भूमिहीन किसानों ने छह दिनों बाद तोड़ा अनशन

Updated at : 15 Aug 2019 1:51 AM (IST)
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भूमिहीन किसानों ने छह दिनों बाद तोड़ा अनशन

एक महीने में नौकरी पर विचार करने का मिला आश्वासन तृणमूल जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार कल्याणी ने पिलाया जूस जलपाईगुड़ी :मंगलवार को उत्तर कन्या में आन्दोलनरत भूमिहीन किसानों के पांच प्रतिनिधियों के साथ तृणमूल जिला महासचिव चंदन भौमिक ने बैठक की. सचिवालय में आयोजित बैठक में तृणमूल जिला महासचिव की उपस्थिति में नौकरी के आश्वासन पर […]

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एक महीने में नौकरी पर विचार करने का मिला आश्वासन

तृणमूल जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार कल्याणी ने पिलाया जूस
जलपाईगुड़ी :मंगलवार को उत्तर कन्या में आन्दोलनरत भूमिहीन किसानों के पांच प्रतिनिधियों के साथ तृणमूल जिला महासचिव चंदन भौमिक ने बैठक की. सचिवालय में आयोजित बैठक में तृणमूल जिला महासचिव की उपस्थिति में नौकरी के आश्वासन पर आखिरकार छह दिनों बाद अनशन खत्म हो गया. उन्हें आश्वासन दिया गया कि अगले एक महीने के भीतर भूमिहीनों की नौकरी मामले में विचार किया जायेगा.
तीस्ता सिंचाई योजना सहित कुछ और सरकार निर्माण कार्य के लिए जलपाईगुड़ी सदर, रायगंज, मयनागुड़ी, माल ब्लॉक के 70 किसानों से 600 बीघा जमीन ली गयी थी. 1974-94 साल के बीच तीन चरणों में किसानों को इस जमीन के लिए सरकारी तौर पर सामान्य मुआवजा भी मिला था. लेकिन उस समय भूमिदाताओं के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन भी दिया गया था. यह जानकारी जिला लैंड लूजर कमेटी के अध्यक्ष नजरूल हुसैन ने दी.
कुल जमीन में से 80 फीसदी तीस्ता सिंचाई योजना के काम में इस्तेमाल हुआ है. लेकिन वादे के मुताबिक किसी परिवार को सरकारी नौकरी नहीं मिली. इसे लेकर भूमिहीनों ने कई बार जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग सहित विभिन्न विभागों में शिकायत की लेकिन काम नहीं हुआ. मजबूरन ये क्षतिग्रस्त परिवार पहले रीले अनशन व बाद में जिला शासक के कार्यालय के बाहर आमरन अनशन पर बैठ गये.
बुधवार को राजगंज के विधायक खगेश्वर राय, चंदन भौमिक एवं तृणमूल जिला अध्यक्ष कृष्ण कुमार कल्याणी अनशन मंच पर जाकर जुस पिलाकर लोगों का अनशन रद करवाया. कृष्ण कुमार कल्याणी ने बताया कि राज्य सरकार को मामले की जानकारी देने के बाद मंगलवार को आन्दोलनकारियों के उत्तर कन्या में बुलाया गया. वहीं मुख्यमंत्री के सचिव स्तर के अधिकारी के माध्यम से आन्दोलनकारियों को आश्वसन दिया गया. उम्मीद है कि अगल एक महीने के भीतर राज्य सरकार कोई समाधान जरूर ढुंढेगी.
आन्दोलनकारी अनिमा राय ने कहा कि वह प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाकर परिवार चलाती है. इस आन्दोलन का कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई में नुकसान हो रहा है. वे ट्यूशन छोड़ रहे है. ऐसे में एक महीने के भीतर नौकरी की मांग पूरी नहीं हुई तो एक और समस्या शुरू हो सकती है. मांग पूरी ना होने पर फिर से आमरण अनशन किया जायेगा. जिला भाजपा व जिला कांग्रेस ने भी आन्दोलनकारियों का समर्थन किया है.
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