा, मैनागुड़ी, हल्दीबाड़ी, मेखलीगंज, माटीगाड़ा, कूचबिहार व धूपगुड़ी केंद्रों से भी दमकल की गाड़ियां मंगवायी गयीं.
दमकल की कुल 13 इंजनों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका. आग बुझाने में करीब सात घंटे लगे. दमकल कर्मचारियों के साथ स्थानीय व्यवसायियों को भी आग बुझाने की कोशिश करते देखा गया. आग जब एक दुकान से दूसरी दुकान में फैल रही थी, तब दुकानदारों को दुकानों से सामान भी हटाते देखा जा रहा था.
कैसे लगी आग
स्थानीय व्यवसायियों के अनुसार, गुरुवार रात को दिनबाजार के टिनशेड इलाके के एक पटाखे की दुकान से धुआं निकलते देखा गया. देखते ही देखते दुकान में आग लग गयी और आसपास के दुकानों को अपनी गिरफ्त में ले लिया. दिनबाजार के करीब 150 दुकानें आग में जल गयीं.
इनमें कपड़े, किराने, स्टेशनरी आदि की दुकानें थीं. आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि करीब दो-तीन किलोमीटर दूर से भी आग की लपटें नजर आ रही थीं. इधर, पटाखों में आग लगने से वे रात भर तेज आवाज के साथ फटते रहे. डर के मारे लोग घर-द्वार छोड़ कर सड़क पर आ गये. शुक्रवार सुबह भी आग में पटाखे फटने की आवाजें सुनायी दे रही थीं.
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