कमल खिलाने की जुगत में सिक्किम पहुंचे राम माधव
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :17 Sep 2019 2:59 AM (IST)
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सिक्किम के दो दिवसीय दौरे पर हुए रवाना बागडोगरा :एसडीएफ के 13 विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद सिक्किम में कमल खिलाने की जुगत में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव सोमवार को बागडोगरा पहुंचे. बागडोगरा में श्री माधव का स्वागत सिक्किम भाजपा के संयोजक सुदीप प्रधान ने किया. गुवाहाटी से बागडोगरा पहुंचे […]
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सिक्किम के दो दिवसीय दौरे पर हुए रवाना
बागडोगरा :एसडीएफ के 13 विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद सिक्किम में कमल खिलाने की जुगत में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव सोमवार को बागडोगरा पहुंचे. बागडोगरा में श्री माधव का स्वागत सिक्किम भाजपा के संयोजक सुदीप प्रधान ने किया. गुवाहाटी से बागडोगरा पहुंचे भाजपा महासचिव ने एयरपोर्ट के वीआईपी लाउंज भाजपा नेताओं से औपचारिक बातचीत की और सिक्किम के लिए रवाना हो गये.
सरकार बनाने की संभावनाओं को तलाशेंगे माधव: बीते विधान सभा चुनाव में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के सत्ता से बेदखल होने के बाद सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) के नेतृत्व में पीएस गोले राज्य के मुख्यमंत्री बने. इसके बाद एसडीएफ का जनाधार राज्य में दिन-प्रतिदिन कम होने लगा. इस मौके की नजाकत को समझते हुए पूर्वोत्तर के भाजपा प्रभारी व राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने एसडीएफ विधायकों की ओर पासा फेंका.
जिसके बाद बेहतरीन रणनीतिकार माने जाने वाले श्री माधव के प्रयास से एसडीएफ के 13 में से 10 विधायकों ने 12 अगस्त को भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली. इन दस विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद राम माधव का यह पहला सिक्किम दौरा है. लोकतंत्र आंकड़ों का खेल है और भाजपा फिलहाल सिक्किम की सत्ता में आंकड़ों से चंद कदम ही दूर है.
सिक्किम में सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़ा: सिक्किम विधानसभा में कुल 32 सीटें हैं. सरकार बनाने के लिए 17 सीटों की जरूरत हैं, लेकिन फिलहाल राज्य की तीन सीटों पर उपचुनाव होना है. अर्थात कुल 32 सीटों में सरकार बनाने के लिए आंकड़ों का खेल 29 सीटों पर ही होगा. जिसमें राज्य में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल को 15 सीटों की जरूरत पड़ेगी. एसडीएफ के 10 विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद अब सरकार बनाने के लिए पार्टी को पांच विधायकों की जरूरत पड़ेगी.
राज्य की तीन विधानसभा सीटों पर होना है उप चुनाव: पूर्व मुख्यमंत्री पवन चामलिंग व उनकी पार्टी के विधायक डीटी लेप्चा और एसकेएम के कुमा नीमा लेप्चा ने दो-दो सीटों पर चुनाव जीता था. इन तीनों ने एक-एक सीट से त्यागपत्र दे दिया है. अब इन्हीं खाली हुई तीनों विधानसभा की सीटों पर उपचुनाव होना है. सिक्किम विधानसभा में कुल 32 सीटें हैं. जिसमें फिलहाल सदन में 29 विधायक हैं.
पहले ही राम माधव ने दिया था बयान, सिक्किम में खिलेगा कमल: नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में एसडीएफ विधायकों के पार्टी की सदस्यता लेने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने साफ कर दिया था कि अब सिक्किम में भाजपा की सरकार बनेगी. अब तक सिक्किम को छोड़कर पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में भाजपा का सहयोगी दलों के साथ गठबंधन था. अब सिक्किम में एसडीएफ के विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद वहां भी सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया है.
सरकार बनाने में महारथ हासिल है राम माधव को: पूर्वोत्तर के भाजपा प्रभारी व महासचिव राम माधव को सरकार बनाने के गणित में महारथ हासिल है. पूर्वोत्तर के चाहे किसी भी राज्य में कमल अगर खिला है, तो उसमें प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से श्री माधव को ही इसका श्रेय जाता है. यहां तक कि जम्मू-कश्मीर के प्रभारी रहने के दौरान वहां भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन किया था. जिसमें पार्टी ने पीडीएफ के साथ मिलकर सरकार बनायी थी.
इसमें भाजपा को उपमुख्यमंत्री पद मिला था. बकौल राम माधव कहते रहे हैं कि चुनाव लड़ने से पहले उस राज्य को समझना पड़ता है. वे कहते हैं कि आज की तारीख में चुनाव कोई पारंपरिक प्रक्रिया नहीं रही. इसके लिए अच्छी रणनीति बनानी होती है. पूर्वोत्तर में लंबे समय से क्षेत्रीय पार्टियों का शासन रहा है. श्री माधव ने लोगों के बीच परिवर्तन की चाह को समझा और इसी पर काम करना शुरू किया. वे कहते हैं कि यदि हम अच्छा विकल्प मुहैया कराते हैं तो परिवर्तन को लोग बड़ी सहजता से अपनाएंगे.
हिन्दी प्रदेश की दीवारों को तोड़ भाजपा ने दी दस्तक: भाजपा ने हिन्दी प्रदेश की दीवारों को तोड़ उन राज्यों में भी जोरदार दस्तक दी, जहां आज़ादी के बाद से उसकी कोई मौजूदगी नहीं थी. खासकर पूर्वोत्तर भारत में जहां के लिए भाजपा अनजान पार्टी रही है. आज की तारीख में असम और मणिपुर में बीजेपी के मुख्यमंत्री हैं. इसके साथ ही नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी सरकार में सहयोगी पार्टी है. अब इस कड़ी में सिक्किम का नाम भी जोड़ने के लिए राम माधव जुट गये हैं. माना जाता है कि इसीलिए राम माधव अपने दो दिवसीय दौरे पर सिक्किम पहुंचे हैं.
पीएम नरेंद्र मोदी के हनुमान माने जाते हैं राम माधव: 2014 में संघ से भाजपा की मुख्य राजनीति में कदम रखने वाले राम माधव मूलत: आंध्र प्रदेश के निवासी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अमित शाह की तरह राम माधव भी काफी विश्वासपात्र हैं. पूर्वोत्तर में भाजपा की पहुंच बनाने में इस शख़्स की अहम भूमिका है. संघ में बाल स्वयंसेवक से शुरुआत करने वाला यह शख़्स आज बीजेपी के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिकारों में से एक है.
चामलिंग की पार्टी में बचे हैं तीन विधायक: सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन चामलिंग की पार्टी एसडीएफ अब चामलिंग को मिलाकर कुल तीन विधायक ही बचे हैं. चामलिंग 1994 से 2019 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे. 68 साल के चामलिंग लगातार सबसे ज्यादा वक्त (25 साल) तक मुख्यमंत्री रहने वाले इकलौते नेता हैं. उनकी 26 साल पुरानी पार्टी को 6 साल पहले बनी सिक्किम क्रांतिकारी पार्टी (एसकेएम) ने हराया था और प्रेम सिंह तमांग (पीएस गोले) मुख्यमंत्री बने.
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