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नगरपालिका चुनाव हुआ तो गोरामुमो गठित करेगा बोर्ड : अजय एडवर्ड

Updated at : 03 Feb 2020 2:00 AM (IST)
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नगरपालिका चुनाव हुआ तो गोरामुमो गठित करेगा बोर्ड : अजय एडवर्ड

कहा, विश्वासघात करनेवालों को वोट नहीं देगी जनता दार्जिलिंग : विजनबारी के सार्वजनिक भवन में रविवार को गोरामुमो की सभा आयोजित की गयी. आयोजित सभा में गोरामुमो दार्जिलिंग ब्रांच कमेटी के अध्यक्ष एवं केंद्रीय कमेटी सदस्य अजय एडवर्ड खासतौर पर मौजूद रहे. वहीं अन्य केंद्रीय नेताओं में गोरामुमो केंद्रीय कमेटी सदस्य किशोर गुरूंग व महेंद्र […]

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कहा, विश्वासघात करनेवालों को वोट नहीं देगी जनता

दार्जिलिंग : विजनबारी के सार्वजनिक भवन में रविवार को गोरामुमो की सभा आयोजित की गयी. आयोजित सभा में गोरामुमो दार्जिलिंग ब्रांच कमेटी के अध्यक्ष एवं केंद्रीय कमेटी सदस्य अजय एडवर्ड खासतौर पर मौजूद रहे. वहीं अन्य केंद्रीय नेताओं में गोरामुमो केंद्रीय कमेटी सदस्य किशोर गुरूंग व महेंद्र छेत्री भी उपस्थित रहे. आयोजित सभा को संबोधित करते हुए गोरामुमो नेता अजय एडवर्ड ने कहा कि दार्जिलिंग नगरपालिका का चुनाव हुआ तो गोरामुमो बोर्ड गठन करेगा.

मिली जानकारी के अनुसार सभा के शुभारंभ में गोरामुमो के संस्थापक अध्यक्ष स्व. सुवास घीसिंग की तस्वीर पर दीप जलाकर एवं खादा अर्पित किया गया. आयोजित सभा को संबोधित करते हुए गोरामुमो दार्जिलिंग ब्रांच कमेटी के अध्यक्ष अजय एडवर्ड ने कहा कि दार्जिलिंग नगरपालिका के चुनाव कराने की चर्चा चल रही है.

यदि सरकार ने दार्जिलिंग नगरपालिका का चुनाव कराया तो गोरामुमो का बोर्ड बनना तय है. दार्जिलिंग की जनता गोर्खा जाति से विश्वासघात करने वालों को वोट कभी नहीं देगी. इसका प्रमाण विगत कुछ माह पहले सम्पन्न हुए लोकसभा चुनाव और दार्जिलिंग विधानसभा के उप चुनाव में दार्जिलिंग के मतदाताओ ने दे दिया है. श्री एडवर्ड ने कहा कि 2017 में दार्जिलिंग पार्वतीय क्षेत्र में हुये जन आंदोलन को दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र के एक-एक जनता ने साथ दिया था, जिसके तहत पहाड़ में 105 दिनों तक आंदोलन जारी रहा था.

लेकिन अपने आपको गोर्खा का शुभचिंतक बताने वालों ने राज्य सरकार के साथ मिलकर जन आंदोलन को फीका साबित कर दिया था. पहाड़ की जनता उन बातों को भूली नहीं है. इसका जबाब पिछले लोकसभा चुनाव और दार्जिलिंग विधानसभा के उपचुनाव में पहाड की जनता दे चुकी है. फिर चुनाव होने पर उसी तरह का जवाब पहाड़ की जनता उनलोगों को देगी.

उन्होंने कहा कि अपने आप को गोर्खाओं का शुभचिंतक बतानेवालों ने जीटीए के छह-छह माह के टपअप वाउचर डालकर जीटीए संचालन करने का काम करती आ रही है और पहाड़ की जनता को लुभाने के लिए विकास का प्रलोभन दिखा रही है. लेकिन इसके बावजूद भी पहाड़ की जनता ने उनलोगों को स्वीकार नहीं किया.

आज के दिन में भी पहाड़ में किसी प्रकार का चुनाव हुआ तो उनलोगों की हार तय है. जिनलोगों ने एवं जिस राजनैतिक दलों ने गोर्खालैंड का विरोध किया है और गोर्खाओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है, उनलोगों को पहाड़ की जनता ने आज तक स्वीकार नहीं किया है.

पिछले 1986 साल में हुये गोर्खालैंड आन्दोलन का विरोध किया था, लेकिन उनलोगों को बाद में अपने गलती को एहसास हुआ और गलती सुधारने के लिए पिछले 30 से 40 साल से निरंतर रूप में प्रयास करते आ रही है. लेकिन आज तक उन राजनैतिक दल एवं नेतृत्वगणों को पहाड़ की जनता ने स्वीकार नहीं किया है. सभा को गोरामुमो केन्द्रीय वरिष्ठ कार्यकर्ता किशोर गुरूंग, महेन्द्र छेत्री आदि ने भी सम्बोधित किया.

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